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भारत के इस शहर में 10 साल से रह रहा था तालिबानी आतंकी, बंदूक और खंजर थामे तस्वीर आई सामने
नागपुर. अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जा करने के बाद वहां की स्थिति काफी भयावह हो चुकी है। पूरी दुनिया की राजनीति में अफगान को लेकर अफरतफरा मची हुई है। रोजाना जिस तरह की तस्वीरें वहां से सामने आ रही हैं, वह बताती हैं कि वहां के हालात बहुत ही भयानक हैं। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक तालिबानी की तस्वीर वारयल हो रही है, जिसका भारत के नागपुर से कनेक्शन सामने आया है। हैरानी की बात यह है कि यह शख्स अपनी पहचान छिपाकर 10 साल तक रहा और किसी को कुछ पता नहीं चला। पढ़िए इस तालिबानी शख्स की कहानी..बंदूक के साथ तस्वीरों ने मचाया हड़कंप...

दरअसल, इस तालिबानी लड़ाके का नाम नूर मोहम्मद उर्फ अब्दुल हक बताया जा रहा है। जिसकी उम्र 30 साल है और वो 10 साल तक नागपुर के डिगोरी इलाके में किराए के एक मकान में रूप बदल कर अवैध रूप से रह रहा था।
बताया जाता है नागपुर पुलिस ने सूचना मिलने पर उस गुप्त रूप से नजर रखना शुरू कर दिया था। इसके बाद उसे 16 जून 2021 गिरफ्तार किया गया। जिसकी जांच की गई तो उसके बॉडी पर कई गोली लगने के निशान मिले थे। इसके बाद अफगानिस्तान दूतावास से संपर्क कर उसके देश भेज दिया था। उसके तालिबानी होने की पुष्टि अफगानिस्तान दूतावास ने की थी।
पुलिस जांच में सामने आया है कि नूर मोहम्मद 2010 में छह महीने के पर्यटक वीजा पर नागपुर आया था। बाद में उसने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में शरणार्थी का दर्जा देने के लिए आवेदन किया था। हालांकि उसके आवदेन को को यूएनएचआरसी ने खारिज कर दिया था। आवेदन मंजर नहीं होने के बाद वह नागपुर में किराए से रहने लगा।
इस तालिबानी नूर के बारे में जानकारी देते हुए नागपुर पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि नूर मोहम्मद का असली नाम अब्दुल हक है और उसका भाई तालिबान के साथ काम करता था। पिछले साल नूर ने धारदार हथियार के साथ सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर की थी।
हालांकि नागपुर पुलिस के स्पेशल ब्रांच के DCP बसवराज तेली ने कहा है कि वह तालिबान में शामिल हुआ है या नहीं इसकी कोई जानकारी सामने नहीं आई है।
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