Asianet News Hindi

कभी प्लेन हाईजैक होने के बाद आतंकियों को कंधार लेकर गए थे जसवंत सिंह, दो बार भाजपा से हुए थे बाहर

First Published Sep 27, 2020, 9:59 AM IST
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp

नई दिल्ली. अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में मंत्री रहे जसवंत सिंह का रविवार को निधन हो गया। उन्होंने 82 साल की उम्र में अंतिम सांस ली। बताया जा रहा है कि वो पिछले 6 सालों से बीमार थे। उनके निधन से राजस्थान में शोक की लहर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने उनके निधन पर दुख जताया और उनके परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की। जसवंत सिंह को उनकी अलग तरह की राजनीति के लिए जाना जाता है। उनसे जुड़ी एक घटना के बारे में बता रहे हैं जब वो प्लेन हाईजैक होने के बाद आतंकियों को लेकर कंधार गए थे। 

अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में जसवंत सिंह कपड़ा मंत्री भी रहे। 24 दिसंबर, 1999 को इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट नंबर IC-814 को हाईजैक करके अफगानिस्तान के कंधार ले जाया गया था। यात्रियों को बचाने के लिए भारत सरकार को तीन आतंकी छोड़ने पड़े थे। 

अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में जसवंत सिंह कपड़ा मंत्री भी रहे। 24 दिसंबर, 1999 को इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट नंबर IC-814 को हाईजैक करके अफगानिस्तान के कंधार ले जाया गया था। यात्रियों को बचाने के लिए भारत सरकार को तीन आतंकी छोड़ने पड़े थे। 

जिन आतंकियों को छोड़ा गया था, उनमें मुश्ताक अहमद जरगर, अहमद उमर सईद शेख और मौलाना मसूद अजहर शामिल थे। इन आतंकियों को लेकर जसवंत ही कंधार गए थे। 

जिन आतंकियों को छोड़ा गया था, उनमें मुश्ताक अहमद जरगर, अहमद उमर सईद शेख और मौलाना मसूद अजहर शामिल थे। इन आतंकियों को लेकर जसवंत ही कंधार गए थे। 

1998 में परमाणु परीक्षण के बाद अमेरिका ने भारत पर सख्त प्रतिबंध लगाए थे। तब जसवंत ने ही अमेरिका से बातचीत की थी। 1999 में करगिल युद्ध के दौरान भी उनकी अहम भूमिका रही थी।

1998 में परमाणु परीक्षण के बाद अमेरिका ने भारत पर सख्त प्रतिबंध लगाए थे। तब जसवंत ने ही अमेरिका से बातचीत की थी। 1999 में करगिल युद्ध के दौरान भी उनकी अहम भूमिका रही थी।

जसवंत सिंह को लेकर कहा जाता है कि भाजपा से उन्हें दो बार बाहर किया गया था। दरअसल, उन्होंने अपनी किताब में मुहम्मद अली जिन्नाह की तारीफ की थी, जिसके बाद भाजपा ने उन्हें पार्टी से निकाल दिया था। इसके एक साल बाद 2010 में उनकी पार्टी में फिर से वापसी हुई। 2014 में पार्टी ने उन्हें लोकसभा चुनाव का टिकट नहीं दिया। 

जसवंत सिंह को लेकर कहा जाता है कि भाजपा से उन्हें दो बार बाहर किया गया था। दरअसल, उन्होंने अपनी किताब में मुहम्मद अली जिन्नाह की तारीफ की थी, जिसके बाद भाजपा ने उन्हें पार्टी से निकाल दिया था। इसके एक साल बाद 2010 में उनकी पार्टी में फिर से वापसी हुई। 2014 में पार्टी ने उन्हें लोकसभा चुनाव का टिकट नहीं दिया। 

उनकी बाड़मेर सीट से भाजपा ने कर्नल सोनाराम चौधरी को उतारा। इसके बाद जसवंत ने फिर भाजपा छोड़ दी। निर्दलीय चुनाव लड़े, लेकिन हार गए। इसी साल उन्हें सिर में चोट लगी। इसके बाद से जसवंत कोमा में ही थे।

उनकी बाड़मेर सीट से भाजपा ने कर्नल सोनाराम चौधरी को उतारा। इसके बाद जसवंत ने फिर भाजपा छोड़ दी। निर्दलीय चुनाव लड़े, लेकिन हार गए। इसी साल उन्हें सिर में चोट लगी। इसके बाद से जसवंत कोमा में ही थे।

2012 में भाजपा ने उन्हें उप राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया, लेकिन, यूपीए के हामिद अंसारी के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। जसवंत अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में रक्षामंत्री, विदेश मंत्री और वित्त मंत्री जैसे पदों का भार संभाला था। 

2012 में भाजपा ने उन्हें उप राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया, लेकिन, यूपीए के हामिद अंसारी के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। जसवंत अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में रक्षामंत्री, विदेश मंत्री और वित्त मंत्री जैसे पदों का भार संभाला था। 

Follow Us:
Download App:
  • android
  • ios