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भारतीय सेना ने लिया फैसला, अगले साल से महिला पायलटों को मिलेगा वॉर प्लेन उड़ाने का मौका

First Published Jan 13, 2021, 12:10 PM IST
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नेशनल डेस्क। भारतीय सेना (Indian Army) में एक अहम फैसला लिया गया है। अगले साल से भारतीय सेना के एविएशन कॉर्प्स (Aviation Corps) के फ्लाइंग ब्रांच में महिला पायलटों की बहाली शुरू हो जाएगी और उन्हें वॉर प्लेन्स उड़ाने का मौका मिलेगा। नई दिल्ली में आयोजित सालाना प्रेस कॉन्फ्रेंस में आर्मी चीफ जनरल एम एम नरवणे (MM Naravane) ने कहा कि पिछले महीने उन्होंने आर्मी एविएशन कॉर्प्स में महिला ऑफिसरों की बहाली का प्रस्ताव रखा है। इसकी प्रक्रिया इस साल जुलाई महीने में शुरू हो जाएगी। 

आर्मी चीफ जनरल एम एम नरवणे ने कहा कि पहले महिला पायलटों को फ्लाइंग ब्रांच में ट्रेनिंग से जुड़े कामों में लगाया जाएगा और इसके बाद वॉर प्लेन उड़ाने की जिम्मेदारी दी जाएगी। फिलहाल, इंडियन आर्मी में महिलाओं को एयर ट्रैफिक कंट्रोल के काम में लगाया जाता है और दूसरी ग्राउंड ड्यूटी निभाने को दी जाती है। बता दें कि आर्मी एविएशन कॉर्प्स की शुरुआत 1 नवंबर, 1986 को की गई थी। इस कॉर्प्स में सेना के सभी विभागों के ऑफिसर शामिल हैं और इनका एक बड़ा हिस्सा आर्टिलरी से है।

आर्मी चीफ जनरल एम एम नरवणे ने कहा कि पहले महिला पायलटों को फ्लाइंग ब्रांच में ट्रेनिंग से जुड़े कामों में लगाया जाएगा और इसके बाद वॉर प्लेन उड़ाने की जिम्मेदारी दी जाएगी। फिलहाल, इंडियन आर्मी में महिलाओं को एयर ट्रैफिक कंट्रोल के काम में लगाया जाता है और दूसरी ग्राउंड ड्यूटी निभाने को दी जाती है। बता दें कि आर्मी एविएशन कॉर्प्स की शुरुआत 1 नवंबर, 1986 को की गई थी। इस कॉर्प्स में सेना के सभी विभागों के ऑफिसर शामिल हैं और इनका एक बड़ा हिस्सा आर्टिलरी से है।

आर्मी एविएशन कॉर्प्स  (Army Aviation Corps) ने साल 1987 में श्रीलंका में तमिल टाइगर्स के खिलाफ चलाए गए अभियान 'ऑपेशन पवन' (Operation Pawan) में अहम भूमिका निभाई थी। इस कॉर्प्स की 1999 में हुए करगिल युद्ध में भी बड़ी भूमिका रही। आर्मी एविएशन कॉर्प्स के हेलिकॉप्टर्स युद्ध के दौरान कई तरह के महत्वपूर्ण कामों को अंजाम देते हैं। ये कॉम्बैट, सर्च और रेस्क्यू के अलावा कैजुअल्टी इवैक्यूएशन के साथ ही जरूरी सामग्री सेना के जवानों तक पहुंचाते हैं। ये हेलिकॉप्टर डिजास्टर रिलीफ ऑपरेशन के काम में भी हिस्सा लेते हैं।

आर्मी एविएशन कॉर्प्स (Army Aviation Corps) ने साल 1987 में श्रीलंका में तमिल टाइगर्स के खिलाफ चलाए गए अभियान 'ऑपेशन पवन' (Operation Pawan) में अहम भूमिका निभाई थी। इस कॉर्प्स की 1999 में हुए करगिल युद्ध में भी बड़ी भूमिका रही। आर्मी एविएशन कॉर्प्स के हेलिकॉप्टर्स युद्ध के दौरान कई तरह के महत्वपूर्ण कामों को अंजाम देते हैं। ये कॉम्बैट, सर्च और रेस्क्यू के अलावा कैजुअल्टी इवैक्यूएशन के साथ ही जरूरी सामग्री सेना के जवानों तक पहुंचाते हैं। ये हेलिकॉप्टर डिजास्टर रिलीफ ऑपरेशन के काम में भी हिस्सा लेते हैं।

साल 2015 में सरकार ने इंडियन एयरफोर्स (Indian Airforce) में महिला पायलट फाइटर्स को शामिल किए जाने की स्वीकृति दी थी। भावना कंठ, मोहना सिंह और अवनि चतुर्वेदी ने महिला फाइटर्स पायलट के पहले बैच को ट्रेनिंग दी थी। महिला पायलटों को फाइटर प्लेन उड़ाने की अनुमति दिए जाने का निर्णय 5 साल के एक्सपेरिमेंटल बेसिस पर लिया गया था।

साल 2015 में सरकार ने इंडियन एयरफोर्स (Indian Airforce) में महिला पायलट फाइटर्स को शामिल किए जाने की स्वीकृति दी थी। भावना कंठ, मोहना सिंह और अवनि चतुर्वेदी ने महिला फाइटर्स पायलट के पहले बैच को ट्रेनिंग दी थी। महिला पायलटों को फाइटर प्लेन उड़ाने की अनुमति दिए जाने का निर्णय 5 साल के एक्सपेरिमेंटल बेसिस पर लिया गया था।

अब तक 10 महिला ऑफिसर्स को इंडियन एयरफोर्स के फाइटर स्ट्रीम में कमीशन दिया गया है। यह जानकारी रक्षा राज्य मंत्री श्रीपद नायक ने पिछले साल सितंबर में संसद में दी थी। राज्य सभा में एक लिखित उत्तर में रक्षा राज्य मंत्री ने कहा था कि इंडियन एयरफोर्स में 1 सितंबर, 2020  तक महिला ऑफिसर्स की संख्या 1,875 थी। फिलहाल, 111 महिला पायलट इंडियन एयरफोर्स में सेवा दे रही हैं। इनमें ट्रांसपोर्ट प्लेन और हेलिकॉप्टर उड़ाने वाली महिला पायलट भी शामिल हैं।

अब तक 10 महिला ऑफिसर्स को इंडियन एयरफोर्स के फाइटर स्ट्रीम में कमीशन दिया गया है। यह जानकारी रक्षा राज्य मंत्री श्रीपद नायक ने पिछले साल सितंबर में संसद में दी थी। राज्य सभा में एक लिखित उत्तर में रक्षा राज्य मंत्री ने कहा था कि इंडियन एयरफोर्स में 1 सितंबर, 2020 तक महिला ऑफिसर्स की संख्या 1,875 थी। फिलहाल, 111 महिला पायलट इंडियन एयरफोर्स में सेवा दे रही हैं। इनमें ट्रांसपोर्ट प्लेन और हेलिकॉप्टर उड़ाने वाली महिला पायलट भी शामिल हैं।

भारतीय जल सेना (Indian Navy) में पिछले साल अक्टूबर में महिला पायलटों का पहला बैच डोर्नियर  विमानों (Dornier Aircrafts) की उड़ानों में शामिल हुआ। इन्हें कोच्चि के साउदर्न नेवल कमांड के और दूसरे अभियानों में भी शामिल किया गया। इनमें से 3 महिला पायलटों को ट्रेनिंग के बाद डिग्री दी गई। यह ट्रेनिंग डोर्नियर ऑपरेशनल फ्लाइंग ट्रेनिंग कोर्स के तहत दी गई। भारतीय जल सेना में अभी कोई महिला फाइटर पायलट नहीं है, जबकि हेलिकॉप्टर्स पर ऑब्जर्बर के तौर पर उनकी बहाली की गई है।

भारतीय जल सेना (Indian Navy) में पिछले साल अक्टूबर में महिला पायलटों का पहला बैच डोर्नियर विमानों (Dornier Aircrafts) की उड़ानों में शामिल हुआ। इन्हें कोच्चि के साउदर्न नेवल कमांड के और दूसरे अभियानों में भी शामिल किया गया। इनमें से 3 महिला पायलटों को ट्रेनिंग के बाद डिग्री दी गई। यह ट्रेनिंग डोर्नियर ऑपरेशनल फ्लाइंग ट्रेनिंग कोर्स के तहत दी गई। भारतीय जल सेना में अभी कोई महिला फाइटर पायलट नहीं है, जबकि हेलिकॉप्टर्स पर ऑब्जर्बर के तौर पर उनकी बहाली की गई है।

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