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कोरोना पर अब फतह! पीएम मोदी की भी बढ़ी उम्मीदें, रिकवरी रेट बढ़ा, इफेंक्शन रेट हुआ कम
नई दिल्ली. देश में कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए लगातार ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। देश में पिछले दिनों से लॉकडाउन जारी है। लॉकडाउन के तीसरे चरण में केंद्र सरकार ने आज से कुछ ढील दी है। जिससे थम चुके अर्थव्यवस्था के पहिये को चलाया जा सके। ये ढील सरकार तब ही दे सकी जब उसे कुछ पॉजिटिव संकेत मिले। इसमें इंफेक्शन रेट का कम होना, मौत की दरों में गिरावट और बेहतर रिकवरी रेट होने के बाद सरकार ने ढील देना का कदम उठाया है। अबतक 11,835 लोग कोरोना से ठीक हो चुके हैं। जबकि देश में 10 लाख से अधिक लोगों की जांच की जा चुकी है।

रिकवरी रेट बढ़ी तो बढ़ा पीएम मोदी का भरोसा
कोरोना वायरस लॉकडाउन की वजह से देश थम सा गया था। लेकिन तेज रिकवरी रेट देखकर प्रधानमंत्री मोदी और बाकी अधिकारियों ने जैसे राहत की सांस ली हो। फिलहाल देश में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 42 हजार से अधिक है। जबकि 1396 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।
देश में संक्रमण के शिकार 11,886 लोग ठीक हो चुके हैं। यह रिकवरी रेट 22 प्रतिशत के करीब है। बताया जाता है कि इसी से मोदी सरकार में अर्थव्यवस्था से जुड़ी चीजों को फिर से खोलने का साहस आया। एक सीनियर अधिकारी ने उम्मीद जताई है की मई के आखिर तक रिकवरी रेट 50 प्रतिशत के करीब पहुंच जाएगा।
10 लाख टेस्ट पूरे, इंफेक्शन रेट यूएस, इटली से कम
देश ने कोरोना वायरस के 10 लाख टेस्ट पूरे कर लिए हैं। इसमें इंफेक्शन रेट 4 प्रतिशत से ऊपर नहीं पहुंचा है। औतसतन यह 4.5 प्रतिशत से गिरकर 3.8 प्रतिशत पर आ गया है। इतनी ही टेस्टिंग के आंकड़े से मिलान करें तो यह अमेरिका, इटली, स्पेन, तुर्की, जर्मनी से बेहतर है।
12 दिन में दोगुने हो रहे मरीज
देश में कोरोना केसों के डबल होने में अब ज्यादा वक्त लग रहा है। पिछले 14 दिन में केस डबल होने की दर 10.50 दिन थी लेकिन रविवार के आंकड़ों के मुताबिक, अब केस डबल होने में 12 दिन लग रहे हैं। देश में 25% से ज्यादा यानी 11793 लोग ठीक हो चुके हैं। इसके अलावा
डेथ रेट भी कम
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने रविवार को बताया था कि भारत में इस बीमारी से मरने वालों की दर दुनिया में सबसे कम है। हमारे यहां मृत्यु दर 3.2 प्रतिशत है जो दुनिया में सबसे कम है। प्रति 10 लाख पर मौतें देखें तो भारत कोरोना से होने वाली मौतों को रोकने में कामयाब हुआ है। यहां प्रति 10 लाख पर सिर्फ 1 शख्स की मौत हो रही है। वहीं, स्पेन में हर 10 लाख लोगों में 540 लोग अपनी जान गंवा रहे हैं।
इन राज्यों में सबसे अधिक खतरा
कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा पस्त राज्यों की बात करें तो उसमें मध्य प्रदेश, दिल्ली, महाराष्ट्र और गुजरात का नाम आता है। मध्यप्रदेश का पॉजिटिव रेट (7.6%), दिल्ली का 7.3, महाराष्ट्र का 7.2 और गुजरात का 6.9 है। अप्रैल में तमिलनाडु का पॉजिटिविटी रेट 9.2 था लेकिन अब वह गिरकर 2 प्रतिशत पर आ गया है।
देश में कोरोना का हाल
देश में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 42 हजार 793 हो गई है। जबकि अब तक यहां 1396 लोगों की मौत हो चुकी है। कोरोना के संक्रमण से महाराष्ट्र बुरी तरह से प्रभावित है। यहां संक्रमित मरीजों की संख्या 12 हजार 974 है। जबकि 548 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, गुजरात में 5428, दिल्ली में 4549, तमिलनाडु में 3023, राजस्थान में 3016 जबकि उत्तर प्रदेश में 2645 कोरोना संक्रमित मरीज हैं।
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