दिल्ली के बाद महाराष्ट्र...क्या है प्लाज्मा थेरेपी, कोरोना से बचने के लिए दो राज्यों ने जताया भरोसा

First Published 29, Jun 2020, 5:00 PM

नई दिल्ली. कोरोना से निपटने में प्लाज्मा थेरेपी कुछ हद तक सफल हुई है। दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने तो प्लाज्मा बैंक बनाने का ऐलान कर दिया है। महाराष्ट्र में भी प्लाज्मा थेरेपी का सबसे बड़ा ट्रायल होगा। अरविंद केजरीवाल ने कहा, दिल्ली में हम कोरोना मरीजों के इलाज के लिए प्लाज्मा बैंक बनाने जा रहे हैं। देशभर में ये पहला प्लाज्मा बैंक होगा। मैं ठीक हुए लोगों से प्लाज्मा दान करने की अपील करता हूं। यह 'प्लाज्मा बैंक' दिल्ली में लिवर और पित्त विज्ञान संस्थान में स्थापित किया जाएगा। आपके आने-जाने और टैक्सी का खर्चा सरकार देगी बस आप प्लाज्मा देने के इच्छुक हों।
 

<p style="text-align: center;"><strong><u>क्या है प्लाज्मा थेरेपी?</u></strong><br />
कोरोना से ठीक हो चुके मरीज के शरीर से प्लाज्मा लिया जाता है। प्लाज्मा खून में बनता है, इससे एक से दो लोगों को ठीक कर सकते हैं। <br />
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क्या है प्लाज्मा थेरेपी?
कोरोना से ठीक हो चुके मरीज के शरीर से प्लाज्मा लिया जाता है। प्लाज्मा खून में बनता है, इससे एक से दो लोगों को ठीक कर सकते हैं। 
 

<p style="text-align: center;"><strong><u>प्लाज्मा थेरेपी में एंटीबॉडी का इस्तेमाल होता है</u></strong><br />
प्लाज्मा थेरेपी में एंटीबॉडी का इस्तेमाल किया जाता है। किसी वायरस के खिलाफ शरीर में एंटीबॉडी तभी बनता है, जब व्यक्ति संबंधित वायरस से पीड़ित हो। जैसे कि जो व्यक्ति कोरोना से पीड़ित होने के बाद ठीक हो गया, उस व्यक्ति के शरीर में कोरोना वायरस के खिलाफ एंडीबॉडी बनता है। यह एंटीबॉडी तब ही बनता है जब मरीज ठीक हो जाता है। </p>

प्लाज्मा थेरेपी में एंटीबॉडी का इस्तेमाल होता है
प्लाज्मा थेरेपी में एंटीबॉडी का इस्तेमाल किया जाता है। किसी वायरस के खिलाफ शरीर में एंटीबॉडी तभी बनता है, जब व्यक्ति संबंधित वायरस से पीड़ित हो। जैसे कि जो व्यक्ति कोरोना से पीड़ित होने के बाद ठीक हो गया, उस व्यक्ति के शरीर में कोरोना वायरस के खिलाफ एंडीबॉडी बनता है। यह एंटीबॉडी तब ही बनता है जब मरीज ठीक हो जाता है। 

<p style="text-align: center;"><strong><u>बीमार व्यक्ति में बनता है एंटीबॉडी</u></strong><br />
बीमार रहने के दौरान शरीर में तुरन्त एंटीबॉडी नहीं बनता है। कोरोना से जो व्यक्ति ठीक हो चुकी है उसके शरीर में एंटीबॉडी बना होता है। वह एंटीबॉडी उसके शरीर से निकालकर कोरोना संक्रमित व्यक्ति के शरीर में डाल दिया जाता है। इससे मरीज के ठीक होने की संभावना ज्यादा होती है।</p>

बीमार व्यक्ति में बनता है एंटीबॉडी
बीमार रहने के दौरान शरीर में तुरन्त एंटीबॉडी नहीं बनता है। कोरोना से जो व्यक्ति ठीक हो चुकी है उसके शरीर में एंटीबॉडी बना होता है। वह एंटीबॉडी उसके शरीर से निकालकर कोरोना संक्रमित व्यक्ति के शरीर में डाल दिया जाता है। इससे मरीज के ठीक होने की संभावना ज्यादा होती है।

<p style="text-align: center;"><strong><u>क्या प्लाज्मा थेरेपी सफल है?</u></strong><br />
प्लाज्मा थेरेपी कितना कारगर है यह साफ तौर पर कहा नहीं जा सकता। लेकिन चीन में कुछ मरीजों को इससे फायदा हुआ था। दिल्ली में भी मरीजों को इससे फायदा पहुंचा था।</p>

क्या प्लाज्मा थेरेपी सफल है?
प्लाज्मा थेरेपी कितना कारगर है यह साफ तौर पर कहा नहीं जा सकता। लेकिन चीन में कुछ मरीजों को इससे फायदा हुआ था। दिल्ली में भी मरीजों को इससे फायदा पहुंचा था।

<p style="text-align: center;"><strong><u>प्लाज्मा कौन दे सकता है?</u></strong><br />
कोरोना संक्रमण से पूरी तरह ठीक होने वाले मरीज प्लाज्मा दे सकते हैं। लेकिन शर्त है कि वायरस के संक्रमण से ठीक होने के बाद 14 दिन तक जिसमें दोबारा लक्षण न दिखे। दूसरी शर्त है कि थ्रोट-नेजल स्वैब की रिपोर्ट तीन बार नेगेटिव आने के बाद डोनेट कर सकता है।</p>

प्लाज्मा कौन दे सकता है?
कोरोना संक्रमण से पूरी तरह ठीक होने वाले मरीज प्लाज्मा दे सकते हैं। लेकिन शर्त है कि वायरस के संक्रमण से ठीक होने के बाद 14 दिन तक जिसमें दोबारा लक्षण न दिखे। दूसरी शर्त है कि थ्रोट-नेजल स्वैब की रिपोर्ट तीन बार नेगेटिव आने के बाद डोनेट कर सकता है।

<p style="text-align: center;">मुख्यमंत्री ने कहा कि प्लाज्मा दान से जुड़ी जानकारियों को लेकर सरकार हेल्पलाइन भी शुरू करेगी। केजरीवाल ने कहा कि सरकार ने अब तक कोविड-19 के 29 मरीजों पर प्लाज्मा थेरेपी का क्लीनिकल ट्रायल किया है और इसके परिणाम उत्साहजनक रहे हैं।</p>

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्लाज्मा दान से जुड़ी जानकारियों को लेकर सरकार हेल्पलाइन भी शुरू करेगी। केजरीवाल ने कहा कि सरकार ने अब तक कोविड-19 के 29 मरीजों पर प्लाज्मा थेरेपी का क्लीनिकल ट्रायल किया है और इसके परिणाम उत्साहजनक रहे हैं।

<p style="text-align: center;">महाराष्ट्र सरकार ने ऐलान किया कि कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों के इलाज को प्‍लाज्‍मा थेरेपी सुविधा केन्‍द्र शुरू हो रहा है। दावा किया जा रहा है कि यह दुनिया का सबसे बड़ा प्लाज्मा थेरेपी सेंटर होगा। </p>

महाराष्ट्र सरकार ने ऐलान किया कि कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों के इलाज को प्‍लाज्‍मा थेरेपी सुविधा केन्‍द्र शुरू हो रहा है। दावा किया जा रहा है कि यह दुनिया का सबसे बड़ा प्लाज्मा थेरेपी सेंटर होगा। 

<p style="text-align: center;"><strong><u>महाराष्ट्र सरकार 70 करोड़ रु. का बजट</u></strong><br />
महाराष्ट्र में सोमवार को शुरू होने वाले ट्रायल के दौरान 500 मरीजों को प्लाज्मा थेरेपी की दो डोज दी जाएंगीं। बताया जा रहा है कि इस ट्रायल के लिए महाराष्ट्र सरकार ने 70 करोड़ रुपये का बजट जारी किया था।<br />
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महाराष्ट्र सरकार 70 करोड़ रु. का बजट
महाराष्ट्र में सोमवार को शुरू होने वाले ट्रायल के दौरान 500 मरीजों को प्लाज्मा थेरेपी की दो डोज दी जाएंगीं। बताया जा रहा है कि इस ट्रायल के लिए महाराष्ट्र सरकार ने 70 करोड़ रुपये का बजट जारी किया था।
 

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