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कपल ने की लव मैरिज,..लेकिन शादी होते ही पति बन गया हैवान,आधी रात को कुल्हाड़ी से काटे पत्नी के दोनों हाथ

First Published Mar 24, 2021, 7:27 PM IST
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भोपाल (Madhya Pradesh) । लव मैरिज करने के 15 दिन बाद ही पत्नी के चरित्र पर शक होने लगा, जो इतना गहरा हो गया कि 2 माह बाद पति हैवान बन गया। आधी रात को जंगल में ले जाकर उसके दोनों हाथ काट दिए। हालांकि  9 घंटे ऑपरेशन कर डाक्टर्स ने उसके दोनों हाथ जोड़ दिए हैं, लेकिन तीन-चार दिन बाद ही पता चल पाएगा कि उसके हाथ काम कर पाएंगे या नहीं, क्योंकि हाथ 90 से 95 प्रतिशत कट गए थे। वहीं, पीड़िता ने जो दर्दभरी कहानी बताई उसे सुनकर हर कोई हैरान हो जा रहा है। जिसे हम आपको बता रहे हैं।  

शादी के 15 दिन बाद शक करने लगा था पति 
हमीदिया अस्पताल में भर्ती 20 वर्षीय आरती के मुताबिक सीहोर जिले के सातयोग गांव निवासी है, जिसकी मुलाकात सागर निवासी रणधीर से पांच साल पहले रायसेन के फुल्वारा में एक पारिवारिक शादी समारोह में हुई थी। दोनों ने  8 जनवरी को कोर्ट मैरिज की थी। शादी करने के 15 दिन पहले तक अच्छी बात करता था, लेकिन अचानक से पति शक करने लगा। आरती के मुताबिक वह कहता था कि तुम किसी और से बात करती हो। जिसपर मैंने कहा कि क्यों किसी से बात करुंगी। मैंने तो आपसे लव मैरिज की है।

शादी के 15 दिन बाद शक करने लगा था पति 
हमीदिया अस्पताल में भर्ती 20 वर्षीय आरती के मुताबिक सीहोर जिले के सातयोग गांव निवासी है, जिसकी मुलाकात सागर निवासी रणधीर से पांच साल पहले रायसेन के फुल्वारा में एक पारिवारिक शादी समारोह में हुई थी। दोनों ने  8 जनवरी को कोर्ट मैरिज की थी। शादी करने के 15 दिन पहले तक अच्छी बात करता था, लेकिन अचानक से पति शक करने लगा। आरती के मुताबिक वह कहता था कि तुम किसी और से बात करती हो। जिसपर मैंने कहा कि क्यों किसी से बात करुंगी। मैंने तो आपसे लव मैरिज की है।

घटना वाली रात की सुनाई कुछ ऐसी कहानी
सोमवार रात को सब लोग खाना खाकर सो गए थे। तभी, रणधीर ने जंगल से लकड़ी लाने की बात कही। मैंने कहा कि इतनी रात को क्यों? कल सुबह चलेंगे। उसने कहा कि लकड़ी कटी रखी, बस उठा कर लाना है। हम लोग घर से निकल गए। गांव से नदी के पुल के आगे जाकर उसने कहा कि मैं बीड़ी पी लेता हूं। मैंने कहा, हां पी लो। फिर मुझसे पूछा कि कहां से काटे। हमने कहा, ऊपर से काट लो। उन्होंने लकड़ी की जगह मुझ पर ही कुल्हाड़ी से वार करना शुरू कर दिया।
 

घटना वाली रात की सुनाई कुछ ऐसी कहानी
सोमवार रात को सब लोग खाना खाकर सो गए थे। तभी, रणधीर ने जंगल से लकड़ी लाने की बात कही। मैंने कहा कि इतनी रात को क्यों? कल सुबह चलेंगे। उसने कहा कि लकड़ी कटी रखी, बस उठा कर लाना है। हम लोग घर से निकल गए। गांव से नदी के पुल के आगे जाकर उसने कहा कि मैं बीड़ी पी लेता हूं। मैंने कहा, हां पी लो। फिर मुझसे पूछा कि कहां से काटे। हमने कहा, ऊपर से काट लो। उन्होंने लकड़ी की जगह मुझ पर ही कुल्हाड़ी से वार करना शुरू कर दिया।
 

ऐसे बचाई जान
मेरे दोनों हाथ लहूलुहान हो गए। मैं जमीन पर गिर पड़ी। रणधीर दूर चला गया। इस बीच सड़क से कार व ट्रक निकले। उनको मैंने रोकने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने मुझे नहीं देखा। मेरा पति मुझे देखकर दोबारा मेरी तरफ आया। मैं बेहोश होने का नाटक कर जमीन पर गिर पड़ी। वह बिना मुझे मारे वापस लौट गया और एक ट्रक में बैठकर चला गया। मैं पहली बार जंगल गई थी। फिर उसी रास्ते से घर पहुंची और परिजनों को घटना के बारे में बताया।
 

ऐसे बचाई जान
मेरे दोनों हाथ लहूलुहान हो गए। मैं जमीन पर गिर पड़ी। रणधीर दूर चला गया। इस बीच सड़क से कार व ट्रक निकले। उनको मैंने रोकने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने मुझे नहीं देखा। मेरा पति मुझे देखकर दोबारा मेरी तरफ आया। मैं बेहोश होने का नाटक कर जमीन पर गिर पड़ी। वह बिना मुझे मारे वापस लौट गया और एक ट्रक में बैठकर चला गया। मैं पहली बार जंगल गई थी। फिर उसी रास्ते से घर पहुंची और परिजनों को घटना के बारे में बताया।
 

डॉक्टरों ने 9 घंटे ऑपरेशन कर जोड़े हैं दोनों हाथ
हमीदिया अस्पताल के बर्न एंड प्लास्टिक सर्जरी विभाग के प्राध्यापक डॉक्टर आनंद गौतम ने बताया कि पीड़िता को लेकर उसके परिजन मंगलवार को 1 बजे आए थे। उसका दायां हाथ 90 से 95 प्रतिशत और बायां हाथ 95 प्रतिशत कट चुका था। हमने दोनों हाथ जोड़ दिए हैं। आज सुबह उसके हाथ में मूवमेंट दिखा है। मरीज अपना हाथ हिला पा रही है। फिर भी हाथ के काम करने के बारे में तीन से चार दिन बाद पता चल पाएगा।

(फोटो में डॉक्टर आनंद गौतम)

डॉक्टरों ने 9 घंटे ऑपरेशन कर जोड़े हैं दोनों हाथ
हमीदिया अस्पताल के बर्न एंड प्लास्टिक सर्जरी विभाग के प्राध्यापक डॉक्टर आनंद गौतम ने बताया कि पीड़िता को लेकर उसके परिजन मंगलवार को 1 बजे आए थे। उसका दायां हाथ 90 से 95 प्रतिशत और बायां हाथ 95 प्रतिशत कट चुका था। हमने दोनों हाथ जोड़ दिए हैं। आज सुबह उसके हाथ में मूवमेंट दिखा है। मरीज अपना हाथ हिला पा रही है। फिर भी हाथ के काम करने के बारे में तीन से चार दिन बाद पता चल पाएगा।

(फोटो में डॉक्टर आनंद गौतम)

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