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जिसे नेताजी की 'प्रेमिका' समझकर श्रद्धांजलि मिलती रही है, आखिर वो कौन थी?

First Published Jan 22, 2021, 11:59 PM IST
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स्वतंत्रता संग्राम के दौरान 'तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आाजादी दूंगा' जैसा जोशीला नारा देने वाले नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 23 जनवरी को जयंती है। नेताजी का जन्म 1897 को उड़ीसा राज्य के कटक में हुआ था। 18 अगस्त, 1945 के बाद से नेताजी की जिंदगी और मौत को लेकर रहस्य बना हुआ है। माना जाता है कि इसी दिन  जापान के ताइवान में हुई एक विमान दुर्घटना में उनका निधन हो गया। लेकिन प्रचारित हुआ कि वे इस हादसे में बच गए। लेकिन फिर गुमनामी का जीवन गुजारते रहे। उनकी मौत से रहस्य हटाने भारत सरकार ने तीन बार आयोग गठित किया। इनमें से दो ने माना कि बोस की दुर्घटना में मृत्यु हो गई। लेकिन तीसरी जांच रिपोर्ट में कहा गया कि बोस ने नकली मौत दी। यानी वे जीवित बच गए थे। हालांकि इस रिपोर्ट को खारिज कर दिया गया। बोस के साथ ऐसे और भी कई रहस्यमयी प्रसंग जुड़े रहे। बोस ने अपनी प्राइवेट सेक्रेटरी एमिली शेंकल से लव मैरिज की थी। 1996 में उनकी मृत्यु हो गई। पिछले साल सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हुई थी। इसे एमिली की बताकर श्रद्धांजलि दी जा रही थी, लेकिन हकीकत में वो कोई और महिला थी। 

पिछले साल सोशल मीडिया पर यह तस्वीर काफी वायरल हुई थी। इसे बोस की पत्नी एमिली शेंकल Emilie Schenkl की बताया जा रहा था। एमिली का जन्म 26 दिसंबर, 1910 को हुआ था, जबकि मृत्यु मार्च, 1996 में। लेकिन यह तस्वीर एमिली की नहीं, फ्रांसीसी लेखिका मैक्सिमियानी पोर्टास की थी। आगे पढ़ें पोर्टास की कहानी...

पिछले साल सोशल मीडिया पर यह तस्वीर काफी वायरल हुई थी। इसे बोस की पत्नी एमिली शेंकल Emilie Schenkl की बताया जा रहा था। एमिली का जन्म 26 दिसंबर, 1910 को हुआ था, जबकि मृत्यु मार्च, 1996 में। लेकिन यह तस्वीर एमिली की नहीं, फ्रांसीसी लेखिका मैक्सिमियानी पोर्टास की थी। आगे पढ़ें पोर्टास की कहानी...

मैक्सिमियानी पोर्टास का जन्म 1905 में फ्रांस में हुआ था। ये 1935 में हिंदू धर्म अपनाकर भारत में बस गई थीं। इन्होंने अपना नाम बदलकर सावित्री देवी रख लिया था। सावित्री देवी ने कोलकाता के रहने वाले कृष्णा मुखर्जी से विवाह किया था। ये हिटलर की प्रशंसक थीं। वे हिटलर को भगवान विष्णु का कलियुगी अवतार मानती थीं। उनका मानना था कि यहूदियों की वजह से विष्णु ने हिटलर के रूप में अवतार लिया है।
 

मैक्सिमियानी पोर्टास का जन्म 1905 में फ्रांस में हुआ था। ये 1935 में हिंदू धर्म अपनाकर भारत में बस गई थीं। इन्होंने अपना नाम बदलकर सावित्री देवी रख लिया था। सावित्री देवी ने कोलकाता के रहने वाले कृष्णा मुखर्जी से विवाह किया था। ये हिटलर की प्रशंसक थीं। वे हिटलर को भगवान विष्णु का कलियुगी अवतार मानती थीं। उनका मानना था कि यहूदियों की वजह से विष्णु ने हिटलर के रूप में अवतार लिया है।
 

नेताजी और एमिली की प्रेम कहानी...
अंग्रेजों के खिलाफ आजाद हिंद फौज का गठन करने वाले सुभाष चंद्र बोस को 1934 में ब्रिटिश हुकूमत ने निर्वासित कर दिया था। वे भारत से ऑस्ट्रिया(यूरोप) चले गए। इस बीच उन्हें एक यूरोपीय प्रकाशक ने 'द इंडियन स्ट्रगल' नामक किताब लिखने को कहा। इसके लिए नेताजी को एक सहयोगी की जरूरत थी, जो अंग्रेजी भाषी हो और टाइपिंग आती हो। यहां 23 वर्षीय एमिली (दायें से पहली) उनकी पीए बन गईं। जून, 1934 से एमिली ने नेताजी के साथ काम शुरू किया। यहीं से उनके बीच प्रेम पनपा।

नेताजी और एमिली की प्रेम कहानी...
अंग्रेजों के खिलाफ आजाद हिंद फौज का गठन करने वाले सुभाष चंद्र बोस को 1934 में ब्रिटिश हुकूमत ने निर्वासित कर दिया था। वे भारत से ऑस्ट्रिया(यूरोप) चले गए। इस बीच उन्हें एक यूरोपीय प्रकाशक ने 'द इंडियन स्ट्रगल' नामक किताब लिखने को कहा। इसके लिए नेताजी को एक सहयोगी की जरूरत थी, जो अंग्रेजी भाषी हो और टाइपिंग आती हो। यहां 23 वर्षीय एमिली (दायें से पहली) उनकी पीए बन गईं। जून, 1934 से एमिली ने नेताजी के साथ काम शुरू किया। यहीं से उनके बीच प्रेम पनपा।

प्रेम की खुमारी
सुभाष चंद्र बोस के बड़े भाई शरतचंद्र बोस के पोते सुगत बोस ने नेताजी की जीवनी 'हिज मैजेस्टी अपोनेंट-सुभाषचंद्र बोस एंड इंडियाज स्ट्रगल अगेंस्ट एम्पायर' में एमिली और नेताजी की प्रेम कहानी का उल्लेख किया है। इसमें लिखा गया कि एमिली से मिलने के बाद नेताजी की जिंदगी में बड़ा परिवर्तन हुआ। नेताजी को इस बीच कई शादियों और प्रेम के ऑफर मिले, लेकिन उन्होंने किसी में दिलचस्पी नहीं दिखाई। एमिली उनके दिलो-दिमाग में बस चुकी थी।

प्रेम की खुमारी
सुभाष चंद्र बोस के बड़े भाई शरतचंद्र बोस के पोते सुगत बोस ने नेताजी की जीवनी 'हिज मैजेस्टी अपोनेंट-सुभाषचंद्र बोस एंड इंडियाज स्ट्रगल अगेंस्ट एम्पायर' में एमिली और नेताजी की प्रेम कहानी का उल्लेख किया है। इसमें लिखा गया कि एमिली से मिलने के बाद नेताजी की जिंदगी में बड़ा परिवर्तन हुआ। नेताजी को इस बीच कई शादियों और प्रेम के ऑफर मिले, लेकिन उन्होंने किसी में दिलचस्पी नहीं दिखाई। एमिली उनके दिलो-दिमाग में बस चुकी थी।

और फिर कर ली शादी... 
एमिली के पिता आस्ट्रिया के प्रसिद्ध पशु चिकित्सक थे। एमिली और नेताजी ने 1942 में हिंदू रीति-रिवाज से शादी कर ली। 29 नवंबर, 1942 में इनकी बेटी का जन्म हुआ। इसका नाम अनिता बोस रखा गया। हालांकि कुछ जगह इनकी शादी का वर्ष 1937 मानते हैं। लेकिन सार्वजनिक तौर पर यह जानकारी 1993 में सामने आई। आगे जानें नेताजी से संबंधित कुछ फैक्ट्स...

अनिता बोस के साथ एमिली। इनसेट अनिता

और फिर कर ली शादी... 
एमिली के पिता आस्ट्रिया के प्रसिद्ध पशु चिकित्सक थे। एमिली और नेताजी ने 1942 में हिंदू रीति-रिवाज से शादी कर ली। 29 नवंबर, 1942 में इनकी बेटी का जन्म हुआ। इसका नाम अनिता बोस रखा गया। हालांकि कुछ जगह इनकी शादी का वर्ष 1937 मानते हैं। लेकिन सार्वजनिक तौर पर यह जानकारी 1993 में सामने आई। आगे जानें नेताजी से संबंधित कुछ फैक्ट्स...

अनिता बोस के साथ एमिली। इनसेट अनिता

कुछ इतिहासकार मानते हैं कि जब अंग्रेजों के खिलाफ नेताजी ने जापान और जर्मनी से मदद लेने की कोशिश की, तब ब्रिटिश सरकार ने अपने जासूसों को 1941 में नेताजी को मार डालने का आदेश दिया था।
21 अक्टूबर, 1943 को नेताजी ने आजाद हिंद फौज के सर्वोच्च सेनापति की हैसियत से स्वतंत्र भारत की अस्थायी सरकार बनाई। इसे जर्मनी, जापान, फिलीपींस, कोरिया, चीन, इटली, आयरलैंड सहित 11 देशों की सरकारों ने मान्यता दी थी।

कुछ इतिहासकार मानते हैं कि जब अंग्रेजों के खिलाफ नेताजी ने जापान और जर्मनी से मदद लेने की कोशिश की, तब ब्रिटिश सरकार ने अपने जासूसों को 1941 में नेताजी को मार डालने का आदेश दिया था।
21 अक्टूबर, 1943 को नेताजी ने आजाद हिंद फौज के सर्वोच्च सेनापति की हैसियत से स्वतंत्र भारत की अस्थायी सरकार बनाई। इसे जर्मनी, जापान, फिलीपींस, कोरिया, चीन, इटली, आयरलैंड सहित 11 देशों की सरकारों ने मान्यता दी थी।

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