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TROPEX : यह है भारतीय नेवी का सबसे बड़ा वॉर गेम, जानें क्या है इसकी खासियत

First Published Feb 11, 2021, 12:54 PM IST
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नेशनल डेस्क। भारतीय नौसैना (Indian Navy) सा सबसे बड़ा वॉर एक्सरसाइज ट्रोपेक्स (TROPEX) हिंद महासगार क्षेत्र (Indian Ocean Region) में जारी है। इस थिएटर लेवल एक्सरसाइज का मकसद नेवी की आक्रामक और सुरक्षात्मक क्षमताओं को बढ़ाना है। इसके अलावा, हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा और शांति को कायम रखना है। भारतीय नौसेना के इस सबसे बड़े वॉर गेम (ए्क्सरसाइज) में कई वॉरशिप, पनडुब्बियां, एयरक्राफ्ट्स, इंडियन आर्मी की यूनिट्स और इंडियन कोस्ट गार्ड शामिल हैं। हर दो साल (Biennial) पर होने वाला थिएटर लेवल ऑपरेशनल रेडीनेस एक्सरसाइज (TROPEX) जनवरी में शुरू हुआ और फरवरी के तीसरे हफ्ते तक चलेगा। 
 

भारतीय नौसेना ने कहा है कि यह एक्सरसाइज हिंद महासागर के बड़े क्षेत्र में चल रही है और इसका मकसद नेवी की आक्रामक तैयारियों के स्तर को परखना है। नेवी का कहना है कि यह एक्सरसाइज मल्टी-डायमेंशनल है और वर्तमान जियो-स्ट्रैटेजिक एनवायरन्मेंट की जरूरतों के हिसाब से की जा रही है।

भारतीय नौसेना ने कहा है कि यह एक्सरसाइज हिंद महासागर के बड़े क्षेत्र में चल रही है और इसका मकसद नेवी की आक्रामक तैयारियों के स्तर को परखना है। नेवी का कहना है कि यह एक्सरसाइज मल्टी-डायमेंशनल है और वर्तमान जियो-स्ट्रैटेजिक एनवायरन्मेंट की जरूरतों के हिसाब से की जा रही है।

इंडियन नेवी की इस थिएटर लेवल एक्सरसाइज का मकसद देश की सुरक्षा संबंधी तैयारियों के साथ ही क्षेत्र में स्थिरता और शांति को बढ़ावा देना है। ट्रोपेक्स (TROPEX) का आयोजन नेवल हेडक्वॉर्टर की देख-रेख में हो रहा है। इसमें इंडियन नेवी के तीनों कमांड हिस्सा ले रहे हैं। इसके साथ ही पोर्ट ब्लेयर की ट्राई-सर्विसेस कमांड भी इसमें शामिल है। यह  एक्सरसाइज अब एक खास दौर से गुजर रही है और इसमें शांति के समय के साथ युद्ध के दौरान की तैयारियां भी शामिल हैं।

इंडियन नेवी की इस थिएटर लेवल एक्सरसाइज का मकसद देश की सुरक्षा संबंधी तैयारियों के साथ ही क्षेत्र में स्थिरता और शांति को बढ़ावा देना है। ट्रोपेक्स (TROPEX) का आयोजन नेवल हेडक्वॉर्टर की देख-रेख में हो रहा है। इसमें इंडियन नेवी के तीनों कमांड हिस्सा ले रहे हैं। इसके साथ ही पोर्ट ब्लेयर की ट्राई-सर्विसेस कमांड भी इसमें शामिल है। यह एक्सरसाइज अब एक खास दौर से गुजर रही है और इसमें शांति के समय के साथ युद्ध के दौरान की तैयारियां भी शामिल हैं।

पहले दौर में इंडियन नेवी ने कोस्टल डिफेंस एक्सरसाइज सी-विजिल (Sea-Vigil) पूरी कोस्टलाइन और देश के आइलैंड टेरिटरीज में की। यह एक्सरसाइज 12-13 जनवरी को हुई। इस एक्सरसाइज में इंडियन नेवी के साथ कोस्ट गार्ड, 13 कोस्टल स्टेट और यूनियन टेरिटरीज की मरीन पुलिस भी शामिल हुई। इसके अलावा, इसमें मैरीटाइम डोमेन के स्टेकहोल्डर्स भी शामिल हुए।

पहले दौर में इंडियन नेवी ने कोस्टल डिफेंस एक्सरसाइज सी-विजिल (Sea-Vigil) पूरी कोस्टलाइन और देश के आइलैंड टेरिटरीज में की। यह एक्सरसाइज 12-13 जनवरी को हुई। इस एक्सरसाइज में इंडियन नेवी के साथ कोस्ट गार्ड, 13 कोस्टल स्टेट और यूनियन टेरिटरीज की मरीन पुलिस भी शामिल हुई। इसके अलावा, इसमें मैरीटाइम डोमेन के स्टेकहोल्डर्स भी शामिल हुए।

इंडियन नेवी ने कहा कि इस एक्सरसाइज से कई नई और महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं, जिनका फायदा देश के कोस्टल डिफेंस आर्किटेक्चर को मजबूत बनाने में मिलेगा। सी-विजिल एक्सरसाइज के बाद बड़े पैमाने पर ट्राई सर्विस जॉइंट एक्सरसाइज AMPHEX-21 अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 21 जनवरी से 25 जनवरी तक हुई। यह एक्सरसाइज देश की सुरक्षा को मजबूत करने और सेना की संयुक्त युद्ध क्षमता को विकसित करने के लिहाज से महत्वपूर्ण थी।

इंडियन नेवी ने कहा कि इस एक्सरसाइज से कई नई और महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं, जिनका फायदा देश के कोस्टल डिफेंस आर्किटेक्चर को मजबूत बनाने में मिलेगा। सी-विजिल एक्सरसाइज के बाद बड़े पैमाने पर ट्राई सर्विस जॉइंट एक्सरसाइज AMPHEX-21 अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 21 जनवरी से 25 जनवरी तक हुई। यह एक्सरसाइज देश की सुरक्षा को मजबूत करने और सेना की संयुक्त युद्ध क्षमता को विकसित करने के लिहाज से महत्वपूर्ण थी।

भारतीय नेवी के इस अभ्यास TROPEX में वर्कअप फेज के दौरान कई  मिसाइलों, टॉरपीडोज और रॉकेट्स को ऑन टारगेट टेस्ट किया गया। यह पूरी तरह सफल रहा। इसके अलावा फ्रंटलाइन वॉरशिप्स, एयरक्राफ्ट, सब-मैरीन्स ने भी अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन किया। इससे पता चला कि भारतीय नेवी की ताकत क्या है और कैसे वह दुश्मनों का मुकाबला करने में कामयाब हो सकती है। नेवी ने कहा कि इस एक्सरसाइज से यह जाहिर है कि भारतीय नौसेना किसी भी चुनौती का सामना कर पाने में पूरी तरह सक्षम है।

भारतीय नेवी के इस अभ्यास TROPEX में वर्कअप फेज के दौरान कई मिसाइलों, टॉरपीडोज और रॉकेट्स को ऑन टारगेट टेस्ट किया गया। यह पूरी तरह सफल रहा। इसके अलावा फ्रंटलाइन वॉरशिप्स, एयरक्राफ्ट, सब-मैरीन्स ने भी अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन किया। इससे पता चला कि भारतीय नेवी की ताकत क्या है और कैसे वह दुश्मनों का मुकाबला करने में कामयाब हो सकती है। नेवी ने कहा कि इस एक्सरसाइज से यह जाहिर है कि भारतीय नौसेना किसी भी चुनौती का सामना कर पाने में पूरी तरह सक्षम है।

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