पिता की ख्वाहिश के लिए बेटे ने की शादी, बुजुर्ग ने कहा मैं जीते जी तुझे दूल्हा बनते देखना चाहता हूं

First Published 2, May 2020, 8:39 PM

इंदौर. कोरोना की दहशत के चलते लोगों को अपनी शादियां तक टालनी पड़ रही हैं। अगर कोई इसके बाद बाद भी शादी कर रहा है तो प्रशासन से उसे पहले परमिशन लेने पड़ रही है। लेकिन मध्य प्रदेश में एक अनोखा मामला सामने आया है। जहां दूल्हा और दुल्हन को ना चाहकर भी लॉकडाउन में 7 फेरे लेने पड़े। दरअसल, दूल्हे के पिता कैंसर से पीड़ित हैं वह चाहते थे कि उनके जीते जी उनके बेटे की शादी  हो जाए। 
 

<p>दरअसल, इंदौर के रहने वाले कैंसर पीड़ित संतोष चौहान प्रशासन के पास अपने बेटे आयुष की शादी कराने की अनुमति लेने के लिए लेने पहुंचे थे। जहां उन्होंने अधिकारियों से कहा-सर मेरा क्या भरोसा कब चला जाऊं, इसलिए मैं चाहता हूं कि में जीते जी अपने बेटे की शादी देख सकूं। बस यही निवेदन है कि आप इस शादी को करने की अनुमति दें। बुजुर्ग की बात सुनकर आखिरकार नायब तहसीलदार जितेंद्र वर्मा और नगर परिषद सीएमओ नागेंद्र राय ने लॉकडाउन के नियम का पालन करते हुए शादी करने की परमिशन दे दी।<br />
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दरअसल, इंदौर के रहने वाले कैंसर पीड़ित संतोष चौहान प्रशासन के पास अपने बेटे आयुष की शादी कराने की अनुमति लेने के लिए लेने पहुंचे थे। जहां उन्होंने अधिकारियों से कहा-सर मेरा क्या भरोसा कब चला जाऊं, इसलिए मैं चाहता हूं कि में जीते जी अपने बेटे की शादी देख सकूं। बस यही निवेदन है कि आप इस शादी को करने की अनुमति दें। बुजुर्ग की बात सुनकर आखिरकार नायब तहसीलदार जितेंद्र वर्मा और नगर परिषद सीएमओ नागेंद्र राय ने लॉकडाउन के नियम का पालन करते हुए शादी करने की परमिशन दे दी।
 

<p>दूल्हा-दुल्हन ने दोनों परिवार के सिर्फ पांच लोगों की मौजदूगी में शहर के चामुंडा माता मंदिर में शादी के सात फेरे लिए। दोनों ने अपने चेहरे पर मास्क और जेब में सैनेटाइजर की बोतल रखी हुी थी। इसके बाद वह दूल्हा-दुल्हन ने जब अपने घर पहुंचकर अपनी दादी और पिता की पैर छुए तो बुजुर्गों की आंखों से आंसू बहने लगे।&nbsp;<br />
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दूल्हा-दुल्हन ने दोनों परिवार के सिर्फ पांच लोगों की मौजदूगी में शहर के चामुंडा माता मंदिर में शादी के सात फेरे लिए। दोनों ने अपने चेहरे पर मास्क और जेब में सैनेटाइजर की बोतल रखी हुी थी। इसके बाद वह दूल्हा-दुल्हन ने जब अपने घर पहुंचकर अपनी दादी और पिता की पैर छुए तो बुजुर्गों की आंखों से आंसू बहने लगे। 
 

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लॉकडाउन में शादी करने का ऐसा ही एक मामला फरीदाबाद सामने आया। जहां दूल्हे को प्रशासन ने शादी करने की अनमुति नहीं दी। बता दें कि तस्वीर में दिखाई देने वाला यह दूल्हे की शादी 4 मई को होनी है। जहां उसने ऑनलाइन आवेदन करके परमिशन मांगी थी। आखिर में वह शुक्रवार के दिन हल्दी की रस्म के बाद सीधे पास लेने के लिए लघु सचिवालय पहुंच गया था लेकिन उसे निराश होकर लौटना पड़ा।&nbsp;<br />
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लॉकडाउन में शादी करने का ऐसा ही एक मामला फरीदाबाद सामने आया। जहां दूल्हे को प्रशासन ने शादी करने की अनमुति नहीं दी। बता दें कि तस्वीर में दिखाई देने वाला यह दूल्हे की शादी 4 मई को होनी है। जहां उसने ऑनलाइन आवेदन करके परमिशन मांगी थी। आखिर में वह शुक्रवार के दिन हल्दी की रस्म के बाद सीधे पास लेने के लिए लघु सचिवालय पहुंच गया था लेकिन उसे निराश होकर लौटना पड़ा। 
 

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दूल्हे लोकेश अपनी भाभी के साथ सचिवालय आया हुआ था। मीडिया से बात करते हुए बताया कि &nbsp;तीन महीने पहले उसकी शादी यूपी के अलीगढ़ में तय हुई है। हमारी सारी तैयारी हो चुकी है, यहां तक कि शादी के कार्ड छप गए। लेकिन प्रशासन अनुमति ही नहीं दे रहा है।<br />
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दूल्हे लोकेश अपनी भाभी के साथ सचिवालय आया हुआ था। मीडिया से बात करते हुए बताया कि  तीन महीने पहले उसकी शादी यूपी के अलीगढ़ में तय हुई है। हमारी सारी तैयारी हो चुकी है, यहां तक कि शादी के कार्ड छप गए। लेकिन प्रशासन अनुमति ही नहीं दे रहा है।
 

<p>ऐसी ही एक शादी कुछ दिन पहले&nbsp;जोधपुर में हुई, जहां दूल्हे वरुण धाणदिया ने अपने दादा की आखिरी इच्छा पूरी करने के लिए दुल्हन मीनाक्षी &nbsp;के साथ शादी की थी। दरअसल युवक के दादा की &nbsp;तबीयत अचानक खराब हो गई थी, तो ऐसे में बुजुर्ग ने कहा-मेरी आखिरी इच्छा है कि मेरे सामने अपने&nbsp;पोते की शादी हो जाए। पता नहीं कल रहूं या नहीं, मुझे मेरी&nbsp;पौत्रवधू का चेहरा देखने की&nbsp;ख्वाहिश है।&nbsp;<br />
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ऐसी ही एक शादी कुछ दिन पहले जोधपुर में हुई, जहां दूल्हे वरुण धाणदिया ने अपने दादा की आखिरी इच्छा पूरी करने के लिए दुल्हन मीनाक्षी  के साथ शादी की थी। दरअसल युवक के दादा की  तबीयत अचानक खराब हो गई थी, तो ऐसे में बुजुर्ग ने कहा-मेरी आखिरी इच्छा है कि मेरे सामने अपने पोते की शादी हो जाए। पता नहीं कल रहूं या नहीं, मुझे मेरी पौत्रवधू का चेहरा देखने की ख्वाहिश है। 
 

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