Happy Mother's Day 2020 : कितना भी हो जाऊं बड़ा मां , मैं आज भी तेरा बच्चा हूं
नई दिल्ली. ईश्वर ने इंसान की जिंदगी में कई रिश्ते बनाए हैं। लेकिन मां का रिश्ता खास है। इसे हर इंसान जान से भी ज्यादा चाहता है। भारत में मां को भगवान का दर्जा दिया गया है। एक मां ही होती है जो सिर्फ अपने बच्चों का ही नहीं बल्कि पूरे परिवार का ख्याल रखती है। हम अपनी मां को सम्मान देने के लिए साल के 365 दिनों में एक दिन मदर्स डे के रुप में मनाते हैं। हालांकि सभी देशों में मदर्स डे को अलग-अलग तारीखों में मनाया जाता है। लेकिन भारत में इसे मई महीने के दूसरे रविवार को मनाया जाता है। इस साल देश में 10 मई को मदर्स डे मनाया जा रहा है।

मां कितनी भी रूठी हो। लेकिन जब बच्चा भूखा रहता है तो एक बार जरूर पूछती है, खाना खाए क्या। ये मां का ही प्यार है संभाल कर रखना बाजार में नहीं मिलता।
शास्त्र कहते हैं कि गुरु वह है, जो हमें अंधेरे से उजाले की ओर ले जाए। जो हमें रोशनी प्रदान करे। तो सबसे पहले ऐसा कौन करता है? सबसे पहले यह रोशनी हमें माँ ही तो दिखाती है। मां से बढ़ कर कोई गुरू नहीं होता।
माँ शब्द का अर्थ है निस्वार्थ प्यार और बलिदान। माँ भगवान का जीता जागता स्वरूप है। एक मां ही तो होती है जिससे हमारा रिश्ता जन्म से पहले ही बन जाता है।
ईश्वर ने हमें जो सबसे अच्छा उपहार दिया है, उसे हम माँ कहते हैं। माँ ही वो है जिससे हम है और माँ से ही ये संसार है। मां ईश्वर का दिया मूल्यवान और दुर्लभ उपहार है।
कहते हैं जिस जगह पर ईश्वर की पूजा नहीं होती उस जगह पर भगवान जाना पसंद नहीं करते। ठीक उसी प्रकार जिस घर में मां की कदर नहीं होती उस घर में कभी बरकत नहीं होती।
हर गम को सहकर मां अपने बच्चों को देती है खुशियां। मां जैसा कोई नहीं। कोई साथ दे या ना दे जीवन में पर मां का प्यार कभी होता कम नहीं।
वो मां ही है जो अपने बच्चों को अपना पेट काटकर खिलाती है। मुझे भुख नहीं है कह कर, खुद थक हार कर भूखे पेट सो जाती है।
कुछ लोग कहते हैं मेरी मां मेरे साथ रहती है। पर सच तो ये है कि हम बचपन से ही मां के साथ रहते हैं।
वैसे मां को शुक्रिया कहने का कोई दिन नहीं होता! नहीं भी कहोगे, तो वो खफा नहीं होगी। तभी तो मुनव्वर राना लिखते हैं, लबों पे उसके कभी बद्दुआ नहीं होती, बस एक मां है जो मुझसे खाफा नहीं होती।
ये दुनिया बहुत स्वार्थी है, लोग यहां रिश्ते भी नफा नुकसान देख कर बनाते हैं। पर एक मां का ही ऐसा रिश्ता है जो हमें बिना स्वार्थ के प्यार करती है।
आज हम जैसे भी हैं हमारा अस्तित्व हमारी मां की वजह से ही है। माँ के बारे में अगर हम लिखना चाहें तो शब्द कम पड़ जायेंगे। सच ही किसी ने कहा है 'सीधा-साधा, भोला-भाला मैं ही सबसे अच्छा हूं। कितना भी हो जाऊं बड़ा मां मैं आज भी तेरा बच्चा हूं।
National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.