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अकेले देवी मां की पूजा कर रहा था पुजारी, पुलिस ने बूट से कलश तोड़ा, दिए बुझाए और जमकर की पिटाई

First Published Apr 3, 2020, 5:25 PM IST
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भोपाल. लॉकडाउन के बाद सोशल मीडिया पर पुलिसिया पिटाई का वीडियो आए दिन वायरल हो रहा है। किसी वीडियो में  सब्जी वाले को पिटा जा रहा है तो किसी में नियमों का उल्लंघन करते लोगों को। ऐसा ही एक वीडियो मध्यप्रदेश पुलिस का वायरल हो रहा है। जिसमें एक पुलिसकर्मी पुजारी की पिटाई करता दिखाई दे रहा है। जिसपर अब सियासत भी तेज हो गई है। मध्यप्रदेश कांग्रेस ने इस पुरे मामले पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह से पुछा है कि रामनवमी के दिन एक अकेले पंडित पर हमला करवाकर सरकार कौन सा संदेश देना चाहती है ?

दरअसल, यह वीडियो मध्यप्रदेश के रीवा शहर का है जहां पुलिस को सूचना मिली थी की एक धार्मिक स्थान पर 50 से अधिक लोग खड़े हैं। जिसके बाद पुलिस शहर के ढेकहा स्थित देवी मंदिर पहुंची और वहां खड़े भीड़ को खदेड़ दिया। इसी दौरान एक पुलिस वाले ने मंदिर के पुजारी की जमकर पिटाई कर दी । जिसका वीडियो अब वायरल हो रहा है।

दरअसल, यह वीडियो मध्यप्रदेश के रीवा शहर का है जहां पुलिस को सूचना मिली थी की एक धार्मिक स्थान पर 50 से अधिक लोग खड़े हैं। जिसके बाद पुलिस शहर के ढेकहा स्थित देवी मंदिर पहुंची और वहां खड़े भीड़ को खदेड़ दिया। इसी दौरान एक पुलिस वाले ने मंदिर के पुजारी की जमकर पिटाई कर दी । जिसका वीडियो अब वायरल हो रहा है।

बता दें कि सरकार ने कोरोना के खतरे को देखते हुए लॉकडाउन की घोषणा की है साथ ही किसी भी धार्मिक स्थल पर भीड़ पर प्रतिबंध लगा दिया  गया है।

बता दें कि सरकार ने कोरोना के खतरे को देखते हुए लॉकडाउन की घोषणा की है साथ ही किसी भी धार्मिक स्थल पर भीड़ पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

वीडियो वायरल होने के बाद रीवा विधायक और मध्यप्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने इस संबंध में पुलिस के आला अधिकारियों से बात की है। उन्होंने डीजीपी से पुलिस द्वारा किए गए बर्ताव को लेकर विरोध भी जताया है। उनका कहना है कि पुलिस ने इस दौरान बूट से कलश तोड़े और दिए भी बुझाए जबकि मंदिर में सिर्फ एक पुजारी ही मौजूद था।

वीडियो वायरल होने के बाद रीवा विधायक और मध्यप्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने इस संबंध में पुलिस के आला अधिकारियों से बात की है। उन्होंने डीजीपी से पुलिस द्वारा किए गए बर्ताव को लेकर विरोध भी जताया है। उनका कहना है कि पुलिस ने इस दौरान बूट से कलश तोड़े और दिए भी बुझाए जबकि मंदिर में सिर्फ एक पुजारी ही मौजूद था।

पुरे मामले पर सिविल लाइन थाना प्रभारी राजकुमार मिश्रा का कहना है कि उन्हें सूचना मिली थी कि एक धार्मिक स्थल पर भीड़ इक्कठी हो गई है। जब पुलिस मौके पर पहुंची तो वहां कुछ महिलाओं समेत करीब 50 लोग खड़े थे। लेकिन जैसे ही लोगों ने पुलिस को देखा वे भाग खड़े हुए। हमने पुजारी को मंदिर में फिर से भीड़ नहीं एकत्रित करने की हिदायत बस दी है।

पुरे मामले पर सिविल लाइन थाना प्रभारी राजकुमार मिश्रा का कहना है कि उन्हें सूचना मिली थी कि एक धार्मिक स्थल पर भीड़ इक्कठी हो गई है। जब पुलिस मौके पर पहुंची तो वहां कुछ महिलाओं समेत करीब 50 लोग खड़े थे। लेकिन जैसे ही लोगों ने पुलिस को देखा वे भाग खड़े हुए। हमने पुजारी को मंदिर में फिर से भीड़ नहीं एकत्रित करने की हिदायत बस दी है।

वहीं वीडियो वायरल होने पर मध्यप्रदेश कांग्रेस ने ट्विट कर पुछा है कि शिवराज जी, रामनवमी के दिन एक अकेले पंडित पर हमला करवाकर आपकी सरकार कौन सा संदेश देना चाहती है..? जब सरकार पूजा की थाली, मंदिर का कलश, आरती का दिया और भगवान के फूल पर डंडा चलाने लगे तो समझ लो कि सरकार और शासक का अस्त नज़दीक है। ये अहंकार जनता बर्दाश्त नहीं करेगी।

वहीं वीडियो वायरल होने पर मध्यप्रदेश कांग्रेस ने ट्विट कर पुछा है कि शिवराज जी, रामनवमी के दिन एक अकेले पंडित पर हमला करवाकर आपकी सरकार कौन सा संदेश देना चाहती है..? जब सरकार पूजा की थाली, मंदिर का कलश, आरती का दिया और भगवान के फूल पर डंडा चलाने लगे तो समझ लो कि सरकार और शासक का अस्त नज़दीक है। ये अहंकार जनता बर्दाश्त नहीं करेगी।

वहीं रीवा से कांग्रेस नेता सिद्धार्थ तिवारी ने कहा- शिवराज जी आप इतना भी ताकत के मद में मत रहिए की ईश्वर के सेवकों के साथ

वहीं रीवा से कांग्रेस नेता सिद्धार्थ तिवारी ने कहा- शिवराज जी आप इतना भी ताकत के मद में मत रहिए की ईश्वर के सेवकों के साथ

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