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पहले दिन ही 5 राज्यों में 554 करोड़ रु. की शराब पी गए लोग, केजरीवाल सरकार ने लगाया 70% कोरोना फीस
नई दिल्ली. देश में बढ़ रहे कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए सरकार ने 17 मई तक लॉकडाउन को बढ़ा दिया है। हालांकि इस दौरान सरकार ने कुछ रियायतें भी दी हैं, जिनमें रेड जोन के अलावा सभी जगहों पर शराब की दुकान खोलने की इजाजत दे गई है। तकरीबन 40 दिन बाद देश में खुले शराब की दुकानों पर खरीददारों की लूट मच गई। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग की जमकर धज्जियां भी उड़ाई गईं। इन सब के बीच चौकाने वाली खबर सामने आई है कि दुकान खुलने के पहले दिन ही 5 राज्यों में 554 करोड़ रू. की शराब की बिक्री हुई है, जिसमें उत्तर प्रदेश नंबर 1 पर रहा। यहां 225 करोड़ रूपए की शराब की बिक्री हुई है।

इन राज्यों में जमकर बिकी शराब
छूट वाले लॉकडाउन 3.0 में पहले दिन उत्तर प्रदेश में 225 करोड़, महाराष्ट्र में 200 करोड़, राजस्थान में 59 करोड़, कर्नाटक में 45 करोड़ और छत्तीसगढ़ में 25 करोड़ रुपए की शरीब बिकी।
दिल्ली में लगेगा 70 प्रतिशत कोरोना फीस
देशभर में शराब की दुकानें खुलने के बाद दिल्ली सरकार ने सोमवार की रात को शराब पर स्पेशल कोरोना फीस लगाने का निर्णय लिया है। यह एमआरपी का 70 फीसदी होगा। सरकार का यह आदेश मंगलवार की सुबह से लागू होगा। दिल्ली सरकार का कहना है कि यह पैसा कोरोना के खिलाफ लड़ाई में इस्तेमाल किया जाएगा।
40 दिन की तालांबदी के बाद सोमवार से देश में दुकानें और दफ्तर खुलने लगें। रियायतों वाले लॉकडाउन फेज-3 के पहले दिन कुल 736 जिलों में से 600 जिलों में दुकानें खुलीं। लेकिन सबसे ज्यादा भीड़ शराब की दुकानों पर दिखाई दी। कुछ शहरों में तो दो-दो किमी लंबी कतारें दिखाई दीं।
झारखंड में कोई छूट नहीं
झारखंड सरकार ने राज्य में 17 मई तक पूर्ण लॉकडाउन लागू किया है। यहां किसी भी जोन में सरकार ने कोई छूट नहीं दी है। वहीं, पश्चिम बंगाल ने ऑरेंज और ग्रीन जोन में छूट देने पर अभी कोई निर्णय नहीं लिया है।
मध्यप्रदेश में आज से खुलेंगी शराब की दुकानें
मध्यप्रदेश सरकार ने भी सोमवार को आदेश जारी कर दिया कि राज्य में मंगलवार से शराब और भांग की दुकानें खुलेंगी। हालांकि इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही सरकार ने प्रदेश के रेड जोन में किसी भी प्रकार का छूट देने से इंकार कर दिया है। जिससे प्रदेश के रेड जोन में कोई भी दुकानें नहीं खुलेंगी।
गुजरात में 6 बड़े शहरों में प्रतिबंध
कोरोना के संक्रमण से गुजरात बुरी तरह से प्रभावित है। राज्य सरकार ने रेज जोन के बाहर दुकानें और मार्केट खोलने की इजाजत दी है। हालांकि राज्य के 6 बड़े शहरों में किसी प्रकार की कोई छूट नहीं दी गई है।
महाराष्ट्र के 5 जिलों में शराब बेचने की इजाजत नहीं
कोरोना के संक्रमण से जूझ रहे महाराष्ट्र में 5 जिलों में शराब की दुकानों को खोलने की अनुमति नहीं दी गई है। राज्य सरकार ने ऑरेज जोन और ग्रीन जोन में ही दुकानों को खोलने की इजाजत दी है। मुंबई समेत 5 जिलों में लोग सिर्फ जरूरी समान खरीदने ही निकलें। राज्य में पहले दिन 200 करोड़ रु. की शराब की बिक्री हुई।
यूपी-ओड़िशा की 24% कमाई शराब बिक्री से
शराब पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी से राज्य सरकारों को 1 से लेकर 24% तक की कमाई होती है। इससे सबसे कम सिर्फ 1% कमाई मिजोरम और नागालैंड को होती है। जबकि, सबसे ज्यादा 24% कमाई उत्तर प्रदेश और ओड़िशा को होती है।
बिहार और गुजरात दो ऐसे राज्य हैं, जहां पूरी तरह से शराबबंदी है। 1960 में जब महाराष्ट्र से अलग होकर गुजरात नया राज्य बना, तभी से वहां शराबबंदी लागू है। जबकि, बिहार में अप्रैल 2016 से शराबबंदी है। इसलिए, इन दोनों राज्यों को एक्साइज ड्यूटी से कोई कमाई नहीं होती।
सरकारों का कैसे होता है इनकम
राज्य सरकारों की कमाई के मुख्य सोर्स हैं- स्टेट जीएसटी, लैंड रेवेन्यू, पेट्रोल-डीजल पर लगने वाले वैट-सेल्स टैक्स, शराब पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी और बाकी टैक्स।
सरकार को होने वाली कुल कमाई में एक्साइज ड्यूटी का एक बड़ा हिस्सा होता है। एक्साइज ड्यूटी सबसे ज्यादा शराब पर ही लगती है। इसका सिर्फ कुछ हिस्सा ही दूसरी चीजों पर लगता है।
क्योंकि, शराब और पेट्रोल-डीजल को जीएसटी से बाहर रखा गया है। इसलिए, राज्य सरकारें इन पर टैक्स लगाकर रेवेन्यू बढ़ाती हैं।
पीआरएस इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य सरकारों को सबसे ज्यादा कमाई स्टेट जीएसटी से होती है। इससे औसतन 43% का रेवेन्यू आता है। उसके बाद सेल्स-वैट टैक्स से औसतन 23% और स्टेट एक्साइज ड्यूटी से 13% की कमाई होती है। इनके अलावा, गाड़ियों और इलेक्ट्रिसिटी पर लगने वाले टैक्स से भी सरकारें कमाती हैं।
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