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जहां पढ़ाते थे वहीं की टीचर से हुआ प्यार, शादी की तो पिता ने घर से निकाला...कुमार विश्वास की लव स्टोरी

First Published Feb 10, 2020, 5:15 PM IST
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नई दिल्ली. रॉकस्टार कवि डॉ. कुमार विश्वास का आज यानी 10 फरवरी को 50 वां जन्मदिन है। 10 फरवरी 1970 को उत्तर प्रदेश के पिलखुआ गांव में पैदा हुए कुमार विश्वास ना सिर्फ कविताओं के लिये बल्कि राजनीति पर अपनी बेबाक टिप्पणियों की वजह से भी चर्चा में रहते हैं, कुमार की युवाओं में अच्छी खासी लोकप्रियता है, हालांकि राजनीति में इन दिनों वो हाशिये पर पड़े हैं, लेकिन आज बात उनकी राजनीति या कविता की नहीं बल्कि उनकी पर्सनल लाइफ यानी प्रेम कहानी की करते हैं।

इंजीनियरिंग छोड़ हिंदी की पढ़ाई करने के बाद साल 1994 में राजस्थान से उन्होने हिंदी लेक्चरर के रुप में नौकरी शुरु की, वहीं पर उनकी पहली मुलाकात मंजू से हुई, जो उसी कॉलेज में लेक्चरर थी। यह मुलाकात कब प्यार में बदल गया। यह दोनों को पता ही नहीं चला।

इंजीनियरिंग छोड़ हिंदी की पढ़ाई करने के बाद साल 1994 में राजस्थान से उन्होने हिंदी लेक्चरर के रुप में नौकरी शुरु की, वहीं पर उनकी पहली मुलाकात मंजू से हुई, जो उसी कॉलेज में लेक्चरर थी। यह मुलाकात कब प्यार में बदल गया। यह दोनों को पता ही नहीं चला।

जिसके बाद दोनों विवाह के बंधन में बंध गए। हालांकि, कुमार विश्वास को पता था कि जाति अलग होने की वजह से उनके घर में विरोध होगा, इसलिये उन्होने पहले शादी की फिर घर वालों को सूचना दी, जिसके बाद दोनों परिवारों में इस शादी का विरोध हुआ।

जिसके बाद दोनों विवाह के बंधन में बंध गए। हालांकि, कुमार विश्वास को पता था कि जाति अलग होने की वजह से उनके घर में विरोध होगा, इसलिये उन्होने पहले शादी की फिर घर वालों को सूचना दी, जिसके बाद दोनों परिवारों में इस शादी का विरोध हुआ।

2 साल नहीं मिली घर में एंट्रीः कुमार विश्वास के पिता उनके इस फैसले से इतने नाराज थे, उन्हें घर में एंट्री नहीं मिली। तकरीबन दो साल तक कुमार के बड़े भाई और बहन पिता को समझाते रहे, जिसके बाद कुमार विश्वास और उनकी पत्नी को घर में एंट्री मिली।

2 साल नहीं मिली घर में एंट्रीः कुमार विश्वास के पिता उनके इस फैसले से इतने नाराज थे, उन्हें घर में एंट्री नहीं मिली। तकरीबन दो साल तक कुमार के बड़े भाई और बहन पिता को समझाते रहे, जिसके बाद कुमार विश्वास और उनकी पत्नी को घर में एंट्री मिली।

वहीं, कुछ ऐसा ही हाल डॉ. विश्वास की पत्नी मंजू के घर में भी था, हालांकि जब कुमार विश्वास के घर बड़ी बेटी पैदा होने वाली थी, तो फिर स्थिति सामान्य होने लगी, दोनों परिवारों ने उन्हें अपना लिया।

वहीं, कुछ ऐसा ही हाल डॉ. विश्वास की पत्नी मंजू के घर में भी था, हालांकि जब कुमार विश्वास के घर बड़ी बेटी पैदा होने वाली थी, तो फिर स्थिति सामान्य होने लगी, दोनों परिवारों ने उन्हें अपना लिया।

अजमेर के सिविल-लाइंस भौपों का बाड़ा में रहने वाली मंजु भी 1994-95 में कॉलेज में प्राध्यापक नियुक्त हुई। मंजु और विश्वास की मुलाकात हिंदी से जुड़े कार्यक्रमों में हुई। विश्वास ने मंजु के लिए कविताएं लिखने की शुरुआत की। यह कविताएं श्रृंगार रस से जुड़ी होती थीं। इन्हीं कविताओं ने मंजु को प्रभावित किया।

अजमेर के सिविल-लाइंस भौपों का बाड़ा में रहने वाली मंजु भी 1994-95 में कॉलेज में प्राध्यापक नियुक्त हुई। मंजु और विश्वास की मुलाकात हिंदी से जुड़े कार्यक्रमों में हुई। विश्वास ने मंजु के लिए कविताएं लिखने की शुरुआत की। यह कविताएं श्रृंगार रस से जुड़ी होती थीं। इन्हीं कविताओं ने मंजु को प्रभावित किया।

अजमेर बना लवर्स पॉइन्टः मंजु का अजमेर में घर होने से कुमार विश्वास भी उनसे मुलाकात करने यहां पहुंचने लगे। आनासागर झील, बारादरी, फायसागर झील, पुष्कर घाटी और बजरंगगढ़ मंदिर में दोनों कई बार मिले। धीरे-धीरे प्रेम कहानी आगे बढ़ने लगी। जिसके बाद दोनों शादी के बंधन में बंध गए।

अजमेर बना लवर्स पॉइन्टः मंजु का अजमेर में घर होने से कुमार विश्वास भी उनसे मुलाकात करने यहां पहुंचने लगे। आनासागर झील, बारादरी, फायसागर झील, पुष्कर घाटी और बजरंगगढ़ मंदिर में दोनों कई बार मिले। धीरे-धीरे प्रेम कहानी आगे बढ़ने लगी। जिसके बाद दोनों शादी के बंधन में बंध गए।

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