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ये तस्वीरें नक्सलियों की बौखलाहट को दिखाती हैं, इस बेटी ने नक्सली हमले में अपने पिता खोये थे..जानिए नया डर

First Published Jun 3, 2020, 10:31 AM IST
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लोहरदगा, झारखंड. यहां नक्सलियों ने आतंक फैलाने किस्को थानाक्षेत्र के पाखर बॉक्साइट माइंस में चार पोकलेन, दो कम्प्रेशर सहित कई वाहनों को फूंक दिया। यह हमला मंगलवार रात 11.15 बजे किया गया। बता दें कि यहां बीकेबी और बालाजी कंपनी खनन कार्य कर रही है। आशंका है कि इस हमले में करीब 5 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। एसपी प्रियंका मीणा ने इस हमले की पुष्टि की है। बताते हैं कि दर्जनभर नक्सली माइंस पहुंचे थे। नक्सली आतंक फैलाकर फिरौती वसूलते हैं। इस हमले से इलाके में दहशत का माहौल पैदा हो गया है। आशंका है कि यहां नक्सली फिर से अपने पैर पसारने में लगे हैं। घटना स्थल से भाकपा माओवादी का एक पर्चा मिला है। इसमें बॉक्साइट माइंस में उत्खनन करने वाली कंपनियों और ठेकेदारों को चेतावनी दी गई है कि वे मशीनों से काम बंद करके लोगों को रोजगार दें। आइए आगे देखते हैं नक्सलियों के आतंक से जुड़ीं कुछ पुरानी तस्वीरें..

पहली(ऊपर) की तस्वीर लोहरदगा में हुए नक्सली हमले की है। दूसरी तस्वीर अप्रैल, 2017 में छत्तीसगढ़ के सुकमा में नक्सली हमले में शहीद हुए जवान संजय कुमार की अंतिम सलामी की है। अपने पिता के अंतिम दर्शन करती उनकी बेटी। संजय कुमार हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला के रहने वाले थे। हर साल नक्सली हमले में कई जवानों को अपनी जान गंवानी पड़ती है।

पहली(ऊपर) की तस्वीर लोहरदगा में हुए नक्सली हमले की है। दूसरी तस्वीर अप्रैल, 2017 में छत्तीसगढ़ के सुकमा में नक्सली हमले में शहीद हुए जवान संजय कुमार की अंतिम सलामी की है। अपने पिता के अंतिम दर्शन करती उनकी बेटी। संजय कुमार हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला के रहने वाले थे। हर साल नक्सली हमले में कई जवानों को अपनी जान गंवानी पड़ती है।

लोहरदगा में नक्सलियों ने ऐसे मशीनों को फूंक दिया।

लोहरदगा में नक्सलियों ने ऐसे मशीनों को फूंक दिया।

यह तस्वीर महाराष्ट्र मार्केगांव की है। फरवरी, 2009 को नक्सलियों ने सड़क निर्माण रोकने मशीनों को फूंक दिया था।

यह तस्वीर महाराष्ट्र मार्केगांव की है। फरवरी, 2009 को नक्सलियों ने सड़क निर्माण रोकने मशीनों को फूंक दिया था।

महाराष्ट्र के गढ़चिरोली में नक्सली दहशत की गवाही देती तस्वीर। इसे 2009 में खींचा गया था।

महाराष्ट्र के गढ़चिरोली में नक्सली दहशत की गवाही देती तस्वीर। इसे 2009 में खींचा गया था।

यह तस्वीर छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा की है। राशन की दुकानों पर गांववालों की सुरक्षा के लिए पुलिस को सिविल यूनिफॉर्म तैनात किया जाता है। यह तस्वीर फरवरी, 2009 की है।
 

यह तस्वीर छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा की है। राशन की दुकानों पर गांववालों की सुरक्षा के लिए पुलिस को सिविल यूनिफॉर्म तैनात किया जाता है। यह तस्वीर फरवरी, 2009 की है।
 

यह तस्वीर झारखंड के लाथेर की है। नवंबर, 2014 में विधानसभा इलेक्शन के दौरान लोगों की हिफाजत करती पुलिस।

यह तस्वीर झारखंड के लाथेर की है। नवंबर, 2014 में विधानसभा इलेक्शन के दौरान लोगों की हिफाजत करती पुलिस।

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