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मोदी की सिक्योरिटी में लगी गांव के 400 चौकीदारों की ड्यूटी, कभी 14 रु. हर दिन मिलता था इनको मानदेय
इंदौर(Madhya Pradesh). प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महाकाल लोक का उद्घाटन करने उज्जैन पहुंच चुके हैं। PM के स्वागत के लिए उज्जैन शहर को दुल्हन की तरह सजाया गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सुरक्षा और अन्य इंतजाम को लेकर प्रशासन और पुलिस हर स्तर पर सजग है। इंदौर में एयरपोर्ट से लेकर उज्जैन जिले की सीमा तक करीब 36 किलोमीटर के रास्ते में प्रधानमंत्री की सुरक्षा में 2500 पुलिस कर्मी तैनात रहेंगे। पुलिस के सहयोग के लिए अलग-अलग गांवों से 400 कोटवार भी तैनात रहेंगे। इन कोटवारों को विशेष पुलिस अधिकारी का दर्जा दिया गया है।

कोटवारों को पुलिस अपनी मदद के लिए गांव-गांव में तैनात करती है। इन्हें मानदेय के नाम पर सालों से 400 रूपए प्रति माह दिया जाता था, हांलाकि पिछले कुछ दिनों से इनका मानदेय बढ़ाया गया है। कई बार कोटवारों द्वारा इसको लेकर धरना भी दिया जा चुका है कि उन्हें चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। हांलाकि अभी तक उनकी मांग पर कोई कार्रवाई नही हुई है। कई बार कोटवार सीएम शिवराज सिंह चौहान के नाम ज्ञापन भी दे चुके हैं कि उनका मानदेय बढाया जाए ।
प्रधानमंत्री मोदी महाकाल के दरबार में पहुंच चुके हैं। उनके साथ सीएम शिवराज सिंह चौहान, राज्यपाल, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी साथ थे। मोदी महाकाल का पूजन करने पहुंचने वाले चौथे प्रधानमंत्री हैं। उनके पहले सन 1959 में पंडित जवाहरलाल नेहरू, 1977 में मोरारजी देसाई और 1988 में राजीव गांधी आए थे।
पुलिस आयुक्त हरिनारायणाचारी मिश्र ने बताया कि सुरक्षा के मद्देनजर नाइट विजन कैमरे भी लगाए गए हैं। दस से ज्यादा ड्रोन भी लगाए हैं जो सुपर कारिडोर और मेट्रो प्रोजेक्ट के आस-पास पेट्रोलिंग करेंगे। एरोड्रम और एयरपोर्ट के आसपास सशस्त्र बल तैनात रहेगा।
इंदौर-उज्जैन रोड पर दोपहर दो बजे बाद भारी वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गई। आवश्यकता होने पर मार्ग को पूरी तरह से भी बंद कर दिया जाएगा। सोमवार को एसपीजी ने ट्रायल के लिए कुछ समय के लिए इंदौर-उज्जैन मार्ग को बंद भी किया था। मार्ग बंद करने की स्थिति में उज्जैन जाने और आने वालों को देवास होते हुए आवागमन करना होगा।
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