मोदी सरकार 2.0 के एक साल पूरे, ये चहरे केंद्र में पहली बार बने मंत्री और बन गए सबसे ताकतवर चेहरे

First Published 30, May 2020, 8:52 AM

नई दिल्ली. देश में जारी कोरोना संकट के बीच केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार 2.0 के आज एक साल पूरे हो रहे हैं। 30 मई 2019 को नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लगातार दूसरी बार बीजेपी की सरकार बनी तो मंत्रिमंडल में कई ऐसे चेहरों की तरजीह दी गई जो पिछली मोदी सरकार में शामिल नहीं थे। पहली बार मंत्री बनने के बाद ये चेहरे चर्चा के केंद्र बने। अपने निर्णयों से सुर्खियों में रहें। पुरानी सरकार में भी कुछ मंत्रियों को पार्ट-2 में भी मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाली। मोदी सरकार 2.0 में अमित शाह को गृह मंत्रालय का जिम्मा सौंपा गया तो एस. जयशंकर को विदेश मंत्रालय का जिम्मा सौंपा गया। मोदी कैबिनेट 2.0 में इन दोनों नेताओं ने सबसे ताकतवर चेहरे के तौर पर अपनी पहचान बनाई है। 
 

<p style="text-align: justify;"><strong>अमित शाह सबसे पावरफुल मंत्री</strong><br />
मोदी कैबिनेट 2.0 में शामिल होने वाले चेहरे में सबसे पावरफुल चेहरा अमित शाह का रहा, जिन्हें गृह मंत्रालय का जिम्मा सौंपा गया। इससे पहले शाह के पास केंद्र सरकार में किसी भी मंत्रालय का अनुभव नहीं था। हालांकि, अमित शाह ने कैबिनेट में शामिल होते ही कई ऐसे अहम फैसले लिए जिन पर लंबे अरसे से कोई भी सरकार हाथ डालने से कतराती रही है। जम्मू-कश्मीर में 370 को खत्म करने का मामला रहा हो या फिर आतंकवाद के खिलाफ UAPA जैसा कड़ा कानून या फिर सीएए में संसोधन करने की बात हो, अमित शाह ने बखूबी करके दिखाया है। इसके अलावा नागरिकता संशोधन कानून लाना हो या फिर जेड प्लस सेक्योरिटी में बदलाव करने का कानून लाना हो। अमित शाह ने इन सभी कार्यों को बखूबी अंजाम दिया। जिसके कारण वह सुर्खियों में रहें। <br />
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अमित शाह सबसे पावरफुल मंत्री
मोदी कैबिनेट 2.0 में शामिल होने वाले चेहरे में सबसे पावरफुल चेहरा अमित शाह का रहा, जिन्हें गृह मंत्रालय का जिम्मा सौंपा गया। इससे पहले शाह के पास केंद्र सरकार में किसी भी मंत्रालय का अनुभव नहीं था। हालांकि, अमित शाह ने कैबिनेट में शामिल होते ही कई ऐसे अहम फैसले लिए जिन पर लंबे अरसे से कोई भी सरकार हाथ डालने से कतराती रही है। जम्मू-कश्मीर में 370 को खत्म करने का मामला रहा हो या फिर आतंकवाद के खिलाफ UAPA जैसा कड़ा कानून या फिर सीएए में संसोधन करने की बात हो, अमित शाह ने बखूबी करके दिखाया है। इसके अलावा नागरिकता संशोधन कानून लाना हो या फिर जेड प्लस सेक्योरिटी में बदलाव करने का कानून लाना हो। अमित शाह ने इन सभी कार्यों को बखूबी अंजाम दिया। जिसके कारण वह सुर्खियों में रहें। 
 

<p style="text-align: justify;">नित्यानंद राय को भी मोदी कैबिनेट में पहली बार जगह मिली हैं। नित्यानंद राय को केंद्रीय गृह राज्यमंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई है। </p>

नित्यानंद राय को भी मोदी कैबिनेट में पहली बार जगह मिली हैं। नित्यानंद राय को केंद्रीय गृह राज्यमंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई है। 

<p style="text-align: justify;"><strong>पहली बार जीते सारंगी और बन गए मंत्री </strong><br />
ओडिशा से पहली बार जीतकर आए प्रताप सारंगी को भी मोदी सरकार ने अपनी कैबिनेट में जगह दी है, उन्हें सूक्ष्म एवं लघु उद्योग राज्य मंत्री बनाया गया है। मोदी सरकार पार्ट-2 में मंत्री बनाए जाने के बाद प्रताप सारंगी चर्चा में रहें। </p>

पहली बार जीते सारंगी और बन गए मंत्री 
ओडिशा से पहली बार जीतकर आए प्रताप सारंगी को भी मोदी सरकार ने अपनी कैबिनेट में जगह दी है, उन्हें सूक्ष्म एवं लघु उद्योग राज्य मंत्री बनाया गया है। मोदी सरकार पार्ट-2 में मंत्री बनाए जाने के बाद प्रताप सारंगी चर्चा में रहें। 

<p style="text-align: justify;"><strong>जयशंकर के कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी</strong><br />
मोदी सरकार के दूसरी बार सत्ता में आने के बाद सुषमा स्वराज ने स्वास्थ्य कारणों के चलते कैबिनेट का हिस्सा बनने से इनकार कर दिया था। साथ ही उन्होंने चुनाव भी नहीं लड़ा था। इसके बाद पीएम मोदी ने पूर्व विदेश सचिव एस जयशंकर को कैबिनेट का हिस्सा बनाते हुए विदेश मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी थी। एस जयशंकर का मंत्री के तौर पर पहला अनुभव है, हालाकिं उन्होंने विदेश सचिव के तौर पर अहम जिम्मेदारी को निभाया है। जयशंकर उन लोगों में शामिल थे जो चीन के साथ डोकलाम मुद्दे का हल निकाला था। इतना ही नहीं वे भारत में अमेरिका के राजदूत भी रह चुके हैं, यही वजह रही कि मोदी सरकार की कैबिनेट का अहम हिस्सा बने। </p>

जयशंकर के कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी
मोदी सरकार के दूसरी बार सत्ता में आने के बाद सुषमा स्वराज ने स्वास्थ्य कारणों के चलते कैबिनेट का हिस्सा बनने से इनकार कर दिया था। साथ ही उन्होंने चुनाव भी नहीं लड़ा था। इसके बाद पीएम मोदी ने पूर्व विदेश सचिव एस जयशंकर को कैबिनेट का हिस्सा बनाते हुए विदेश मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी थी। एस जयशंकर का मंत्री के तौर पर पहला अनुभव है, हालाकिं उन्होंने विदेश सचिव के तौर पर अहम जिम्मेदारी को निभाया है। जयशंकर उन लोगों में शामिल थे जो चीन के साथ डोकलाम मुद्दे का हल निकाला था। इतना ही नहीं वे भारत में अमेरिका के राजदूत भी रह चुके हैं, यही वजह रही कि मोदी सरकार की कैबिनेट का अहम हिस्सा बने। 

<p style="text-align: justify;"><strong>निशंक को मानव संसाधन मंत्रालय</strong><br />
मोदी सरकार में मानव संसाधन विकास मंत्रालय का जिम्मा उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री व हरिद्वार लोकसभा के सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक को सौंपा गया है। निशंक पिछली मोदी सरकार में कैबिनेट का हिस्सा नहीं थे, लेकिन इस बार उन्हें काफी अहम विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। <br />
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निशंक को मानव संसाधन मंत्रालय
मोदी सरकार में मानव संसाधन विकास मंत्रालय का जिम्मा उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री व हरिद्वार लोकसभा के सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक को सौंपा गया है। निशंक पिछली मोदी सरकार में कैबिनेट का हिस्सा नहीं थे, लेकिन इस बार उन्हें काफी अहम विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। 
 

<p style="text-align: justify;"><strong>अनुराग पहली बार बने मंत्री </strong><br />
हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर से चौथी बार सांसद बने अनुराग ठाकुर वित्त राज्यमंत्री का जिम्मा संभाल रहे हैं। भारतीय जनता युवा मोर्चा के पूर्व अध्यक्ष ठाकुर ने 26 जनवरी 2011 को लाल चौक पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए कोलकाता से श्रीनगर तक की राष्ट्रीय एकता यात्रा की थी। वह मई 2016 से फरवरी 2017 तक बीसीसीआई के अध्यक्ष रहे। अनुराग को 2011 में सर्वश्रेष्ठ युवा सांसद का पुरस्कार मिला था। </p>

अनुराग पहली बार बने मंत्री 
हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर से चौथी बार सांसद बने अनुराग ठाकुर वित्त राज्यमंत्री का जिम्मा संभाल रहे हैं। भारतीय जनता युवा मोर्चा के पूर्व अध्यक्ष ठाकुर ने 26 जनवरी 2011 को लाल चौक पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए कोलकाता से श्रीनगर तक की राष्ट्रीय एकता यात्रा की थी। वह मई 2016 से फरवरी 2017 तक बीसीसीआई के अध्यक्ष रहे। अनुराग को 2011 में सर्वश्रेष्ठ युवा सांसद का पुरस्कार मिला था। 

<p style="text-align: justify;"><strong>निशंक को मानव संसाधन मंत्रालय</strong><br />
मोदी सरकार में मानव संसाधन विकास मंत्रालय का जिम्मा उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री व हरिद्वार लोकसभा के सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक को सौंपा गया है। निशंक पिछली मोदी सरकार में कैबिनेट का हिस्सा नहीं थे, लेकिन इस बार उन्हें काफी अहम विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। </p>

निशंक को मानव संसाधन मंत्रालय
मोदी सरकार में मानव संसाधन विकास मंत्रालय का जिम्मा उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री व हरिद्वार लोकसभा के सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक को सौंपा गया है। निशंक पिछली मोदी सरकार में कैबिनेट का हिस्सा नहीं थे, लेकिन इस बार उन्हें काफी अहम विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। 

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