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कभी खाया है ऐसा अनोखा आम: जो पेड़ पर लगते ही हो जाता बुक, एक फल की कीमत 1000 रु..स्वाद दीवाना बना दे

First Published Jun 7, 2021, 12:50 PM IST
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अलीराजपुर (मध्‍य प्रदेश). आम का नाम सुनते और देखते ही लोगों के मुंह में पानी आ जाता है। आखिर आए भी क्यों नहीं, क्योंकि आम फलों का राजा जो है। गर्मी के सीजन में लोग इसे बड़े चाव से खाते हैं, शौकीन लोग तो इसकी कुछ भी कीमत चुकाने के लिए तैयार रहते हैं। वैसे तो देश में कई किस्में की आमों की पैदावार होती है, लेकिन कुछ बेहद खास होते हैं। जिसमें सबसे पहले और खास  'नूरजहां' आम, जिसे  आमों की मल्लिका के रूप में  जाना जाता है। यह किस्म मध्य प्रदेश के अलीराजपुर जिले में अधिक मात्रा में पाई जाती है। इसकी डिमांड इतनी है कि  फल लगते ही प्रति आम के हिसाब से इसकी बुकिंग हो जाती है। सीजन में इसका एक आम 500 रुपए से लेकर 1,000 रुपए तक में बिकता है। आइए जानते हैं इसकी खासियत...

दरअसल,'नूरजहां' किस्म अफगानिस्तानी मूल की मानी जाती है। अलीराजपुर जिले के कट्ठीवाड़ा क्षेत्र में इसके कुछ  गिने-चुने पेड़ लगे हुए हैं। जिनकी बुकिंग पिछले साल हो चुकी है। किसी ने एक आम 800 रुपए तो किसी ने 1200 रुपए में बुक किया है। इसके शौकीनों की पिछले साल मायूसी हाथ लगी थी, लेकिन इस बार मौसम मेहरबान है तो इसकी पैदवार अच्छी हुई है।

दरअसल,'नूरजहां' किस्म अफगानिस्तानी मूल की मानी जाती है। अलीराजपुर जिले के कट्ठीवाड़ा क्षेत्र में इसके कुछ  गिने-चुने पेड़ लगे हुए हैं। जिनकी बुकिंग पिछले साल हो चुकी है। किसी ने एक आम 800 रुपए तो किसी ने 1200 रुपए में बुक किया है। इसके शौकीनों की पिछले साल मायूसी हाथ लगी थी, लेकिन इस बार मौसम मेहरबान है तो इसकी पैदवार अच्छी हुई है।

नूरजहां की बागवानी के विशेषज्ञ इशाक मंसूरी ने बताया कि नूरजहां आम जून की शुरुआत में पैदा होता है। पेड़ पर जनवरी-फरवरी में फूल आने लगते हैं। कोविड-19 के प्रकोप के कारण आमों के कारोबार पर थोड़ा असर पड़ा है। जलवायु परिवर्तन के कारण बौर (आम के फूल) ही नहीं आए थे। लेकिन पिछली साल की तुलना में इस बार इसकी पैदावार ठीक है।

नूरजहां की बागवानी के विशेषज्ञ इशाक मंसूरी ने बताया कि नूरजहां आम जून की शुरुआत में पैदा होता है। पेड़ पर जनवरी-फरवरी में फूल आने लगते हैं। कोविड-19 के प्रकोप के कारण आमों के कारोबार पर थोड़ा असर पड़ा है। जलवायु परिवर्तन के कारण बौर (आम के फूल) ही नहीं आए थे। लेकिन पिछली साल की तुलना में इस बार इसकी पैदावार ठीक है।

इशाक मंसूरी ने बताया कि 2019 में नूरजहां के फलों का वजन औसतन 2.75 किलो के आस-पास रहा था, तब खरीदारों ने इसके केवल एक फल के बदले 1,200 रुपए तक चुकाए थे। एक नूरजहां आम एक फीट तक लंबा हो सकता है और इसकी गुठली का वजन 150 से 200 ग्राम के बीच होता है।

इशाक मंसूरी ने बताया कि 2019 में नूरजहां के फलों का वजन औसतन 2.75 किलो के आस-पास रहा था, तब खरीदारों ने इसके केवल एक फल के बदले 1,200 रुपए तक चुकाए थे। एक नूरजहां आम एक फीट तक लंबा हो सकता है और इसकी गुठली का वजन 150 से 200 ग्राम के बीच होता है।

अलीराजपुर में नूरजहां किस्म के आम की खेती शिवराज सिंह जाधव नाम के किसान करते हैं। उन्होंन बताया कि  पिछले साल की तुलना में इस बार अच्छी पैदावार हुई है। साथ ही इसका साइज भी बड़ा है,  उन्होंने बताया कि इस बार दो से साढ़े तीन किलोग्राम के बीच रहने वाला है। जिसकी बुकिंग मध्य प्रदेश के अलावा गुजरात के शौकीनों ने एक साल पहले ही कर दी।

अलीराजपुर में नूरजहां किस्म के आम की खेती शिवराज सिंह जाधव नाम के किसान करते हैं। उन्होंन बताया कि  पिछले साल की तुलना में इस बार अच्छी पैदावार हुई है। साथ ही इसका साइज भी बड़ा है,  उन्होंने बताया कि इस बार दो से साढ़े तीन किलोग्राम के बीच रहने वाला है। जिसकी बुकिंग मध्य प्रदेश के अलावा गुजरात के शौकीनों ने एक साल पहले ही कर दी।

यह आम अपने अनोखे स्वाद के लिए मशहूर है। ऐसा कि कोई इसे एक बार खाए तो उसका दीवाना हो जाए। तभी तो आम पकने से पहले ही ऊंचे दामों पर बुक हो चुके हैं।

यह आम अपने अनोखे स्वाद के लिए मशहूर है। ऐसा कि कोई इसे एक बार खाए तो उसका दीवाना हो जाए। तभी तो आम पकने से पहले ही ऊंचे दामों पर बुक हो चुके हैं।

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