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मेस, कैंटीन और हॉस्टल... कोरोना के कहर से अब बदलेगा नियम, स्कूल-कॉलेज के लिए नई गाइडलाइन बना रही सरकार
नई दिल्ली. देश में जारी कोरोना संकट से लड़ने के लिए देशभर में लॉकडाउन लागू किया गया है। इस दौरान सभी स्कूल-कॉलेज और शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने का आदेश दिया गया है। ऐसे में एक ओर जहां बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। वहीं, दूसरी ओर कोर्स के छात्रों के फाइनल पेपर भी अभी तक नहीं हो सके हैं। इन सब के बीच मानव संसाधन विकास मंत्रालय स्कूल-कॉलेजों में पढ़ाई की प्रक्रिया शुरू करने के लिए नई गाइडलाइन तैयार कर रहा है। गौरतलब है कि मौजूदा समय में सरकार ऑनलाइन क्लास पर जोर दे रही है। कई शैक्षणिक संस्थानों द्वारा ऑनलाइन क्लास लगाया भी जा रहे हैं। लेकिन कोरोना वायरस संक्रमण को देखते हुए अब कॉलेजों में बहुत कुछ बदलने वाला है। कैंपस में नये चेहरे तो होंगे लेकिन वो रौनकें अब नहीं मिलेंगी जानें- कैसे बदल जाएंगे कैंपस...

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक MHRD की तैयारी है कि कैंपस में कुछ इस तरह सोशल डिस्टेंसिंग लागू हो कि पढ़ाई शुरू होने पर संक्रमण फैलने का खतरा न रहे। इसके लिए क्लासरूम में बैठने से लेकर मेस, लाइब्रेरी, हॉस्टल और कैंटीन तक के लिए नियमों में बदलाव करने का विचार है।
मास्क होगा जरूरी
अब यूनिवर्सिटी या कॉलेज कैंपस के नये सत्रों में भले ही आपके लिए यूनिफॉर्म नहीं है, लेकिन मास्क जरूरी होगा। सरकार इसके लिए कड़े नियम तैयार कर रही है। कैंपस में पढ़ने जाने वाले छात्रों के लिए ये नियम कठोरता से लागू होंगे।
स्कूलों में मॉर्निंग असेंबली और स्पोर्ट्स एक्टिविटी हो सकती है बंद
कॉलेज ही नहीं स्कूलों में भी कई बड़े बदलाव अब देखने को मिल सकते हैं। एक न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, स्कूलों में मॉर्निंग असेंबली और स्पोर्ट्स एक्टिविटी बंद की जा सकती हैं। यही नहीं स्कूल बस, इन डोर एक्टिविटी के रूम, वॉशरूम और कैफेटेरिया के लिए भी नियम बन सकते हैं।
मेस और कैंटीन में लागू होगा सोशल डिस्टेंसिंग
कॉलेज में न सिर्फ कैंपस बल्कि हॉस्टलों और मेस में भी सोशल डिस्टेंसिंग के नियम लागू होंगे। जबकि पहले स्टूडेंट इन्हीं जगहों पर सबसे ज्यादा झुंड में नजर आते थे, जोकि नये सत्र में संभव नहीं हो पाएगा। इससे ग्रुप स्टडी और दोस्ती के अड्डे भी पहले जैसे नहीं बन पाएंगे।
आईआईटी कैंपस विजिटर्स की एंट्री कर सकते हैं बैन
आईआईटी कैंपस की बात करें तो देश के कई आईआईटी संस्थान कैंपस में विजिटर्स की एंट्री बंद करने, शिफ्टों में क्लास लगाने और लैब का टाइम अलग-अलग करने की योजना पर भी विचार कर रहे हैं।
समय-समय पर स्कूल-कॉलेजों को पूरी इमारत को सैनिटाइज करने के निर्देश दिए जा सकते हैं। इसके अलावा बोर्डिंग स्कूलों के मेस और हॉस्टल में सोशल डिस्टेंसिंग के नियम लागू होंगे। यही नहीं, सोशल डिस्टेंसिंग रखने के लिए कैंपस के कुछ इलाकों की मरम्मत भी करवाई जाएगी।
कोरोना की स्थिति के आधार पर लिया जा सकता है निर्णय
नई गाइडलाइन में छात्रों और स्टाफ की सुरक्षा के लिए जरूरी सुझाव शामिल होंगे। इस बात का भी ध्यान रखा जाएगा कि इलाके में कोरोना के हालात क्या हैं? जरूरी नहीं कि कोई संस्थान सभी गाइडलाइन मानें, वह अपने इलाके में कोरोना की स्थिति के आधार पर भी फैसला ले सकेगा।
शिफ्ट में क्लास लगवाने पर किया जा रहा विचार
सरकार कॉलेजों में शिफ्टों में क्लास लगाने पर भी विचार कर रही है। एचआरडी मंत्रालय के एक अधिकारी के मुताबिक गाइडलाइन तैयार होने के बाद राज्यों से साझा की जाएंगी ताकि, वे स्कूल-कॉलेज खुलने से पहले तैयारी कर सकें। गाइडलाइन फॉलो करवाने की जिम्मेदारी जिला प्रशासन को दी जाएगी।
16 मार्च से स्कूल-कॉलेज चल रहें बंद
देशभर में कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने की वजह से यूनिवर्सिटी और स्कूल 16 मार्च से बंद हैं। ऐसे में परीक्षाएं भी पूरी नहीं हो पाई थीं। यूजीसी ने यूनिवर्सिटी और कॉलेज में पुराने छात्रों के लिए अगस्त से और नए छात्रों के लिए सितंबर से सेशन शुरू करने की सिफारिश की है।
देश में कोरोना का हाल
देश में कोरोना का संक्रमण बढ़ता जा रहा है। कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 78 हजार के पार पहुंच गई है। जबकि अब तक 2551 लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि राहत की बात है कि संक्रमण के शिकार 26 हजार 400 लोग ठीक भी हो चुके हैं। संक्रमण से सबसे ज्यादा महाराष्ट्र प्रभावित है। यहां संक्रमित मरीजों की संख्या 25 हजार 922 है। जबकि गुजरात और तमिलनाडु में 9200 से अधिक मरीज हैं।
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