तेजी से बढ़ रहा कोरोना, फिर भी केजरीवाल ने कहा, घबराए नहीं, इन 5 हथियारों से वायरस को खत्म कर दूंगा

First Published 27, Jun 2020, 12:57 PM

नई दिल्ली. भारत में कोरोना के 5 लाख से ज्यादा केस आ चुके हैं। 15 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। महाराष्ट्र के बाद दिल्ली सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य है। दिल्ली में कोरोना के केस तेजी से बढ़ रहे हैं। दिल्ली में कोरोना के 77 हजार से ज्यादा केस हैं। 2492 लोगों की मौत हो चुकी है। इस बीच अरविंद केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि उन्होंने कोरोना के खिलाफ लड़ाई जीतने के लिए 5 हथियार बनाए हैं, जिनसे वे कोरोना को हरा देंगे। हालांकि उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं पता कि कोरोना कब हारेगा, लेकिन हारेगा यह निश्चित है। 

<p style="text-align: center;"><strong><u>पहला हथियार : बेड्स की संख्या बढ़ाई गई</u></strong><br />
केजरीवाल ने कहा, कोरोना के मरीज एक अस्पताल से दूसरे और दूसरे से तीसरे अस्पताल दौड़ रहे हैं। मेरे पास रात-रात भर फोन आते थे। लेकिन अब नहीं आते हैं। दिल्ली के सारे अस्पतालों में करीब 40% बेड रिजर्व कर दिए गए हैं। दिल्ली के कई अस्पतालों को पूरी तरह कोरोना अस्पताल घोषित कर दिया। कई होटलों को अस्पतालों के साथ अटैच कर दिया। ऐसे अस्पतालों की कैपेसिटी बढ़ाई है। हालांकि होटल के लोग नाराज हुए, कोर्ट में गए, लेकिन हमने लड़ाई लड़ी और जीती। बेड की संख्या बहुत बड़े स्तर पर बढ़ा दी गई है। जून में अस्पतालों में बेड्स नहीं थे, आज दिल्ली में 13 हजार बेड्स हैं, जिसमें 6 हजार बेड्स खाली पड़े हैं।</p>

पहला हथियार : बेड्स की संख्या बढ़ाई गई
केजरीवाल ने कहा, कोरोना के मरीज एक अस्पताल से दूसरे और दूसरे से तीसरे अस्पताल दौड़ रहे हैं। मेरे पास रात-रात भर फोन आते थे। लेकिन अब नहीं आते हैं। दिल्ली के सारे अस्पतालों में करीब 40% बेड रिजर्व कर दिए गए हैं। दिल्ली के कई अस्पतालों को पूरी तरह कोरोना अस्पताल घोषित कर दिया। कई होटलों को अस्पतालों के साथ अटैच कर दिया। ऐसे अस्पतालों की कैपेसिटी बढ़ाई है। हालांकि होटल के लोग नाराज हुए, कोर्ट में गए, लेकिन हमने लड़ाई लड़ी और जीती। बेड की संख्या बहुत बड़े स्तर पर बढ़ा दी गई है। जून में अस्पतालों में बेड्स नहीं थे, आज दिल्ली में 13 हजार बेड्स हैं, जिसमें 6 हजार बेड्स खाली पड़े हैं।

<p style="text-align: center;"><strong><u>दूसरा हथियार : टेस्टिंट और आइसोलेशन</u></strong><br />
जून के पहले हफ्ते में टेस्टिंट के लिए लोगों को धक्के खाने पड़ते थे। कई लैब्स पॉजिटिव को निगेटिव और निगेटिव को पॉजिटिव दिखा देते हैं। आज की डेट में रोज 20 हजार टेस्टिंग हो रही है। आज किसी की शिकायत नहीं है कि टेस्टिंग नहीं हो रही है। हम गली-गली कोरोना के मरीजों की पहचान कर रहे हैं और उन्हें आइसोलेट कर रहे हैं। इसमें केंद्र सरकार ने बहुत साथ दिया। उन्होंने हाथ पकड़कर हमको सिखाया।</p>

दूसरा हथियार : टेस्टिंट और आइसोलेशन
जून के पहले हफ्ते में टेस्टिंट के लिए लोगों को धक्के खाने पड़ते थे। कई लैब्स पॉजिटिव को निगेटिव और निगेटिव को पॉजिटिव दिखा देते हैं। आज की डेट में रोज 20 हजार टेस्टिंग हो रही है। आज किसी की शिकायत नहीं है कि टेस्टिंग नहीं हो रही है। हम गली-गली कोरोना के मरीजों की पहचान कर रहे हैं और उन्हें आइसोलेट कर रहे हैं। इसमें केंद्र सरकार ने बहुत साथ दिया। उन्होंने हाथ पकड़कर हमको सिखाया।

<p style="text-align: center;"><strong><u>तीसरा हथियार : ऑक्सीमीटर और ऑक्सीजन कंसंट्रेटर</u></strong><br />
कोरोना मरीजों की मौत ऑक्सीजन के लेवल के कम होने से होती है। हमने इसका उपाय निकाला है। लोगों को पता ही नहीं चल पाता था कि उनके ऑक्सीजन का लेवल क्या है? लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। जो लोग घरों में अपना इलाज करा रहे हैं उन्हें घरों में ऑक्सीमीटर भेज रहे हैं। वे अंगूठा डालकर ऑक्सीजन के लेवल को चेक कर सकते हैं। करीब 4000 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर खरीदे गए हैं। इससे मरीज को ऑक्सीजन दी जाती है। </p>

तीसरा हथियार : ऑक्सीमीटर और ऑक्सीजन कंसंट्रेटर
कोरोना मरीजों की मौत ऑक्सीजन के लेवल के कम होने से होती है। हमने इसका उपाय निकाला है। लोगों को पता ही नहीं चल पाता था कि उनके ऑक्सीजन का लेवल क्या है? लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। जो लोग घरों में अपना इलाज करा रहे हैं उन्हें घरों में ऑक्सीमीटर भेज रहे हैं। वे अंगूठा डालकर ऑक्सीजन के लेवल को चेक कर सकते हैं। करीब 4000 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर खरीदे गए हैं। इससे मरीज को ऑक्सीजन दी जाती है। 

<p style="text-align: center;"><strong><u>चौथा हथियार : प्लाज्मा थेरेपी</u></strong><br />
इसमें दिल्ली ने पूरे देश के लिए एक रास्ता दिखाया। सबसे पहले दिल्ली में ट्राई किया गया। 29 मरीजों पर ट्रायल सफल रहा। ड्रग कंट्रोलर ऑफ इंडिया ने भी इसे मंजूरी दी है। अब कई लोग प्लाज्मा थेरेपी इस्तेमाल कर रहे हैं। यह मॉडरेज पेशेंट के हालत को और खराब होने से बचाती है।</p>

चौथा हथियार : प्लाज्मा थेरेपी
इसमें दिल्ली ने पूरे देश के लिए एक रास्ता दिखाया। सबसे पहले दिल्ली में ट्राई किया गया। 29 मरीजों पर ट्रायल सफल रहा। ड्रग कंट्रोलर ऑफ इंडिया ने भी इसे मंजूरी दी है। अब कई लोग प्लाज्मा थेरेपी इस्तेमाल कर रहे हैं। यह मॉडरेज पेशेंट के हालत को और खराब होने से बचाती है।

<p style="text-align: center;"><strong><u>पांचवां हथियार : सर्वे और स्क्रीनिंग</u></strong><br />
दिल्ली में करीब 20 हजार लोगों को सीरो लॉजिकल सर्वे होगा। इससे पता चलेगा कि दिल्ली में किस लेवल पर कोरोना फैला हुआ है। सर्वे का काम दिल्ली सरकार और नेशनल सेंटर फॉर डिजिज कंट्रोल (NCDC) के सहयोग से किया जाएगा। यह 27 जून से 10 जुलाई तक चलेगा।</p>

पांचवां हथियार : सर्वे और स्क्रीनिंग
दिल्ली में करीब 20 हजार लोगों को सीरो लॉजिकल सर्वे होगा। इससे पता चलेगा कि दिल्ली में किस लेवल पर कोरोना फैला हुआ है। सर्वे का काम दिल्ली सरकार और नेशनल सेंटर फॉर डिजिज कंट्रोल (NCDC) के सहयोग से किया जाएगा। यह 27 जून से 10 जुलाई तक चलेगा।

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