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हृदय विदारक घटना: दोस्ती में दुनिया को अलविदा कह गए 5 बच्चे, जब अर्थी उठी तो छाती पीटते रहे माता-पिता

First Published Mar 24, 2021, 11:51 AM IST
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हजारीबाग. झारखंड से एक ऐसी हृदय विदारक घटना सामने आई है, जिसने हर किस को झकझोर करके रख दिया है। यहां तालाब में नहाने गए पांच बच्चों की डूबने से मौत हो गई। सभी बच्चों की उम्र 12 से 13 साल के बीच है। मासूम आपस में गहरे दोस्त थे, दोस्ती भी ऐसी की उन्होंने एक-दूसरे को बचाने के लिए  एक-एक करके सभी ने छलांग लगा दी, लेकिन वह ना तो दूसरे को बचा सके और ना ही खुद बच सके। हादसे की जानकारी होते ही हड़कंप मच गया। चीख-पुकार से पूरे गांव में मातम पसर गया, माता-पिता अपने बच्चों का शव देख छाती पीट बिलख रहे थे।


दरअसल, यह दर्दनाक हादसा मंगलवार को हजारीबाग जिले के कटकमसांडी थाना क्षेत्र में हुआ, जहां चार अलग-अलग परिवारों के पांच बच्चे गदोखर गांव के तलाब में नहाने के लिए पहुंचे थे। जिसमें तीन लड़कियां और एक लड़का शामिल था, सबसे पहले 10 साल का रिशु कुमार डूबने लगा। उसे बचाने वहां मौजूद अन्य चार बच्चे तालाब में कूदे और सभी एक के बाद एक डूबते चले गए। मासूमों की पहचान 11 वर्षीय दुर्गा कुमारी, 13 वर्षीय निकिता कुमारी, 12 वर्षीय रिया कुमारी व 10 वर्षीय रिशु कुमार (दोनों आपस में सगे भाई थे) और 13 वर्षीय काजल कुमारी शामिल हैं।


दरअसल, यह दर्दनाक हादसा मंगलवार को हजारीबाग जिले के कटकमसांडी थाना क्षेत्र में हुआ, जहां चार अलग-अलग परिवारों के पांच बच्चे गदोखर गांव के तलाब में नहाने के लिए पहुंचे थे। जिसमें तीन लड़कियां और एक लड़का शामिल था, सबसे पहले 10 साल का रिशु कुमार डूबने लगा। उसे बचाने वहां मौजूद अन्य चार बच्चे तालाब में कूदे और सभी एक के बाद एक डूबते चले गए। मासूमों की पहचान 11 वर्षीय दुर्गा कुमारी, 13 वर्षीय निकिता कुमारी, 12 वर्षीय रिया कुमारी व 10 वर्षीय रिशु कुमार (दोनों आपस में सगे भाई थे) और 13 वर्षीय काजल कुमारी शामिल हैं।


घटना को देखते ही लोगों ने शोर मचाना शुरू कर दिया, देखते ही देखते पूरा गांव तलाब किनारे जमा हो गया। कई लोगों ने छलांग लगा दी, लेकिन उनके हाथ सिर्फ मासूमों के शव लगे। आनन-फानन में सभी को पास के अस्पताल ले जाया गया, लेकिन पहुंचते ही डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।


घटना को देखते ही लोगों ने शोर मचाना शुरू कर दिया, देखते ही देखते पूरा गांव तलाब किनारे जमा हो गया। कई लोगों ने छलांग लगा दी, लेकिन उनके हाथ सिर्फ मासूमों के शव लगे। आनन-फानन में सभी को पास के अस्पताल ले जाया गया, लेकिन पहुंचते ही डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

एक साथ पांच बच्चों की मौत से पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है, कई घरों में तो शाम को चूल्हे तक नहीं जले। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। इतना ही नहीं जिन डॉक्टरों ने बच्चों का पोस्टमार्टम किया उसकी भी आंखें नम थीं। सांत्वना देने के लिए पुलिस अफसरों से लेकर जनप्रतिनिधि पहुंचने लगे। लेकिन हर कोई इस हृदय विदारक घटना को देख भावुक था। 

एक साथ पांच बच्चों की मौत से पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है, कई घरों में तो शाम को चूल्हे तक नहीं जले। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। इतना ही नहीं जिन डॉक्टरों ने बच्चों का पोस्टमार्टम किया उसकी भी आंखें नम थीं। सांत्वना देने के लिए पुलिस अफसरों से लेकर जनप्रतिनिधि पहुंचने लगे। लेकिन हर कोई इस हृदय विदारक घटना को देख भावुक था। 


इस घटना का सबसे दुखद दृश्य उस वक्त था जब मासूमों की अर्थी बनाई जा रही थी। खेलने-कूदने की उम्र में जब इन बच्चों के शव की गठरी बनाई गई तो परिजनों के रुदन और चित्कार से पूरा गांव कांप उठा। जिस किसी ने इस अंतिम यात्रा को देखा वह उसमें रोते हुए बिना कुछ बोले पीछे-पीछे चल दिया। हर कोई यही कह रहा था कि हे भगवान ऐसा दुखों का पहाड़ और किसी परिवार पर ना टूटे।
 


इस घटना का सबसे दुखद दृश्य उस वक्त था जब मासूमों की अर्थी बनाई जा रही थी। खेलने-कूदने की उम्र में जब इन बच्चों के शव की गठरी बनाई गई तो परिजनों के रुदन और चित्कार से पूरा गांव कांप उठा। जिस किसी ने इस अंतिम यात्रा को देखा वह उसमें रोते हुए बिना कुछ बोले पीछे-पीछे चल दिया। हर कोई यही कह रहा था कि हे भगवान ऐसा दुखों का पहाड़ और किसी परिवार पर ना टूटे।
 

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मुख्य सचिव को कार्रवाई का निर्देश दिया है।  उन्होंने कहा कि घटना दुखदायी है। दुख की घड़ी में सरकार पीड़ित परिजनों के साथ है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मुख्य सचिव को कार्रवाई का निर्देश दिया है।  उन्होंने कहा कि घटना दुखदायी है। दुख की घड़ी में सरकार पीड़ित परिजनों के साथ है।


एक साथ एक जगह मौत के बाद माता-पिता ने एक ही साथ पांचों बच्चों की अंत्येष्टि की। इस तरह खेलने-कूदने वाले बच्चों ने अंतिम सफर भी साथ किया।
 


एक साथ एक जगह मौत के बाद माता-पिता ने एक ही साथ पांचों बच्चों की अंत्येष्टि की। इस तरह खेलने-कूदने वाले बच्चों ने अंतिम सफर भी साथ किया।
 

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