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कोरोना की जंग जीत घर पहुंची महिला, पति और बेटी ने किया जानलेवा हमला, आरती-फूलों की जगह मारने लगे चाकू

First Published May 31, 2021, 6:52 PM IST
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छिंदवाड़ा (मध्य प्रदेश). कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर बहुत ही खतरनाक है। जिसकी चपेट में आने से लाखों की सांसे थम गईं। अगर कोई इस महामारी के खिलाफ जंग जीतकर अस्पताल से घर आता है तो परिवार उसकी आरती उतार और फूलों की माला पहनाकर स्वागत करते हैं। एमपी के छिंदवाड़ा जिले से ऐसा हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है जो शायद किसी ने पहली बार ही देखा होगा। यहां जब एक महिला  कोरोना की जंग जीतकर घर लौटी तो उसके पति और बेटी ने उसके साथ मारपीट की और उसपर जानलेवा हमला कर दिया। किसी तरह युवती अपनी जान बचाकर पुलिस के पास थाने पहुंची।

दरअसल, यह दुखद कहानी शोभना पटौरिया नाम की महिला की है। जो पिछले 17 दिन पहले कोरोना संक्रमित हो गई थी और वह छिंदवाड़ा एक निजी अस्पताल में भर्ती थी। 18वें दिन जब वह कोरोना की जंग जीतकर अपने घर लौटी तो उसके पति संजय पटौरिया और बेटी वंशिका पटौरिया विवाद करने लगे। 
 

दरअसल, यह दुखद कहानी शोभना पटौरिया नाम की महिला की है। जो पिछले 17 दिन पहले कोरोना संक्रमित हो गई थी और वह छिंदवाड़ा एक निजी अस्पताल में भर्ती थी। 18वें दिन जब वह कोरोना की जंग जीतकर अपने घर लौटी तो उसके पति संजय पटौरिया और बेटी वंशिका पटौरिया विवाद करने लगे। 
 

पति और उसकी बेटी शोभना के इलाज पर हुए खर्च को लेकर विवाद करने लगे। कहने लगे की तुम्हारी बीमारी ने हमको बर्बाद करके रख दिया है। इतना ही नहीं महिला के साथ मारपीट भी की। किसी तरह वह अपनी जान बचाकर वहां से भागी और पति ओर बेटी की शिकायत दर्ज कराई।
 

पति और उसकी बेटी शोभना के इलाज पर हुए खर्च को लेकर विवाद करने लगे। कहने लगे की तुम्हारी बीमारी ने हमको बर्बाद करके रख दिया है। इतना ही नहीं महिला के साथ मारपीट भी की। किसी तरह वह अपनी जान बचाकर वहां से भागी और पति ओर बेटी की शिकायत दर्ज कराई।
 

बता दें कि महिला रोते हुए ऑक्सीजन मास्क लगाकर कोतवाली पहुंची थी। जहां उसने बताया कि वह जैसे ही अस्पताल से डिस्चार्ज होकर घर आई तो पति और बेटी पैसों को लेकर विवाद करने लगे। पहले मुझे दोनों ने थप्पड़ मारे और इसके बाद चाकू से जानलेवा हमला कर दिया। अगर में वहां से नहीं भागती तो वह मार डालते।
 

बता दें कि महिला रोते हुए ऑक्सीजन मास्क लगाकर कोतवाली पहुंची थी। जहां उसने बताया कि वह जैसे ही अस्पताल से डिस्चार्ज होकर घर आई तो पति और बेटी पैसों को लेकर विवाद करने लगे। पहले मुझे दोनों ने थप्पड़ मारे और इसके बाद चाकू से जानलेवा हमला कर दिया। अगर में वहां से नहीं भागती तो वह मार डालते।
 

पीड़िता के साथ एक सामज सेविका पूर्णिमा वर्मा भी पहुंची हुई थी। जिन्होंने कहा कि पति संजय पटोरिया और बेटी वंशिका ने शोभना पटेरिया को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया है। उनको यह भी नहीं पता कि वह एक कोविड मरीज हैं और अस्पताल से डिस्चार्ज होकर घर लौटी थीं। जिस तरह से इन्हें मारा गया है इससे उनकी जान भी जा सकती थी। इसलिए ऐसी बच्ची और पति की गिरफ्तारी होनी चाहिए। 
 

पीड़िता के साथ एक सामज सेविका पूर्णिमा वर्मा भी पहुंची हुई थी। जिन्होंने कहा कि पति संजय पटोरिया और बेटी वंशिका ने शोभना पटेरिया को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया है। उनको यह भी नहीं पता कि वह एक कोविड मरीज हैं और अस्पताल से डिस्चार्ज होकर घर लौटी थीं। जिस तरह से इन्हें मारा गया है इससे उनकी जान भी जा सकती थी। इसलिए ऐसी बच्ची और पति की गिरफ्तारी होनी चाहिए। 
 

पुलिस ने सबसे पहले पीड़िता की जिला अस्पताल में जांच कराई, क्योंकि महिला को चोटें आई हुई हैं। कोतवाली थाना टीआई ने बताया कि रात में सूचना मिलने पर पुलिस चंदन गांव में पीड़िता के घर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है।

पुलिस ने सबसे पहले पीड़िता की जिला अस्पताल में जांच कराई, क्योंकि महिला को चोटें आई हुई हैं। कोतवाली थाना टीआई ने बताया कि रात में सूचना मिलने पर पुलिस चंदन गांव में पीड़िता के घर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है।

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