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LAC पर तैनात है भारत का 'भीष्म', एक बार में तय कर सकता है 550 किमी, दिन-रात है लड़ने की क्षमता

First Published Sep 27, 2020, 1:52 PM IST
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लद्दाख. पूर्वी लद्दाख में भारत-चीन के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद LAC पर तनाव बरकरार है। हाल ही की घटना में चीन ने एक बार फिर से भारत में घुसने की कोशिश की थी, जिसे भारतीय सेना ने नाकाम कर दिया था। पिछले लगभग पांच महीनों से लद्दाख सीमा पर भारत-चीनी सेना युद्ध के मोर्चे पर तैनात हैं। लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) से भारतीय सेना अपने शौर्य को दिखा रही है। लेह से 200 किमी दूर पूर्वी लद्दाख के चुमार डेमचौक सीमा पर भारतीय सेना के सैनिक और टैंक किस तरह से चीन के छक्के छुड़ाने के लिए तैयार हैं। 

16000 से लेकर 18000  फीट की ऊंचाई पर शून्य से नीचे के तापमान में भारतीय सेना के जवान किस तरह से तैनात हैं। कैसे उनके रहने के लिए खास तरह के इंतजाम किए जा रहे हैं। प्रीफैब्रीकेटेड हट्स तैयार की जा रही है। जहां से टैकों की कुछ फोटोज सोशल मीडिया पर सामने आई है। 
 

16000 से लेकर 18000  फीट की ऊंचाई पर शून्य से नीचे के तापमान में भारतीय सेना के जवान किस तरह से तैनात हैं। कैसे उनके रहने के लिए खास तरह के इंतजाम किए जा रहे हैं। प्रीफैब्रीकेटेड हट्स तैयार की जा रही है। जहां से टैकों की कुछ फोटोज सोशल मीडिया पर सामने आई है। 
 

भले ही इस वक्त भारत और चीनी सेनाओं के बीच में एक बार फिर से बातचीत के जरिए मसले को सुलझाने की कोशिशें हो रही हैं, लेकिन भारतीय सेना के तेवर से साफ तौर से जाहिर हो रहा है कि वह किसी भी मोर्चे पर चीन के खिलाफ अपनी तैयारियों में कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहती। 

भले ही इस वक्त भारत और चीनी सेनाओं के बीच में एक बार फिर से बातचीत के जरिए मसले को सुलझाने की कोशिशें हो रही हैं, लेकिन भारतीय सेना के तेवर से साफ तौर से जाहिर हो रहा है कि वह किसी भी मोर्चे पर चीन के खिलाफ अपनी तैयारियों में कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहती। 

डेमचौक में सिंधु नदी के किनारे हजारों मील में फैली घाटी में भारतीय सेना के टी-90, टी-72 टैंक और बीएमपी-2 चीन के खिलाफ हुंकार भर रहे हैं। जरूरत पड़ने पर कुछ ही मिनटों में ये टैंक चीन की सरहद में घुसकर उसके ठिकानों को नेस्तनाबूद कर सकते हैं। 

डेमचौक में सिंधु नदी के किनारे हजारों मील में फैली घाटी में भारतीय सेना के टी-90, टी-72 टैंक और बीएमपी-2 चीन के खिलाफ हुंकार भर रहे हैं। जरूरत पड़ने पर कुछ ही मिनटों में ये टैंक चीन की सरहद में घुसकर उसके ठिकानों को नेस्तनाबूद कर सकते हैं। 

पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ तनातनी के बीच भारत ने दुनिया के सबसे अचूक टैंक माने जाने वाले टी-90 भीष्म टैंक को तैनात कर दिया है। इसकी तैनाती के साथ ही लद्दाख में इसे भारतीय सेना का सबसे बड़ा शक्ति प्रदर्शन बताया जा रहा है। इसकी तैनाती को लेकर कहा जा रहा है कि भारतीय सेना युद्ध जैसे हालात के लिए हर पल तैयार है। 

पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ तनातनी के बीच भारत ने दुनिया के सबसे अचूक टैंक माने जाने वाले टी-90 भीष्म टैंक को तैनात कर दिया है। इसकी तैनाती के साथ ही लद्दाख में इसे भारतीय सेना का सबसे बड़ा शक्ति प्रदर्शन बताया जा रहा है। इसकी तैनाती को लेकर कहा जा रहा है कि भारतीय सेना युद्ध जैसे हालात के लिए हर पल तैयार है। 

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो टी-90 भीष्म टैंक में मिसाइल हमले को रोकने वाला कवच है। इसमें शक्तिशाली 1000 हॉर्स पावर का इंजन है। यह एक बार में 550 किमी की दूरी तय करने में सक्षम है। 

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो टी-90 भीष्म टैंक में मिसाइल हमले को रोकने वाला कवच है। इसमें शक्तिशाली 1000 हॉर्स पावर का इंजन है। यह एक बार में 550 किमी की दूरी तय करने में सक्षम है। 

इसका वजन 48 टन बताया जा रहा है। यह दुनिया के हल्के टैंकों में एक है। यह दिन और रात में दुश्मन से लड़ने की क्षमता रखता है। ऐसे में भारतीय सेना के टैंकों की गर्जना से चीन के छक्के छूट रहे हैं। 

इसका वजन 48 टन बताया जा रहा है। यह दुनिया के हल्के टैंकों में एक है। यह दिन और रात में दुश्मन से लड़ने की क्षमता रखता है। ऐसे में भारतीय सेना के टैंकों की गर्जना से चीन के छक्के छूट रहे हैं। 

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