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दम तोड़ने से पहले निर्भया ने मां को लिखे थे 6 पत्र, जानिए आखिरी पलों में वो क्या-क्या कह गई
नई दिल्ली. निर्भया गैंगरेप के चारों दोषियों को 1 फरवरी 2020 को फांसी दी जानी है। सात साल पहले हुई इस घटना ने पूरे देश को दहला दिया था। 16 दिसंबर 2012 की निर्भया (काल्पनिक नाम) से चलती बस में सामूहिक दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या कर दी गई। बात करें अगर पीड़िता की तो आखिरी सांस लेते वक्त उसने करीब 6 लेटर्स में बस एक ही इच्छा जताई थी अपने कातिलों की मौत। दुनिया छोड़ने से पहले दर्द से तड़पते हुए अस्पताल में निर्भया ने अपनी मां को कई बातें बताईं थीं। ये बाते बाद में मीडिया रिपोर्ट में सामने आईं जो आज हम आपको बताने जा रहे हैं। जानिए आखिरी पलों में वह मां से क्या-क्या कह गई थी.......
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16 दिसंबर से 29 दिसंबर 2012 के बीच पूरा देश निर्भया की सलामती की दुआएं कर रहा था। वो अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही थी। उसका शरीर छलनी था, बदन के हर हिस्से को दांतों से काटा गया था, प्राइवेट पार्ट में रॉड डाल दी गई थी। दरिंदगी की शिकार निर्भया उधेड़बुन में थी कि जिंदा बचेगी भी या नहीं? उसे लग रहा था उसकी जान बचना मुश्किल है ऐसे में वो अपनी मां आशा देवी से सब कुछ कह गई जो वो उस समय कह सकती थी। अस्पताल में थोड़ा बहुत होश आने पर निर्भया ने 6 खत लिखे।
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निर्भया ने हालत बिगड़ने के बाद अपने जीवन की अंतिम लड़ाई में बहुत हिम्मत दिखाई। इसी दौरान केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री कृष्णा तीरथ ने पीड़िता और उसके रिश्तेदारों से मिलने के लिए सफदरजंग अस्पताल का दौरा किया था। बाहर आने के बाद उन्होंने बताया था कि निर्भया की आंत बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो हैं। इसके लिए एक और सर्जरी करनी पड़ेगी। उसके बाद उसे आपरेशन थियेटर से बाहर लाया जाएगा।
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लड़की की स्थिति के बारे में आगे बात करते हुए तीरथ ने कहा था कि वह इशारों में और लिखित शब्दों से डॉक्टरों और रिश्तेदारों से बात कर रही थी। अपने लिखे लेटर्स में निर्भया ने संकेतों और छोटे-छोटे शब्दों में अपनी मां से बातें बताईं। निर्भया ने उन्हें पीठ दर्द और दूसरी तकलीफों के बारे में बताया। उसने परिवार से दोषियों को सख्त सजा दिलवाने की मांग की है और आरोपियों को मौत तक फांसी पर लटकाए जाने को कहा।
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अस्पताल में निर्भया ने जब अपने पिता को देखा तो वो बुरी तरह टूट गई। वो बहुत रोई और शर्मिंदा महसूस करने लगी। इससे पहले दिन अपनी मां को एक लिखित संचार में निर्भया ने कहा था- मां, मैं जीना चाहती हूं। मुझे बचा लीजिए, उन लोगों ने मेरे साथ वहशीपना किया, मुझे मारा गया, मेरे साथ बलात्कार किया। मेरे शरीर को नोंचा गया, काटा गया। मैं चाहती हूं उन दरिंदों को तब तक फांसी पर लटकाया जाए जब तक उनकी मौत न हो जाए। हैंग देम टिल डेथ।
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उस दौरान कई राजनेता सफदरजंग अस्पताल में निर्भया से मिलने गए थे, जहां उसे रविवार रात चलती बस में क्रूर हमले के बाद भर्ती कराया गया था। भाजपा नेता विजेंद्र गुप्ता भी उनमें से एक थे। उन्होंने याद करते हुए बताया था कि लड़की ने अपनी मां को क्या बताया था।
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विजेंद्र गुप्ता ने कहा था कि लड़की बुरी स्थिति में थी। उसके पिता ने डॉक्टरों के हवाले से बताया था कि छोटी आंत जो 20 फीट लंबी है, पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है और उसके पिता कहते हैं कि अगर इसे हटा दिया गया तो उसके जिंदा रहने का क्या मतलब है। उसकी मां समेत पूरा परिवार सदमे में था। उस वक्त जो लोग अस्पताल में मौजूद थे उन्होंने बताया कि निर्भया ने अपने संकेत के जरिए कहा था- मां मैं जीना चाहती हूं। डॉक्टरों ने कहा- बेहद अमानवीय तरीके से लड़की को तहस-नहस कर दिया गया था। दिल्ली और देश के लिए इससे ज्यादा दुर्भाग्यपूर्ण कुछ नहीं हो सकता।
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कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी भी बलात्कार पीड़िता से मिलने अस्पताल गई थीं। उन्होंने पीड़िता की मां को गले लगाया था और सरकार से हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया था। डॉक्टरों के मुताबिक, लड़की की बुरी तरह पिटाई के कारण उसकी छोटी आंत बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी। बेहोशी की हालत में चलती बस से फेंकने के बाद उसके सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आईं थीं। डॉक्टरों ने यह भी आशंका जताई थी कि उसके शरीर पर गंभीर चोटों के कारण मवाद बनने शुरू हो गए हैं। जो रिकवरी में खतरा पैदा कर सकते हैं।
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साल 2012 में घटना के बाद निर्भया गैंगरेप के खिलाफ देशभर में लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग कर रहे थे। वे उसके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना भी कर रहे थे। जल्द ठीक होने और न्याय की मांग के लिए कई जगहों पर कैंडल लाइट मार्च का आयोजन किया गया था।
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घटना के दोषियों को 1 फरवरी 2020 को फांसी होगी। निर्भया के चारों दोषी मुकेश, विनय, पवन और अक्षय इन दिनों हाईसिक्योरिटी सेल में बंद हैं। एक ओर जहां मुकेश की दया याचिका राष्ट्रपति से खारिज होने के बाद उसके सभी कानूनी विकल्प लगभग खत्म हो गए हैं। वहीं पवन, अक्षय और विनय ने अब तक दया याचिका नहीं डाली है।
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बीते दिनों सुप्रीम कोर्ट की वकील इंदिरा जयसिंह ने निर्भया की मां से दोषियों को माफी देने की बात कही थी, जिसपर आशा देवी ने कहा था कि भगवान भी कहे तो भी माफ नहीं करूंगी। उनकी इस भावना के पीछे जरूर ही उनकी बेटी की वो चीखें होंगी जिसमें सिर्फ और सिर्फ एक ही बात थी कि दरिंदों को सजा दिलाना।
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निर्भया के मामले पर पूरे देश में बवाल है, पीड़िता की मां किसी भी हाल में दोषियों की सजा चाहती हैं। उनका कहना है कि मेरी बेटी के साथ दरिंदगी हुई है वो चाहती थी उसके दोषियों को सजा मिले इसलिए मैं महान नहीं हूं मैं दोषियों को माफ नहीं कर सकती।
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