Tejas : 2,222 किमी/घंटा की स्पीड....वायुसेना को मिलेंगे ये 83 खतरनाक स्वदेशी विमान, जानिए इसकी खासियत

First Published Jan 13, 2021, 6:13 PM IST

नई दिल्ली. चीन और पाकिस्तान के साथ चल रहे तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबि‍नेट कमेटी ऑफ सिक्‍योरिटी (CCS) ने 83 हल्‍के लड़ाकू विमान तेजस की खरीद को मंजूरी दी है। इसके लिए 48,000 करोड़ रुपए के सबसे बड़े स्वदेशी रक्षा खरीद सौदे को मंजूरी दी गई है। तेजस  चौथी पीढ़ी के सुपरसोनिक लड़ाकू विमानों के समूह में सबसे हल्का और सबसे छोटा है। माना जा रहा है कि सरकार के कदम से भारतीय वायुसेना और मजबूत होगी। 
 

<p>रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बताया कि पीएम की अध्यक्षता वाली CCS ने आज भारतीय वायुसेना के बेड़े के स्वदेशी फाइटर जेट एलसीए तेजस को मजबूत करने के लिए लगभग 48,000 करोड़ रुपए के सबसे बड़े स्वदेशी रक्षा खरीद सौदे को मंजूरी दे दी। यह सौदा भारतीय रक्षा विनिर्माण में आत्मनिर्भरता के लिए एक गेम-चेंजर होगा</p>

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बताया कि पीएम की अध्यक्षता वाली CCS ने आज भारतीय वायुसेना के बेड़े के स्वदेशी फाइटर जेट एलसीए तेजस को मजबूत करने के लिए लगभग 48,000 करोड़ रुपए के सबसे बड़े स्वदेशी रक्षा खरीद सौदे को मंजूरी दे दी। यह सौदा भारतीय रक्षा विनिर्माण में आत्मनिर्भरता के लिए एक गेम-चेंजर होगा

<p><strong>तेजस की खासियतें :</strong><br />
एलसीए तेजस पूरी तरह स्वदेशी विमान है। इसका नाम पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने दिया था। तेजस राफेल की तरह सिंगल सीटर विमान है। जबकि ट्रेनी विमान 2 सीटर है।</p>

तेजस की खासियतें :
एलसीए तेजस पूरी तरह स्वदेशी विमान है। इसका नाम पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने दिया था। तेजस राफेल की तरह सिंगल सीटर विमान है। जबकि ट्रेनी विमान 2 सीटर है।

<p>तेजस हवा से हवा और हवा से जमीन पर मिसाइल दागने में सक्षम है। वहीं, इसमें एंटीशिप मिसाइल, बम और रॉकेट भी लगाए जा सकते हैं। तेजस एक बार में 54 हजार फीट की ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है। इसमें इजरायल का मल्टी मोड रडार सिस्टम लगा है। यह दुश्मन को आसानी से चकमा भी दे सकता है।&nbsp;&nbsp;</p>

तेजस हवा से हवा और हवा से जमीन पर मिसाइल दागने में सक्षम है। वहीं, इसमें एंटीशिप मिसाइल, बम और रॉकेट भी लगाए जा सकते हैं। तेजस एक बार में 54 हजार फीट की ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है। इसमें इजरायल का मल्टी मोड रडार सिस्टम लगा है। यह दुश्मन को आसानी से चकमा भी दे सकता है।  

<p>तेजस की स्पीड 2222 किमी प्रति घंटा है। तेजस 13500 किलोग्राम वजन ले जा सकता है। तेजस 43.5 फीट लंबा और 14.9 फीट ऊंचा है। यह हल्का और आकार में भी छोटा है। इससे यह क्लोज कॉम्बेट में मदद करता है।</p>

तेजस की स्पीड 2222 किमी प्रति घंटा है। तेजस 13500 किलोग्राम वजन ले जा सकता है। तेजस 43.5 फीट लंबा और 14.9 फीट ऊंचा है। यह हल्का और आकार में भी छोटा है। इससे यह क्लोज कॉम्बेट में मदद करता है।

<p>तेजस में 6 तरह की हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलें तैनात की जा सकती हैं। इसमें डर्बी, पाइथन-5, आर-73, अस्त्र, असराम, मेटियोर, 2 तरह की हवा से जमीन पर मार करने वाली मिसाइलें ब्रह्मोस एनजी और एंटी रेडिएशन मिसाइल और ब्रह्मोस-एनटी शिप मिसाइल तैनात की जा सकती हैं।</p>

तेजस में 6 तरह की हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलें तैनात की जा सकती हैं। इसमें डर्बी, पाइथन-5, आर-73, अस्त्र, असराम, मेटियोर, 2 तरह की हवा से जमीन पर मार करने वाली मिसाइलें ब्रह्मोस एनजी और एंटी रेडिएशन मिसाइल और ब्रह्मोस-एनटी शिप मिसाइल तैनात की जा सकती हैं।

<p>तेजस में लेजर गाइडेड बम, गाइडड बम और क्लस्टर हथियार भी लगाए जा सकते हैं। मल्टी रोड रडार सिस्टम तेजस खतरनाक है।&nbsp;<br />
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तेजस में लेजर गाइडेड बम, गाइडड बम और क्लस्टर हथियार भी लगाए जा सकते हैं। मल्टी रोड रडार सिस्टम तेजस खतरनाक है। 
 

<p><strong>भारत को क्यों पड़ी तेजस की जरूरत?</strong><br />
तेजस एक मल्टी-रोल फाइटर है जिसमें कई महत्वपूर्ण क्षमताएं हैं। इससे भारत की वायु सेना और मजबूत होगी। इसके अलावा यह मिग-21 का एक बेहतर विकल्प भी साबित होगा। मिग-21 काफी पुराना हो चुका है। इसलिए भारतीय वायु सेना को अंदाजा हो गया था कि नए लड़ाकू विमान की जरूरत पड़ेगी। इसलिए तेजस की तैयारी 1980 में ही शुरू कर दी गई थी। 4 जनवरी 2001 को तेजस ने अपनी पहली उड़ान भरी थी।<br />
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भारत को क्यों पड़ी तेजस की जरूरत?
तेजस एक मल्टी-रोल फाइटर है जिसमें कई महत्वपूर्ण क्षमताएं हैं। इससे भारत की वायु सेना और मजबूत होगी। इसके अलावा यह मिग-21 का एक बेहतर विकल्प भी साबित होगा। मिग-21 काफी पुराना हो चुका है। इसलिए भारतीय वायु सेना को अंदाजा हो गया था कि नए लड़ाकू विमान की जरूरत पड़ेगी। इसलिए तेजस की तैयारी 1980 में ही शुरू कर दी गई थी। 4 जनवरी 2001 को तेजस ने अपनी पहली उड़ान भरी थी।
 

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