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एक घर से उठीं 7 अर्थियां तो रो पड़ा शहर,कांपते हाथों से बच्चों का किया अंतिम संस्कार,उजड़ गया परिवार

First Published May 19, 2020, 9:28 AM IST
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ग्वालियर, (मध्य प्रदेश). ग्वालियर में सोमवार सुबह एक तीन मंजिला गोयल पेंट हाउस में अचानक भीषण आग लग गई थी। इस दर्दनाक हादसे में लोगों की आंखों के सामने एक  ही परिवार के 7 लोगों की जलकर मौत हो गई और दो गंभीर रूप से घायल हुए थे। पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिए। रोते-बिलखते परिजनों ने कांपते हाथों से एक साथ घर की 4 महिलाओं का अंतिम संस्कार किया। शमशान घाट में एक साथ चार चिताएं जलती देख पूरा गांव रो पड़ा। दर्दनाक हादसे के बाद  शहर के रोशनी  इलाके में मातम पसरा हुआ है।

जैसे ही एक साथ चार महिलाओं की अंतिम यात्रा निकली तो इस दुखद मंजर को देखकर वहां पर मौजूद लोगों की आंखें छलक आई। सब राम-राम सत्य के साथ यही बोल रहे थे कि  हंसते खेलते परिवार को किसकी नजर लग गई। जो एक साथ पूरा 7 लोगों की मौत हो गईं, मौजूद लोग कह रहे थे कि ईश्वर ऐसा दिन किसी को नहीं दिखाए।

जैसे ही एक साथ चार महिलाओं की अंतिम यात्रा निकली तो इस दुखद मंजर को देखकर वहां पर मौजूद लोगों की आंखें छलक आई। सब राम-राम सत्य के साथ यही बोल रहे थे कि  हंसते खेलते परिवार को किसकी नजर लग गई। जो एक साथ पूरा 7 लोगों की मौत हो गईं, मौजूद लोग कह रहे थे कि ईश्वर ऐसा दिन किसी को नहीं दिखाए।

महिलाओं के अतिंम संस्कार के बाद जब तीन मासूमों के अंतिम विदाई की बारी आई तो लोगों ने अपनी आंखें बंद कर ली। मानो फट गई धरती, रो पड़ा आसमान। इन बच्चों की मौत की दुखद घटना पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। बच्चों को इस हाल में देखते ही परिजन बेसुध हो गए, कल तक जिन नन्हें मासूमों को आंगन में खेल घरवाले  खुश होते थे, आज उन्हीं का चेहरा देख दहाड़े मार-मारकर रो रहे थे। लोगों ने कहा-हे भगवान तू यह क्या कर दिया इस घर के चिरागों को क्यों वुझा दिया। इतना ही नहीं शमशान घाट में जब तीन बच्चों को दफनाया गया तो वहां मौजूद हर शख्स के हाथ मासूमों के ऊपर मिट्टी डालते समय कांपने लगे, जैसे-तैसे रोते-बिलखते परिजनों ने सभी विधियां निभाई।

महिलाओं के अतिंम संस्कार के बाद जब तीन मासूमों के अंतिम विदाई की बारी आई तो लोगों ने अपनी आंखें बंद कर ली। मानो फट गई धरती, रो पड़ा आसमान। इन बच्चों की मौत की दुखद घटना पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। बच्चों को इस हाल में देखते ही परिजन बेसुध हो गए, कल तक जिन नन्हें मासूमों को आंगन में खेल घरवाले  खुश होते थे, आज उन्हीं का चेहरा देख दहाड़े मार-मारकर रो रहे थे। लोगों ने कहा-हे भगवान तू यह क्या कर दिया इस घर के चिरागों को क्यों वुझा दिया। इतना ही नहीं शमशान घाट में जब तीन बच्चों को दफनाया गया तो वहां मौजूद हर शख्स के हाथ मासूमों के ऊपर मिट्टी डालते समय कांपने लगे, जैसे-तैसे रोते-बिलखते परिजनों ने सभी विधियां निभाई।

जिस किसी शख्स को मासूमों की अंतिम विदाई का पता चला वह इस दुखद घड़ी में शामिल होने श्मशान घाट पहुंच गया। कोई अपने आंसू पोंछ रहा था कोई परिजनों को चुप करा रहा था, लोगों ने कहा-हे भगवान तू यह क्या कर दिया इस घर के चिरागों को क्यों हमेशा-हमेशा के लिए बुझा दिया। फिर आखिर में परिजनों ने हिम्मत करके कांपते हाथों से मासूमों को अंतिम विदाई दी।
 

जिस किसी शख्स को मासूमों की अंतिम विदाई का पता चला वह इस दुखद घड़ी में शामिल होने श्मशान घाट पहुंच गया। कोई अपने आंसू पोंछ रहा था कोई परिजनों को चुप करा रहा था, लोगों ने कहा-हे भगवान तू यह क्या कर दिया इस घर के चिरागों को क्यों हमेशा-हमेशा के लिए बुझा दिया। फिर आखिर में परिजनों ने हिम्मत करके कांपते हाथों से मासूमों को अंतिम विदाई दी।
 

बता दें कि इस मकान में तीन भाईयों जगमोहन गोयल, हरिओम गोयल और जयकिशन गोयल का परिवार रहता था, करीब 16 लोग एक साथ रह रहे थे, लेकिन 7 की इस हादसे में मौत हो गई। पहली और दूसरी मंजिल पर परिवार रहता था और ग्राउंड फ्लोर पर तीनों भाई मिलकर पेंट की दुकान चलाते थे।

बता दें कि इस मकान में तीन भाईयों जगमोहन गोयल, हरिओम गोयल और जयकिशन गोयल का परिवार रहता था, करीब 16 लोग एक साथ रह रहे थे, लेकिन 7 की इस हादसे में मौत हो गई। पहली और दूसरी मंजिल पर परिवार रहता था और ग्राउंड फ्लोर पर तीनों भाई मिलकर पेंट की दुकान चलाते थे।

 चश्मदीदों न बताया कि हादसा इतना भयानक था कि शवों और घायलों को बगल के मकान की दीवार तोड़ने के बाद बाहर निकाला गया।

 चश्मदीदों न बताया कि हादसा इतना भयानक था कि शवों और घायलों को बगल के मकान की दीवार तोड़ने के बाद बाहर निकाला गया।


बता दें कि पेंट की दुकान में लगी यह आग इतना भयानक थी कि तीन किलोमीटर तक इसका धुआं दिखाई दे रहा था। देखते ही देखते आग से तीन मंजिला इमारत आग की लपटों से घिर गया और चाहकर भी घर में मौजूद लोग बाहर नहीं निकल सके।


बता दें कि पेंट की दुकान में लगी यह आग इतना भयानक थी कि तीन किलोमीटर तक इसका धुआं दिखाई दे रहा था। देखते ही देखते आग से तीन मंजिला इमारत आग की लपटों से घिर गया और चाहकर भी घर में मौजूद लोग बाहर नहीं निकल सके।

हादसे में चार साल की आराध्या, आर्यन (10 साल), शुभि (13 साल), आरती (37 साल), शकुंतला  (60 साल), प्रियंका  (33 साल), मधु गोयल पति हरिओम गोयल (55 साल) की मौत हो गई। वहीं एक बच्ची सहित दो लोग घायल हैं।

हादसे में चार साल की आराध्या, आर्यन (10 साल), शुभि (13 साल), आरती (37 साल), शकुंतला  (60 साल), प्रियंका  (33 साल), मधु गोयल पति हरिओम गोयल (55 साल) की मौत हो गई। वहीं एक बच्ची सहित दो लोग घायल हैं।

पड़ोसियों ने बताया कि  गोयल परिवार का दो महीने से कामधंधा बंद था। पूरा परिवार अब लॉकडाउन खत्म होने का इंतजार कर रहा था। लेकिन इससे पहले ही मौत का मातम पसर गया

पड़ोसियों ने बताया कि  गोयल परिवार का दो महीने से कामधंधा बंद था। पूरा परिवार अब लॉकडाउन खत्म होने का इंतजार कर रहा था। लेकिन इससे पहले ही मौत का मातम पसर गया

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