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MP में हाहाकार: ऑक्सीजन की कमी से शहडोल में 12 की मौत, तड़पते मरीजों को डॉक्टर चाहकर भी नहीं बचा सके

First Published Apr 18, 2021, 10:52 AM IST
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शहडोल. मध्य प्रदेश में कोरोना वायरस का प्रकोप चरम पर है, हालात बेकाबू होते जा रहे हैं। राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्थाएं पूरी तरह से चरमरा चुकी हैं। अस्पतालो में भर्ती होने के बाद भी मरीज तड़प रहे हैं। कहीं किसी को आक्सीजन नहीं मिल पा रही है तो कहीं रेमडेसिविर इंजेक्शन के लाले पड़ गए हैं। वहीं इसी बीच शहडोल से बड़ी खबर सामने आई है, जहां ऑक्सीजन की कमी के चलते 24 घंटे में 12 मरीजों की मौत हो गई है। इस मामले की पुष्टि मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. मिलिंद शिरालकर ने की है।


डॉक्टर चाहकर भी मरीजों को नहीं बचा सके
दरअसल, घटना शनिवार रात 12 बजे के आसपास की है, जब कोरोना मरीज अचानक तड़पने लगे। इसके बाद मेडिकल कॉलेज में अफरा-तफरी मच गई। डॉक्टर ने देखा तो पता चला कि ऑक्सीजन सप्लाई का प्रेशर कम था। इसके बाद परिजन और अस्पताल स्टाफ सिलेंडरों की व्यवस्था करने में जुट गए, लेकिन इसके बाद लोगों को नहीं बचा सके। वहीं कई मरीजों की हालत अभी गंभीर बनी हुई है।


डॉक्टर चाहकर भी मरीजों को नहीं बचा सके
दरअसल, घटना शनिवार रात 12 बजे के आसपास की है, जब कोरोना मरीज अचानक तड़पने लगे। इसके बाद मेडिकल कॉलेज में अफरा-तफरी मच गई। डॉक्टर ने देखा तो पता चला कि ऑक्सीजन सप्लाई का प्रेशर कम था। इसके बाद परिजन और अस्पताल स्टाफ सिलेंडरों की व्यवस्था करने में जुट गए, लेकिन इसके बाद लोगों को नहीं बचा सके। वहीं कई मरीजों की हालत अभी गंभीर बनी हुई है।


मरीजों को ऑक्सीजन मास्क हाथ से दबाना पड़ा
कॉलेज के डीन डॉ. मिलिंद शिरालकर ने बताया कि अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी है, जिसके चलते कोरोना मरीज दम तोड़ रहे हैं। जब रात में मरीज तड़पने लगे तो मेडिकल स्टाफ को कई मरीजों को ऑक्सीजन मास्क हाथ से दबाना पड़ा। उनको दबान से थोड़ा सुकून लगा रहा था। लेकिन ऐसा कब तक किया जा सकता है। यहां ऑक्सीजन की किल्लत है। अब सिर्फ अति गंभीर मरीजों को ही ऑक्सीजन दी जा रही है। 
 


मरीजों को ऑक्सीजन मास्क हाथ से दबाना पड़ा
कॉलेज के डीन डॉ. मिलिंद शिरालकर ने बताया कि अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी है, जिसके चलते कोरोना मरीज दम तोड़ रहे हैं। जब रात में मरीज तड़पने लगे तो मेडिकल स्टाफ को कई मरीजों को ऑक्सीजन मास्क हाथ से दबाना पड़ा। उनको दबान से थोड़ा सुकून लगा रहा था। लेकिन ऐसा कब तक किया जा सकता है। यहां ऑक्सीजन की किल्लत है। अब सिर्फ अति गंभीर मरीजों को ही ऑक्सीजन दी जा रही है। 
 


कलेक्टर ने दी 12 मौतें होने की जानकारी दी।
बता दें कि कुछ देर पहले ऑक्सीजन की कमी से  6 मौतों की पुष्टि मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. मिलिंद शिरालकर ने की थी। लेकिन मौके पर जब शहडोल कलेक्टर अर्पित वर्मा पहुंचे तो कुछ देर बाद उन्होंने 12 मौतें होने की जानकारी दी।
 


कलेक्टर ने दी 12 मौतें होने की जानकारी दी।
बता दें कि कुछ देर पहले ऑक्सीजन की कमी से  6 मौतों की पुष्टि मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. मिलिंद शिरालकर ने की थी। लेकिन मौके पर जब शहडोल कलेक्टर अर्पित वर्मा पहुंचे तो कुछ देर बाद उन्होंने 12 मौतें होने की जानकारी दी।
 


3 दिन पहले ऐसे ही जबलपुर में  5 मरीजों की हुई थी मौत
 तीन दिन पहले ऐसी ही घटना जबलपुर में भी हो चुकी है, जहां ऑक्सीजन की कमी के चलते 5 मरीजों ने दम तोड़ दिया था। वहीं ऑक्सीजन की कमी के चलते राजधानी भोपाल में भी मरीज अपनी जान गंवा चुके हैं।


3 दिन पहले ऐसे ही जबलपुर में  5 मरीजों की हुई थी मौत
 तीन दिन पहले ऐसी ही घटना जबलपुर में भी हो चुकी है, जहां ऑक्सीजन की कमी के चलते 5 मरीजों ने दम तोड़ दिया था। वहीं ऑक्सीजन की कमी के चलते राजधानी भोपाल में भी मरीज अपनी जान गंवा चुके हैं।

 24 घंटे में  22 मरीजों ने दम तोड़ा
शहडोल का कोरोना बुरी तरह से कहर बरपा रहा है, वहीं कुछ लोगों को तो सिस्टम मार रहा है। एक तरफ जहां ऑक्सीजन की कमी से 12 मरीजों की मौत हो गई, वहीं पहले मेडिकल कॉलेज में 10 और कोरोना मरीजों की मौत हो गई थी। इस तरह एक दिन में 24 घंटे के दौरान शनिवार को 22 मरीजों ने दम तोड़ दिया।

 24 घंटे में  22 मरीजों ने दम तोड़ा
शहडोल का कोरोना बुरी तरह से कहर बरपा रहा है, वहीं कुछ लोगों को तो सिस्टम मार रहा है। एक तरफ जहां ऑक्सीजन की कमी से 12 मरीजों की मौत हो गई, वहीं पहले मेडिकल कॉलेज में 10 और कोरोना मरीजों की मौत हो गई थी। इस तरह एक दिन में 24 घंटे के दौरान शनिवार को 22 मरीजों ने दम तोड़ दिया।

जिले के सभी अधिकारी मौके पर मौजूद
ऑक्सीजन सिलेंडरों की व्यवस्था के लिए मेडिकल कॉलेज में जिले के तमाम बड़े अधिकारी पहुंचे हुए हैं। बता दें कि एक दिन पहले शनिवार को कोविड-19 सेंटर का निरीक्षण करने पहुंचे कमिश्नर राजीव शर्मा कई सवाल उठाए हैं। उन्होंन बताया कि वह जब दौरे पर पहुंचे थे तो यहां किसी तरह की कोई  साफ-सफाई और बाकी व्यवस्था नहीं थी। इस दौरान  मेडिकल के डीन के अलावा कलेक्टर डॉ. सतेन्द्र सिंह, अपर कलेक्टर अर्पित वर्मा समेत जिले के सभी अधिकारी मौजूद थे।

जिले के सभी अधिकारी मौके पर मौजूद
ऑक्सीजन सिलेंडरों की व्यवस्था के लिए मेडिकल कॉलेज में जिले के तमाम बड़े अधिकारी पहुंचे हुए हैं। बता दें कि एक दिन पहले शनिवार को कोविड-19 सेंटर का निरीक्षण करने पहुंचे कमिश्नर राजीव शर्मा कई सवाल उठाए हैं। उन्होंन बताया कि वह जब दौरे पर पहुंचे थे तो यहां किसी तरह की कोई  साफ-सफाई और बाकी व्यवस्था नहीं थी। इस दौरान  मेडिकल के डीन के अलावा कलेक्टर डॉ. सतेन्द्र सिंह, अपर कलेक्टर अर्पित वर्मा समेत जिले के सभी अधिकारी मौजूद थे।

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