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कोई दे रहा राफेल तो कोई एंटी मिसाइल, रूस से अमेरिका तक... जानिए भारत की मदद के लिए कैसे बढ़ाए हाथ

First Published Jun 29, 2020, 1:25 PM IST
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नई दिल्ली. पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के बीच सीमा विवाद चरम पर है। ऐसे में रूस, अमेरिका, इजरायल और फ्रांस जैसे दोस्त देशों ने भारत को जल्द से जल्द हथियार उपलब्ध कराने का वादा किया है। फ्रांस ने भारत को अगले महीने में अतिरिक्त राफेल जेट की आपूर्ति करने के लिए कहा है। वहीं, इजरायल जल्द ही डिफेंस सिस्टम और रूस एंटी मिसाइल सिस्टम, हथियार और गोलाबारूद मुहैया कराने का आश्वासन दे चुका है। आने वाले कुछ महीनों के भीतर भारत की शक्ति में जबरदस्त इजाफा होने वाला है। 

पूर्वी लद्दाख में विवाद के बाद से भारत ने कमर कस ली है। दिल्ली में हुई बैठकों और हाई लेवल पर हुई बातचीत में अमेरिका, रूस, इजरायल और फ्रांस समेत तमाम देशों ने भारत को मदद का भरोसा दिया है। 

पूर्वी लद्दाख में विवाद के बाद से भारत ने कमर कस ली है। दिल्ली में हुई बैठकों और हाई लेवल पर हुई बातचीत में अमेरिका, रूस, इजरायल और फ्रांस समेत तमाम देशों ने भारत को मदद का भरोसा दिया है। 

भारत ने फ्रांस के साथ 36 राफेल का समझौता किया है। इसके तहत 27 जुलाई को भारत को चार राफेल मिलने थे। लेकिन अब फ्रांस ज्यादा राफेल भेजेगा। 8 राफेल को सर्टिफिकेशन भी मिलने वाला है। 

भारत ने फ्रांस के साथ 36 राफेल का समझौता किया है। इसके तहत 27 जुलाई को भारत को चार राफेल मिलने थे। लेकिन अब फ्रांस ज्यादा राफेल भेजेगा। 8 राफेल को सर्टिफिकेशन भी मिलने वाला है। 

राफेल को दुनिया में सबसे बेहतरीन मारक झमता वाला विमान माना जाता है। इसे अजेय योद्धा भी कहा जाता है। इसमें लगीं दुनिया की सबसे दूरी तक हवा से हवा में मार करने वालीं मिसाइलें इसे और बेहतर बनाती हैं। 

राफेल को दुनिया में सबसे बेहतरीन मारक झमता वाला विमान माना जाता है। इसे अजेय योद्धा भी कहा जाता है। इसमें लगीं दुनिया की सबसे दूरी तक हवा से हवा में मार करने वालीं मिसाइलें इसे और बेहतर बनाती हैं। 

मित्रता निभाने को तैयार इजरायल
करगिल युद्द में भी इजरायल ने प्रतिबद्धता दिखाते हुए भारत को हथियार उपलब्ध कराए थे। एक बार फिर इजरायल एयर डिफेंस सिस्टम देने के लिए तैयार है। इसे बॉर्डर के पास तैनात किया जाएगा। 

मित्रता निभाने को तैयार इजरायल
करगिल युद्द में भी इजरायल ने प्रतिबद्धता दिखाते हुए भारत को हथियार उपलब्ध कराए थे। एक बार फिर इजरायल एयर डिफेंस सिस्टम देने के लिए तैयार है। इसे बॉर्डर के पास तैनात किया जाएगा। 

सूत्रों के मुताबिक, इजरायल से भारत को जल्द ही यह हथियार मिलने वाला है। माना जा रहा है कि इसे चीन से मोर्चा लेने के लिए लद्दाख में तैनात किया जा सकता है। 

सूत्रों के मुताबिक, इजरायल से भारत को जल्द ही यह हथियार मिलने वाला है। माना जा रहा है कि इसे चीन से मोर्चा लेने के लिए लद्दाख में तैनात किया जा सकता है। 

मदद के लिए तैयार रूस
उधर, रूस ने भी अपनी पुरानी मित्रता को देखते हुए भारत को मदद का आश्वासन दिया है। हाल ही में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की बैठक में रूस भारत को जल्द एंटी मिसाइल सिस्टम एस 400 देने के लिए तैयार हो गया है। इसके अलावा रूस ने गोला बारूद और अन्य हथियार भी देने के लिए हामी भर दी है। 

मदद के लिए तैयार रूस
उधर, रूस ने भी अपनी पुरानी मित्रता को देखते हुए भारत को मदद का आश्वासन दिया है। हाल ही में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की बैठक में रूस भारत को जल्द एंटी मिसाइल सिस्टम एस 400 देने के लिए तैयार हो गया है। इसके अलावा रूस ने गोला बारूद और अन्य हथियार भी देने के लिए हामी भर दी है। 

भारत सबसे ज्यादा हथियार रूस से खरीदता है। रूस से भारत ने टैंक के गोले से लेकर बम की आपूर्ति जल्द करने को कहा है। रूस इन हथियारों की डिलीवरी करने के लिए तैयार हो गया है। 

भारत सबसे ज्यादा हथियार रूस से खरीदता है। रूस से भारत ने टैंक के गोले से लेकर बम की आपूर्ति जल्द करने को कहा है। रूस इन हथियारों की डिलीवरी करने के लिए तैयार हो गया है। 

अमेरिका भी हर मोर्चे पर तैयार
चीन से चल रहे विवाद के बीच अमेरिका भी हर मोर्चे पर भारत की मदद के लिए तैयार है। अमेरिका अभी खुफिया जानकारी समेत सैटेलाइट इमेज तक सभी तरह की मदद के लिए मुहैया करा रहा है। अमेरिका भारत को चीन की हर हरकत की जानकारी भी दे रहा है।

अमेरिका भी हर मोर्चे पर तैयार
चीन से चल रहे विवाद के बीच अमेरिका भी हर मोर्चे पर भारत की मदद के लिए तैयार है। अमेरिका अभी खुफिया जानकारी समेत सैटेलाइट इमेज तक सभी तरह की मदद के लिए मुहैया करा रहा है। अमेरिका भारत को चीन की हर हरकत की जानकारी भी दे रहा है।

इतना ही नहीं अमेरिका ने M777 होबित्सर तोपों की आपूर्ति के लिए भी कहा है। यह पहाड़ी क्षेत्रों में काफी मददगार तोप मानी जाती है।

इतना ही नहीं अमेरिका ने M777 होबित्सर तोपों की आपूर्ति के लिए भी कहा है। यह पहाड़ी क्षेत्रों में काफी मददगार तोप मानी जाती है।

हर तरह से जवाब देने के लिए तैयार भारत
भारत सरकार के शीर्ष नेतृत्व का मानना है कि चीन से सीमा विवाद को सुलझाने के लिए बातचीत तो चलती रहना चाहिए, लेकिन जरूरत पड़ने पर टकराव या लड़ाई के लिए भी पूरी तरह तैयार रहना चाहिए। इंडियन एक्‍सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, एक शीर्ष पदस्थ सूत्र ने बताया, भारत टकराव को आगे नहीं बढ़ाना चाहता लेकिन चीन के सामने झुककर समझौता नहीं करेगा। 

हर तरह से जवाब देने के लिए तैयार भारत
भारत सरकार के शीर्ष नेतृत्व का मानना है कि चीन से सीमा विवाद को सुलझाने के लिए बातचीत तो चलती रहना चाहिए, लेकिन जरूरत पड़ने पर टकराव या लड़ाई के लिए भी पूरी तरह तैयार रहना चाहिए। इंडियन एक्‍सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, एक शीर्ष पदस्थ सूत्र ने बताया, भारत टकराव को आगे नहीं बढ़ाना चाहता लेकिन चीन के सामने झुककर समझौता नहीं करेगा। 

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