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ताई के नाम है ऐसा रिकॉर्ड, जिसे कोई नेता नहीं तोड़ पाया,पढ़िए उनसे जुड़ी खास-खास बातें

First Published Apr 12, 2021, 7:25 PM IST
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इंदौर (Madhya Prades) ।  ताई के नाम से मशहूर और पूर्व लोकसभा अध्यक्ष तथा लगातार आठ बार सांसद रहीं सुमित्रा महाजन का 12 अप्रैल को जन्मदिन है। जिनके नाम देश की दूसरी महिला लोकसभा अध्यक्ष बनने का भी रिकॉर्ड है। बता दें कि इस साल गणतंत्र दिवस के मौके पर उन्हें पद्म भूषण सम्मान से सम्मानित किया गया था। ऐसे में हम आपको उनके बारे में बता रहे हैं।

12 अप्रैल 1943 को महाराष्ट्र के चिपलुन में जन्मी सुमित्रा महाजन के पिता संघ के प्रचारक थे। बताते हैं कि 22 साल की उम्र में उनकी शादी इंदौर में एडवोकेट जयंत महाजन से हुआ था। 

12 अप्रैल 1943 को महाराष्ट्र के चिपलुन में जन्मी सुमित्रा महाजन के पिता संघ के प्रचारक थे। बताते हैं कि 22 साल की उम्र में उनकी शादी इंदौर में एडवोकेट जयंत महाजन से हुआ था। 

बताते हैं कि सुमित्रा महाजन के राजनीतिक सफर की शुरूआत 80 के दशक में हुई थी। वे पहली बार इंदौर नगर निगम के लिए पार्षद चुनी गई। बाद में उन्हें इंदौर का उपमहापौर भी बनाया गया।

बताते हैं कि सुमित्रा महाजन के राजनीतिक सफर की शुरूआत 80 के दशक में हुई थी। वे पहली बार इंदौर नगर निगम के लिए पार्षद चुनी गई। बाद में उन्हें इंदौर का उपमहापौर भी बनाया गया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इसके बाद इंदौर-3 विधानसभा से वे पहली बाहर विधानसभा के चुनावी मैदान में उतरी, लेकिन उन्हें कांग्रेस के महेंश चंद्र जोशी के हाथों हार का सामना करना पड़ा, जो उनके राजनीतिक जीवन एक मात्र हार थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इसके बाद इंदौर-3 विधानसभा से वे पहली बाहर विधानसभा के चुनावी मैदान में उतरी, लेकिन उन्हें कांग्रेस के महेंश चंद्र जोशी के हाथों हार का सामना करना पड़ा, जो उनके राजनीतिक जीवन एक मात्र हार थी।

साल 1980 में उन्हें मध्य प्रदेश कांग्रेस के कद्दावर नेता और पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश चंद्र सेठी के खिलाफ चुनाव लड़ाया गया। सुमित्रा महाजन ने उन्हें चुनाव हराकर पहली बार लोकसभा का चुनाव जीत ली थी।
 

साल 1980 में उन्हें मध्य प्रदेश कांग्रेस के कद्दावर नेता और पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश चंद्र सेठी के खिलाफ चुनाव लड़ाया गया। सुमित्रा महाजन ने उन्हें चुनाव हराकर पहली बार लोकसभा का चुनाव जीत ली थी।
 

अपनी साफ छवि के लिए प्रसिद्ध सुमित्रा महाजन के नाम एक ऐसा रिकॉर्ड दर्ज है, जिसे तोड़ना संभवतः असंभव है। वे देश की एकमात्र महिला सांसद हैं, जो साल 1989, 1991, 1996, 1998, 1999, 2004, 2009 और 2014 में वह लगातार 8 चुनाव एक ही पार्टी और एक ही लोकसभा क्षेत्र इंदौर से जीती।

अपनी साफ छवि के लिए प्रसिद्ध सुमित्रा महाजन के नाम एक ऐसा रिकॉर्ड दर्ज है, जिसे तोड़ना संभवतः असंभव है। वे देश की एकमात्र महिला सांसद हैं, जो साल 1989, 1991, 1996, 1998, 1999, 2004, 2009 और 2014 में वह लगातार 8 चुनाव एक ही पार्टी और एक ही लोकसभा क्षेत्र इंदौर से जीती।

सुमित्रा महाजन का विपक्षी नेता भी बहुत सम्मान करते हैं। 16वीं लोकसभा के दौरान नरेंद्र मोदी की पहली सरकार में उनके राजनीतिक अनुभव और वरिष्ठता को सम्मान देते हुए लोकसभा का अध्यक्ष बनाया गया था।

सुमित्रा महाजन का विपक्षी नेता भी बहुत सम्मान करते हैं। 16वीं लोकसभा के दौरान नरेंद्र मोदी की पहली सरकार में उनके राजनीतिक अनुभव और वरिष्ठता को सम्मान देते हुए लोकसभा का अध्यक्ष बनाया गया था।

2019 के चुनाव में उन्हें चुनाव नहीं लड़ाया गया था। इस साल गणतंत्र दिवस के मौके पर उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया गया।

2019 के चुनाव में उन्हें चुनाव नहीं लड़ाया गया था। इस साल गणतंत्र दिवस के मौके पर उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया गया।

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