Asianet News Hindi

Republic Day: राजपथ पर भीष्म टैंक से लेकर ब्रह्मोस तक भारत ने दुनिया को दिखाई अपनी ताकत; Photos

First Published Jan 26, 2021, 11:13 AM IST
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp

नई दिल्ली. 26 जनवरी को भारत 72वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। इस दौरान दिल्ली के राजपथ पर परेड निकाली गई। इसमें भारत ने अपनी शक्ति को दुनिया के सामने रखा।  परेड में भीष्म टैंक से लेकर ब्रह्मोस तक आधुनिक और खतरनाक हथियारों ने अपनी ताकत दिखाई।

1- टैंक T-90 (भीष्म)

T-90 टैंक का भारतीय सेना के मैकेनाइज्ड कॉलम में पहला स्थान रहा। इसे 54 आर्म्ड रेजीमेंट के कैप्टन करनवीर सिंह भागू ने कमांड किया। भीष्म टैंक को हंटर किलर कॉन्सेप्ट पर तैयार किया गया है। इसमें ताकतवर 125 एमएम स्मूथबोर गन है। इसके अलावा इसमें 7.62 को एक्सियल मशीन गन और 12.7 एमएम एंटी एयरक्रॉफ्ट गन भी तैनात है ।इसके अलावा यह रात में भी 5 किमी तक निशाना साधता है। इसमें लगी लेजर गाइडेड मिसाइल इसे और खतरनाक बनाती हैं। यह पानी के अंदर भी चल सकता है।
 

1- टैंक T-90 (भीष्म)

T-90 टैंक का भारतीय सेना के मैकेनाइज्ड कॉलम में पहला स्थान रहा। इसे 54 आर्म्ड रेजीमेंट के कैप्टन करनवीर सिंह भागू ने कमांड किया। भीष्म टैंक को हंटर किलर कॉन्सेप्ट पर तैयार किया गया है। इसमें ताकतवर 125 एमएम स्मूथबोर गन है। इसके अलावा इसमें 7.62 को एक्सियल मशीन गन और 12.7 एमएम एंटी एयरक्रॉफ्ट गन भी तैनात है ।इसके अलावा यह रात में भी 5 किमी तक निशाना साधता है। इसमें लगी लेजर गाइडेड मिसाइल इसे और खतरनाक बनाती हैं। यह पानी के अंदर भी चल सकता है।
 

शिल्का एंटी एयरक्राफ्ट गन

इस बार परेड में थलसेना की एंटी एयरक्राफ्ट गन अपग्रेडेड शिल्का गन भी नजर आई। इसे कैप्टन प्रीति चौधरी ने कमांड किया। यह गन जमीन पर 2 किमी तक दुश्मन के ठिकानों को टारगेट कर सकती है और हवा में 2.5 किलोमीटर तक दुश्मनों को टारगेट कर सकती है। 

शिल्का एंटी एयरक्राफ्ट गन

इस बार परेड में थलसेना की एंटी एयरक्राफ्ट गन अपग्रेडेड शिल्का गन भी नजर आई। इसे कैप्टन प्रीति चौधरी ने कमांड किया। यह गन जमीन पर 2 किमी तक दुश्मन के ठिकानों को टारगेट कर सकती है और हवा में 2.5 किलोमीटर तक दुश्मनों को टारगेट कर सकती है। 

पिनाका मल्टी-बैरल रॉकेट सिस्टम

 गणतंत्र दिवस के मौके पर राजपथ पर 841 रॉकेट रेजिमेंट (पिनाका) के पिनाका मल्टी लॉन्चर रॉकेट सिस्टम का नेतृत्व कैप्टन विभोर गुलाटी ने किया। 214 mm पिनाका MBRL दुनिया की सबसे एडवांस रॉकेट सिस्टम में से एक है। भगवान शिव के घनुष के नाम पर बना पिनाक एक फ्लाइट आर्टिलरी रॉकेट सिस्‍टम है जिसकी रेंज 37.5 किलोमीटर है। पिनाक रॉकेट्स को मल्‍टी-बैरल रॉकेट लॉन्‍चर से छोड़ा जाता है। लॉन्‍चर सिर्फ 44 सेकेंड्स में 12 रॉकेट्स दाग सकता है। 

पिनाका मल्टी-बैरल रॉकेट सिस्टम

 गणतंत्र दिवस के मौके पर राजपथ पर 841 रॉकेट रेजिमेंट (पिनाका) के पिनाका मल्टी लॉन्चर रॉकेट सिस्टम का नेतृत्व कैप्टन विभोर गुलाटी ने किया। 214 mm पिनाका MBRL दुनिया की सबसे एडवांस रॉकेट सिस्टम में से एक है। भगवान शिव के घनुष के नाम पर बना पिनाक एक फ्लाइट आर्टिलरी रॉकेट सिस्‍टम है जिसकी रेंज 37.5 किलोमीटर है। पिनाक रॉकेट्स को मल्‍टी-बैरल रॉकेट लॉन्‍चर से छोड़ा जाता है। लॉन्‍चर सिर्फ 44 सेकेंड्स में 12 रॉकेट्स दाग सकता है। 

3- बॉलवे मशीन पिकेट (बीएमपी-II/आईआईके) 
इन्फैंट्री कॉम्बैट व्हीकल (ICV) BMP-II, सारथ एक उच्च गतिशीलता इन्फैंट्री लड़ाकू वाहन है। इसमें शक्तिशाली आयुध और अत्याधुनिक रात की लड़ने की क्षमता है। इसका नेतृत्व गार्ड्स की तीसरी बटालियन ब्रिगेड के कैप्टन अक्षय रस्तोगी ने किया।

3- बॉलवे मशीन पिकेट (बीएमपी-II/आईआईके) 
इन्फैंट्री कॉम्बैट व्हीकल (ICV) BMP-II, सारथ एक उच्च गतिशीलता इन्फैंट्री लड़ाकू वाहन है। इसमें शक्तिशाली आयुध और अत्याधुनिक रात की लड़ने की क्षमता है। इसका नेतृत्व गार्ड्स की तीसरी बटालियन ब्रिगेड के कैप्टन अक्षय रस्तोगी ने किया।

 तीन सुखोई विमानों ने त्रिनेत्र फॉर्मेशन में उड़ान भरी। इसके बाद तीनों विमान त्रिशूल फॉर्मेशन में नजर आए। इस कमांड को कैप्टन एके मिश्रा ने लीड किया।

 तीन सुखोई विमानों ने त्रिनेत्र फॉर्मेशन में उड़ान भरी। इसके बाद तीनों विमान त्रिशूल फॉर्मेशन में नजर आए। इस कमांड को कैप्टन एके मिश्रा ने लीड किया।

Follow Us:
Download App:
  • android
  • ios