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औरैया हादसा: मोबाइल देख की जा रही मृतकों की पहचान, खून से सनी लाशों के बीच बज रही फोन की घंटी

First Published May 16, 2020, 12:42 PM IST
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रांची (झारखंड). लॉकडाउन के कारण दूसरे राज्यों से पलायन कर रहे मजदूरों का सिलसिला नहीं थम रहा है। जिसके चलते प्रवासी मजदूर लगातार हादसों का शिकार हो रहे हैं। ऐसा ही एक दिल दहला देने वाला हादसा उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में शनिवार तड़के हुआ, जहां एक ट्रक ने दूसरे ट्रक को टक्कर मार दी। जिसमें 24 मजदूरों की मौत हो गई। इस भयानक हादसे में मरने वाले मजदूरों की शिनाख्त प्रशासन उनके जेब में रखे मोबाइल से कर रहा है। आलम यह है कि दबी लाशो के बीच फोन की घंटी बज रही है। अभी तक 15 मृतकों की पहचान हो पाई है। इनमें सबसे ज्यादा 7 मृतक झारखंड से हैं, वहीं कुछ राजस्थान तो कुछ बिहार के बताए जा रहे हैं।

हादसा औरैया जिले के पास चिरूहली क्षेत्र में हुआ है। पुलिस के मुताबिक, दिल्ली से आ रहा एक ट्रक चालक जब चाय पीने के लिए यहां के एक ढाबे के पास रुका तो चूने की बोरियां लेकर राजस्थान से आ रहे ट्रक ने उसको टक्कर मार दी। ट्रक पलट गया और चूने की बोरियों मजदूरों के ऊपर जा गिरी। 

हादसा औरैया जिले के पास चिरूहली क्षेत्र में हुआ है। पुलिस के मुताबिक, दिल्ली से आ रहा एक ट्रक चालक जब चाय पीने के लिए यहां के एक ढाबे के पास रुका तो चूने की बोरियां लेकर राजस्थान से आ रहे ट्रक ने उसको टक्कर मार दी। ट्रक पलट गया और चूने की बोरियों मजदूरों के ऊपर जा गिरी। 

तस्‍वीरों में जो बैग्‍स आप देख रहे हैं वो मृतक मजदूरों के हैं। जो घटना स्थल पर खून से सने पड़े थे। इन झोलों में मजदूरों के कुछ पैसे और पहचान मिले हैं। यह मजदूर लॉकडाउन में काम-धंधा बंद हो जाने के बाद मजबूर होकर घर के लिए निकले थे।

तस्‍वीरों में जो बैग्‍स आप देख रहे हैं वो मृतक मजदूरों के हैं। जो घटना स्थल पर खून से सने पड़े थे। इन झोलों में मजदूरों के कुछ पैसे और पहचान मिले हैं। यह मजदूर लॉकडाउन में काम-धंधा बंद हो जाने के बाद मजबूर होकर घर के लिए निकले थे।

हादसे की समीक्षा करने के बाद यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतक के परिजनों को 2-2 लाख रुपए मुआवजा देने की घोषणा की है।

हादसे की समीक्षा करने के बाद यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतक के परिजनों को 2-2 लाख रुपए मुआवजा देने की घोषणा की है।

हादसे के बाद पुलिस ने मृतकों की लाशों को उठाकर एक जगह जमा किया। जिसके बाद उनकी पहचान की गई।

 

हादसे के बाद पुलिस ने मृतकों की लाशों को उठाकर एक जगह जमा किया। जिसके बाद उनकी पहचान की गई।

 

हादसा इतना भयानक था कि पुलिस को दबे मजदूरों की लाशों को निकालने में दो घंटे से ज्यादा का वक्त लग गया। 
 

हादसा इतना भयानक था कि पुलिस को दबे मजदूरों की लाशों को निकालने में दो घंटे से ज्यादा का वक्त लग गया। 
 

औरैया डीएम अभिषेक सिंह ने कहा- घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है जबकि जिन लोगों की हालत गंभीर है उन्हें सैफई के लिए रिफर किया गया है।
 

औरैया डीएम अभिषेक सिंह ने कहा- घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है जबकि जिन लोगों की हालत गंभीर है उन्हें सैफई के लिए रिफर किया गया है।
 

आप इस तस्वीर को देखकर समझ सकते हैं कि हादसा कितना भयावह था। मजदूरों के सारे सपने इन चूनों की बोरियों के नीचे हमेशा-हमेशा के लिए दब गए।

आप इस तस्वीर को देखकर समझ सकते हैं कि हादसा कितना भयावह था। मजदूरों के सारे सपने इन चूनों की बोरियों के नीचे हमेशा-हमेशा के लिए दब गए।

कई मजदूरों को तो यह भी पता नहीं चला कि यह हादसा कैसे हुआ। क्योकि अधिकतर नींद में ही मौत के आगोश में समा गए।

कई मजदूरों को तो यह भी पता नहीं चला कि यह हादसा कैसे हुआ। क्योकि अधिकतर नींद में ही मौत के आगोश में समा गए।

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