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कौन लिखता है मोदी का भाषण, 'मित्रों' एवं 'भाइयों और बहनों' में कौन है दमदार शब्द , खुल गया राज़

First Published Mar 3, 2021, 11:03 AM IST
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नेताओं में 'भाषणकला' उनकी यूएसपी (unique selling point or proposal) होती है। यानी नेताओं की बातों में दम होना चाहिए, बाकी चीजें बाद की बात। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की USP उनके भाषण में शब्द चयन और आमजनों की भाषा है। यानी क्षेत्र-लोग और विषयों के आधार पर मोदी अपना भाषण बोलते हैं। आमतौर पर कई नेताओं के पास बोलने की कला होती है, लेकिन भाषण लिखना क्या है, उनके वश की बात नहीं होती। मोदी इस मामले में अन्य नेताओं पर भारी पड़ते हैं। इलेक्शन हों, संसद हो या रेडियो पर 'मन की बात' मोदी जिस अंदाज में अपना भाषण देते हैं, वो लोगों के दिलों तक पहुंचता है। क्या आपको पता है कि मोदी का भाषण कौन लिखता है? मित्रों और भाइयों और बहनों में कौन सा शब्द उनका सबसे अधिक प्रभावी है? आइए जानते हैं...

प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में सूचना अधिकार कानून (RTI) के तहत जानकारी मांगी गई थी कि पीएम मोदी का भाषण कौन तैयार करता है? इसे लेकर जवाब मिला कि मोदी अपना भाषण अंतिम रूप से खुद तैयार करते हैं।

प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में सूचना अधिकार कानून (RTI) के तहत जानकारी मांगी गई थी कि पीएम मोदी का भाषण कौन तैयार करता है? इसे लेकर जवाब मिला कि मोदी अपना भाषण अंतिम रूप से खुद तैयार करते हैं।

अंग्रेजी वेबसाइट 'इंडिया टुडे' के मुताबिक, RTI में खुलासा किया गया कि जैसा कार्यक्रम होता है, मोदी उसके हिसाब से संबंधित व्यक्तियों, अधिकारियों, विभागों, इकाइयों, संगठनों वगैरह से जानकारियां मंगाते हैं। उन्हें भाषण में तैयार वे खुद करते हैं। यानी कैसे उन्हें बोलना है आदि।

अंग्रेजी वेबसाइट 'इंडिया टुडे' के मुताबिक, RTI में खुलासा किया गया कि जैसा कार्यक्रम होता है, मोदी उसके हिसाब से संबंधित व्यक्तियों, अधिकारियों, विभागों, इकाइयों, संगठनों वगैरह से जानकारियां मंगाते हैं। उन्हें भाषण में तैयार वे खुद करते हैं। यानी कैसे उन्हें बोलना है आदि।

हालांकि PMO ने RTI के जवाब में यह नहीं बताया कि मोदी के भाषण तैयार करने के लिए कितनी टीम है, उन्हें क्या सैलरी या पारिश्रमिक मिलता है। बता दें कि मोदी ने 2014 के चुनाव में जिस धुंआधारी से चुनावी सभाएं की थीं और भाजपा को ऊचाइयों पर खड़ा कर दिया, वो लाजवाब है।

हालांकि PMO ने RTI के जवाब में यह नहीं बताया कि मोदी के भाषण तैयार करने के लिए कितनी टीम है, उन्हें क्या सैलरी या पारिश्रमिक मिलता है। बता दें कि मोदी ने 2014 के चुनाव में जिस धुंआधारी से चुनावी सभाएं की थीं और भाजपा को ऊचाइयों पर खड़ा कर दिया, वो लाजवाब है।

मोदी अपने भाषणों में मित्रों के अलावा भाइयों और बहनों का खूब इस्तेमाल करते रहे हैं। इस संबंध में कुछ साल पहले एक रिसर्च की गई थी। इसमें सामने आया था कि मित्रों पीएम मोदी का फेवरेट शब्द नहीं है। उन्हें भाइयों और बहनों से भाषण शुरू करना अधिक पसंद है।

मोदी अपने भाषणों में मित्रों के अलावा भाइयों और बहनों का खूब इस्तेमाल करते रहे हैं। इस संबंध में कुछ साल पहले एक रिसर्च की गई थी। इसमें सामने आया था कि मित्रों पीएम मोदी का फेवरेट शब्द नहीं है। उन्हें भाइयों और बहनों से भाषण शुरू करना अधिक पसंद है।

मोदी की तरह पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी, अटलबिहारी वाजपेयी आदि अपना भाषण खुद तैयार करते थे। ये सभी नेता भाषणकला में माहिर माने जाते रहे।

मोदी की तरह पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी, अटलबिहारी वाजपेयी आदि अपना भाषण खुद तैयार करते थे। ये सभी नेता भाषणकला में माहिर माने जाते रहे।

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