दिल्ली में पहली बार यमुना में नहीं हुआ किसी मूर्ति का विसर्जन, सरकार ने बनाया था खास प्लान

First Published 9, Oct 2019, 4:38 PM IST

नई दिल्ली. दिल्ली में दुर्गा पूजा शुरू होने के बाद शायद पहली बार होगा, जब शहर के अधिकारियों ने यह सुनिश्चित किया कि यमुना में कोई मूर्ती विसर्जित नहीं की जाएगी। इसके लिए सभी घाटों के लिए रास्ते बंद कर दिए। बैरिकेड्स लगा दिए गए। दिल्ली सरकार की ओर से बनाए गए अस्थायी तालाबों में प्रतिमाओं को विसर्जन किया गया। हालांकि कई लोगों को इसके बारे में पता नहीं था। कई लोग यमुना घाट पर विसर्जन करना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें वापस लौटा दिया। उनमे से कई लोगों को कहना था कि उन्हें दिल्ली सरकार के मूर्ति विसर्जन के प्लान के बारे में पता नहीं था।

दिल्ली सरकार की ओर से बनाए गए अस्थायी तालाबों में प्रतिमाओं को विसर्जन किया गया।

दिल्ली सरकार की ओर से बनाए गए अस्थायी तालाबों में प्रतिमाओं को विसर्जन किया गया।

प्रतिबंध के बाद यमुना में तो विसर्जन नहीं हुआ, लेकिन घाट के आस-पास पूजा सामग्री और प्लास्टिक की थैलियां फेंकी गईं।

प्रतिबंध के बाद यमुना में तो विसर्जन नहीं हुआ, लेकिन घाट के आस-पास पूजा सामग्री और प्लास्टिक की थैलियां फेंकी गईं।

शहर के लगभग सभी चर्चित घाटों पर पुलिस ने बैरिकेडिंग की व्यवस्था की थी और यमुना में एक भी मूर्ति का विसर्जन नहीं हुआ।

शहर के लगभग सभी चर्चित घाटों पर पुलिस ने बैरिकेडिंग की व्यवस्था की थी और यमुना में एक भी मूर्ति का विसर्जन नहीं हुआ।

दिल्ली सरकार की ओर से बनाए गए अस्थायी तालाबों में प्रतिमाओं को विसर्जन किया।

दिल्ली सरकार की ओर से बनाए गए अस्थायी तालाबों में प्रतिमाओं को विसर्जन किया।

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