- Home
- National News
- सबसे अच्छी खबर: सिर्फ 30 पैसे में होगा कोरोना का खात्मा, भारत के पास है इस दवा का भंडार
सबसे अच्छी खबर: सिर्फ 30 पैसे में होगा कोरोना का खात्मा, भारत के पास है इस दवा का भंडार
नई दिल्ली. कोरोना वायरस से अब तक दुनियाभर में 4.56 लाख लोगों की मौत हो चुकी है। भारत में भी कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में कोरोना से जूझ रही दुनिया के लिए एक दवा उम्मीद बनकर नजर आ रही है। यह डेक्सामेथासोन (dexamethasone) दवा है। भारत में इस दवा का भंडार है। यहां करीब 60 सालों से इसका इस्तेमाल हो रहा है। यह दवा भारत में 20 कंपनियां बनाती हैं। यह यहां से 107 देशों में निर्यात की जाती है। इस दवा की 10 गोलियां सिर्फ 3 रुपए में आती हैं।

कोरोना वायरस के लिए इस दवा को रामबाण कहा जाने लगा है। भारत से इस दवा का निर्यात 107 देशों में किया जाता है। निर्यात से भारत को करीब 116.78 करोड़ की कमाई होती है। हाल ही में ब्रिटेन में इस दवा के इस्तेमाल के काफी अच्छे नतीजे देखने को मिले हैं।
इस दवा का इस्तेमाल डॉक्टर की देखरेख में एलर्जी, दमा, दांत और आंखों की सूजन, त्वचा संबंधी बीमारियों के लिए किया जाता है।
भारत में इस दवा का निर्माण जाइडस कैडिला, वॉकहॉर्ट, कैडिला फार्मास्यूटिकल्स, जीएलएस फार्मा समेत 20 कंपनियां करती हैं। जायडस कैडिला हर साल सिर्फ इस दवा से 100 करोड़ रुपए का टर्नओवर करती है।
अच्छी बात ये है कि ये दवा बेहद सस्ती है। इसकी दस गोलियां मात्र 3 रुपये में आती हैं। इस दवा से 10 दिन इलाज का खर्चा 477 रुपए यानि सिर्फ 48 रुपए प्रतिदिन आता है।
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने ब्रिटेन में 2104 कोरोना मरीजों पर दवा का ट्रायल किया। ये उन मरीजों को दी गई जो वेंटिलेटर पर थे। इस दवा से मरीजों की मौत एक तिहाई तक कम हो गई।
भारत में डेक्सामिथेसोन को करीब 20 कंपनियां बनाती हैं। इस दवा को टैबलेट, इंजेक्शन और ओरल ड्रॉप फॉर्म में बनाया जाता है।
डेक्सामिथेसोन 1957 में बनाई गई थी। लेकिन इसे 1961 में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली। इस दवा से सूजन, जलन, खुजली, एलर्जी, लाल धब्बे खत्म हो जाते हैं।
डेक्सामिथेसोन को WHO ने भी मान्यता दी है। यह दवा भारत से 107 देशों में भेजी जाती है।
अमेरिका, नाइजीरिया, कनाडा, रूस और युगांडा डेक्सामिथेसोन के सबसे बड़े खरीददार हैं। ये भारत के कुल निर्यात का 64.54% हिस्सा खरीदते हैं।
हालांकि, एक्सपर्ट का मानना है कि अभी क्षमता का आकलन करना जल्दबाजी कहा जा सकता है। लेकिन इसके परिणाम सकरात्मक आए हैं।
इस दवा का असर कोरोना के हल्के लक्षणों वाले मरीजों में नहीं दिखा। हालांकि, डेक्सामेथासोन के कारण मरीजों में लक्षण 15 दिन की जगह 11 दिन में दिखना कम हुए।
National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.