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3 तरफ से घेराबंदी, फिर पहाड़ से फायरिंग, रॉकेट लॉन्चर भी दागे...नक्सलियों ने ऐसे बनाया जवानों को निशाना

First Published Apr 4, 2021, 3:28 PM IST
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रायपुर. छत्तीसगढ़ के बीजापुर और सुकमा जिले की सीमा पर हुई मुठभेड़ में 24 जवान शहीद हो गए। बताया जा रहा है कि सुरक्षाबलों ने इनामी नक्सली हिडमा को पकड़ने के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया था। इसमें करीब 2000 जवानों की टीम जंगल में अलग अलग दिशा से घुसी थीं। लेकिन नक्सलियों ने घने जंगल का फायदा उठाकर एक टीम को एंबुश में फंसा लिया। इसके बाद उनपर फायरिंग की गई। आईए जानते हैं कि किस तरह से नक्सलियों ने जवानों को निशाना बनाया। 

दरअसल, जो टीमें सर्च ऑपरेशन में शामिल थीं, उनमें से एक टीम को हिडमा की बटालियन ने अपनी एंबुश में फंसा लिया है। उसके बाद जवानों की घेराबंदी की गई। उनपर तीन तरफ से फायरिंग की गई। जवान तीन तरफ से घिरे थे और पहाड़ से हिडमा की बटालियन फायरिंग कर रही थी। 

दरअसल, जो टीमें सर्च ऑपरेशन में शामिल थीं, उनमें से एक टीम को हिडमा की बटालियन ने अपनी एंबुश में फंसा लिया है। उसके बाद जवानों की घेराबंदी की गई। उनपर तीन तरफ से फायरिंग की गई। जवान तीन तरफ से घिरे थे और पहाड़ से हिडमा की बटालियन फायरिंग कर रही थी। 

इसके बावजूद जवानों ने मुंहतोड़ जवाब दिया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस मुठभेड़ में बड़ी संख्या में नक्सली मारे गए। मुठभेड़ स्थल पर मौजूद जवान के मुताबिक, करीब 800 नक्सलियों ने उन पर हमला किया। नक्सलियों के पास काफी आधुनिक हथियार भी थे। यहां तक की उन्होंने जवानों पर रॉकेट लॉन्चर भी दागे। 
 

इसके बावजूद जवानों ने मुंहतोड़ जवाब दिया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस मुठभेड़ में बड़ी संख्या में नक्सली मारे गए। मुठभेड़ स्थल पर मौजूद जवान के मुताबिक, करीब 800 नक्सलियों ने उन पर हमला किया। नक्सलियों के पास काफी आधुनिक हथियार भी थे। यहां तक की उन्होंने जवानों पर रॉकेट लॉन्चर भी दागे। 
 

कौन है हिडमा
सुरक्षाबलों पर हुए इस हमले के पीछे पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी का हाथ बताया जा रहा है। नक्सलियों की इस यूनिट का तृत्व हिडमा ही करता है। यह टीम बीजापुर, दांतेवाड़ा और साउथ सुकमा में सक्रिय है। हिडमा की सुरक्षा में नक्सलियों की सबसे घातक टीम रहती है। इनके पास आधुनिक हथियार होते हैं। 

कौन है हिडमा
सुरक्षाबलों पर हुए इस हमले के पीछे पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी का हाथ बताया जा रहा है। नक्सलियों की इस यूनिट का तृत्व हिडमा ही करता है। यह टीम बीजापुर, दांतेवाड़ा और साउथ सुकमा में सक्रिय है। हिडमा की सुरक्षा में नक्सलियों की सबसे घातक टीम रहती है। इनके पास आधुनिक हथियार होते हैं। 

हिडमा खुद कभी छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में शरण लेकर रहता है। यहां तक की इन नक्सलियों के पास यूबीजीएल, रॉकेट लॉन्चर, एके 47 और इंसास जैसे आधुनिक हथियार होते हैं। इस हमले में भी नक्सलियों ने इन्हीं का इस्तेमाल किया। 

हिडमा खुद कभी छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में शरण लेकर रहता है। यहां तक की इन नक्सलियों के पास यूबीजीएल, रॉकेट लॉन्चर, एके 47 और इंसास जैसे आधुनिक हथियार होते हैं। इस हमले में भी नक्सलियों ने इन्हीं का इस्तेमाल किया। 

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