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मौत से बचाने के लिए दोषियों से कितनी फीस लेते हैं एपी सिंह? क्यों कहा कि निर्भया की मां बोल रही हैं झूठ

First Published Feb 22, 2020, 12:34 PM IST
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नई दिल्ली. निर्भया केस में दोषियों के वकील एपी सिंह पर आरोप लगते हैं कि वह दोषियों से पैसा ऐंठने के चक्कर में तारीख पर तारीख लेते जा रहे हैं। दोषियों के परिवार को झूठी उम्मीद दो रहे हैं कि उनके बेटों को फांसी से बचा लेंगे। ऐसे में क्या आपको पता है कि आखिर इस केस से एपी सिंह को कितना पैसा मिल रहा है? आखिर वे क्या चाहते हैं? Asianet News ने खुद उनसे बात की। सवाल पूछा कि वह दोषियों का केस लड़ने के बदले में कितने पैसे लेते हैं? 
 

एपी सिंह ने कहा, फांसी देने से रेप रुक जाएगा क्या?

एपी सिंह ने कहा, फांसी देने से रेप रुक जाएगा क्या?

फीस लेने के सवाल के जवाब में उन्होंने अपने पिता की कही बात को याद किया। उन्होंने कहा, मेरे पिता ने एक बात बताई थी, जब मैंने प्रैक्टिस स्टार्ट की। उन्होंने कहा था, ठीक है आप वकील बन गए हैं और क्लाइंट से खूब फीस लेना। ऑफिस में लेना। कोर्ट के बाहर लेना। लेकिन कोर्ट में जब उसके लिए बहस करके आओ, तब लेना। तुम्हारे मन की फीस न हो तो वापस कर देना। लेकिन जब कोर्ट में उसके लिए खड़े हो। केस की ड्रॉफ्टिंग कर रहे हो।

फीस लेने के सवाल के जवाब में उन्होंने अपने पिता की कही बात को याद किया। उन्होंने कहा, मेरे पिता ने एक बात बताई थी, जब मैंने प्रैक्टिस स्टार्ट की। उन्होंने कहा था, ठीक है आप वकील बन गए हैं और क्लाइंट से खूब फीस लेना। ऑफिस में लेना। कोर्ट के बाहर लेना। लेकिन कोर्ट में जब उसके लिए बहस करके आओ, तब लेना। तुम्हारे मन की फीस न हो तो वापस कर देना। लेकिन जब कोर्ट में उसके लिए खड़े हो। केस की ड्रॉफ्टिंग कर रहे हो।

उन्होंने पिता की बात याद करते हुए बताया, पिता ने कहा था - अपने दिल दिमाग में यह मत लाना कि इसने फीस देने में कोई कमी रखी है। यह सोचना कि इसने अपना सबकुछ तुम्हें दिया है।

उन्होंने पिता की बात याद करते हुए बताया, पिता ने कहा था - अपने दिल दिमाग में यह मत लाना कि इसने फीस देने में कोई कमी रखी है। यह सोचना कि इसने अपना सबकुछ तुम्हें दिया है।

एपी सिंह ने कहा, मैं वकालत कर रहा हूं कि गुनाह कर रहा हूं। मैं दोषियों से कितनी फीस लेता हूं, यह बताने वाली बात नहीं है।

एपी सिंह ने कहा, मैं वकालत कर रहा हूं कि गुनाह कर रहा हूं। मैं दोषियों से कितनी फीस लेता हूं, यह बताने वाली बात नहीं है।

उन्होंने कहा, मेरे पास फंड तो नहीं आ रहा है। मेरे पास निर्भया फंड तो नहीं आ रहा है। मेरे पास एनजीओ तो नहीं है। मैं सॉलीसीटर जनरल तो नहीं हूं। मैं दिल्ली हाईकोर्ट को शनिवार और रविवार को तो नहीं खुलवा सकता। मैं याचिका ही तो लगा सकता हूं।

उन्होंने कहा, मेरे पास फंड तो नहीं आ रहा है। मेरे पास निर्भया फंड तो नहीं आ रहा है। मेरे पास एनजीओ तो नहीं है। मैं सॉलीसीटर जनरल तो नहीं हूं। मैं दिल्ली हाईकोर्ट को शनिवार और रविवार को तो नहीं खुलवा सकता। मैं याचिका ही तो लगा सकता हूं।

एपी सिंह ने कहा, मैं इतिहास में अपना नाम रखना चाहता हूं कि लोग पढ़े।

एपी सिंह ने कहा, मैं इतिहास में अपना नाम रखना चाहता हूं कि लोग पढ़े।

उन्होंने कहा, जीवन में दो काम करना चाहिए। या तो ऐसा काम कर जाओ कि आप के बारे में लोग लिखते रहे,  या तो ऐसा कुछ लिख जाओ कि लोग आपको पढ़ते रहे।

उन्होंने कहा, जीवन में दो काम करना चाहिए। या तो ऐसा काम कर जाओ कि आप के बारे में लोग लिखते रहे, या तो ऐसा कुछ लिख जाओ कि लोग आपको पढ़ते रहे।

इतिहास आपको कैसे याद रखेगा, इसके जवाब में उन्होंने कहा, जो गलतियां हो रही हैं सरकारों से। जो गलतियां हो रही हैं देश के महामहिम राष्ट्रपति से। ये सब इतिहास में याद रखा जाएगा।

इतिहास आपको कैसे याद रखेगा, इसके जवाब में उन्होंने कहा, जो गलतियां हो रही हैं सरकारों से। जो गलतियां हो रही हैं देश के महामहिम राष्ट्रपति से। ये सब इतिहास में याद रखा जाएगा।

एपी सिंह ने कहा, पाश्चात सभ्यता से बहुत दूर रहता हूं। हमारे घर के गेट के आसपास भी पाश्चात सभ्यता नहीं रहती है।

एपी सिंह ने कहा, पाश्चात सभ्यता से बहुत दूर रहता हूं। हमारे घर के गेट के आसपास भी पाश्चात सभ्यता नहीं रहती है।

उन्होंने कहा, राष्ट्रपति से लेकर इस केस की सुनवाई के लिए आवाज लगाने वाला चपरासी तक। यह सब बाद में बोलेंगे। इस केस की सच्चाई के बारे में बोलेंगे।

उन्होंने कहा, राष्ट्रपति से लेकर इस केस की सुनवाई के लिए आवाज लगाने वाला चपरासी तक। यह सब बाद में बोलेंगे। इस केस की सच्चाई के बारे में बोलेंगे।

उन्होंने कहा, इस केस की सच्चाई के बारे में बोलेंगे। छुपे रूप में अब भी बोल रहे हैं। जैसे-जैसे सब रिटायर होते चले जाएंगे। इस केस की सच्चाई सबके सामने आती चली जाएगी।

उन्होंने कहा, इस केस की सच्चाई के बारे में बोलेंगे। छुपे रूप में अब भी बोल रहे हैं। जैसे-जैसे सब रिटायर होते चले जाएंगे। इस केस की सच्चाई सबके सामने आती चली जाएगी।

उन्होंने कहा, जबतक इस केस का सच सबके सामने आएगा, तब तक ये लटक चुके होंगे। लोग अपना सिर पटक रहे होंगे।

उन्होंने कहा, जबतक इस केस का सच सबके सामने आएगा, तब तक ये लटक चुके होंगे। लोग अपना सिर पटक रहे होंगे।

एपी सिंह ने कहा, मुलाकात सिर्फ कोर्ट में ही होती है।

एपी सिंह ने कहा, मुलाकात सिर्फ कोर्ट में ही होती है।

कोर्ट के बाहर मैं विपक्षी पार्टी से नहीं मिलता हूं। निर्भया की मां से भी कभी नहीं मिला।

कोर्ट के बाहर मैं विपक्षी पार्टी से नहीं मिलता हूं। निर्भया की मां से भी कभी नहीं मिला।

एपी सिंह ने कहा कि मैंने कभी भी निर्भया की मां  को चुनौती नहीं दी।

एपी सिंह ने कहा कि मैंने कभी भी निर्भया की मां को चुनौती नहीं दी।

उन्होंने कहा, हमने याचिका लगाई कि फांसी की सजा को अनिश्चितकालीन के लिए रोक दें। उसी ऑर्डर के खिलाफ वे हाईकोर्ट चली गईं। शनिवार को हाईकोर्ट खुलवा दिया गया। उसी याचिका को पटियाला कोर्ट ने हमारे हक में कर दिया।

उन्होंने कहा, हमने याचिका लगाई कि फांसी की सजा को अनिश्चितकालीन के लिए रोक दें। उसी ऑर्डर के खिलाफ वे हाईकोर्ट चली गईं। शनिवार को हाईकोर्ट खुलवा दिया गया। उसी याचिका को पटियाला कोर्ट ने हमारे हक में कर दिया।

एपी सिंह ने कहा, मैंने अपने बच्चों को जॉनी-जॉनी यस पापा, ट्विकल ट्विकल लिटिल स्टार नहीं पढ़ाया है। हमने सीता, सावित्रि, गार्गी, अनुसूईया और रजिया सुल्ताना का कहानियां सुनाकर बड़ा किया है। छत्रपति शिवाजी की कहानियां सुनाई हैं।

एपी सिंह ने कहा, मैंने अपने बच्चों को जॉनी-जॉनी यस पापा, ट्विकल ट्विकल लिटिल स्टार नहीं पढ़ाया है। हमने सीता, सावित्रि, गार्गी, अनुसूईया और रजिया सुल्ताना का कहानियां सुनाकर बड़ा किया है। छत्रपति शिवाजी की कहानियां सुनाई हैं।

एपी सिंह ने कहा, मेरे पास वकीलों की टीम रहती है। अब तक मैंने सवा दो सौ वकील तैयार किए हैं। इंटर्न से लेकर वकील तक सबको तैयार किया। उनमें से 15-16 जज बन गए हैं।

एपी सिंह ने कहा, मेरे पास वकीलों की टीम रहती है। अब तक मैंने सवा दो सौ वकील तैयार किए हैं। इंटर्न से लेकर वकील तक सबको तैयार किया। उनमें से 15-16 जज बन गए हैं।

निर्भया के चारों दोषियों को 3 मार्च की सुबह 6 बजे फांसी की सजा दी जानी है।

निर्भया के चारों दोषियों को 3 मार्च की सुबह 6 बजे फांसी की सजा दी जानी है।

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