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कोरोना की 'चमत्कारी' दवा कृष्णापटनम लेने पहुंची भीड़, सरकार ने जल्द इस पर रिसर्च रिपोर्ट देने को कहा

First Published May 22, 2021, 5:53 PM IST
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अमरावती (आंध्र प्रदेश), कोरोना वायरस की दूसरी लहर तबाही मचा रही है। जिसकी चपेट में आने से लाखों को लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं एक तरफ वैक्सीनेशन भी तेजी से चल रहा है तो दूसरी ओर पूरी दुनिया के विज्ञानिक इस महामारी को जड़ से खत्म करन के लिए इसकी दवा की खोज कर शोध करने में लगे हुए हैं। इसी बीच आंध्र प्रदेश के नेल्लोर जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां कोरोना की आयुर्वेदिक दवा बनाई गई है। जिसे कोरोना के इलाज में चमत्कारी दवा बताने का दावा किया जा रहा है। इस दवा को लेने के लिए हजारों की संख्या में लोगों की लंबी लंबी कतारें लग रहीं हैं।


दरअसल, यह चमत्कारी दवा नेल्लोर जिले के कृष्णापटनम गांव में बनाई गई है, जिसे Krishnapatnam Medicine (कृष्णापटनम दवा) नाम दिया गया गया है। इस दवा को गांव के ही आयुर्वेदाचार्य बी. आनंदैया ने बनाया है। वह इसे बांट रहे हैं। शुक्रवार के दिन इसे लेने के लिए करीब 10 हजार से ज्यादा लोग लेने के लिए पहुंचे हुए थे। इस दौरान यहां कोविड नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाईं गईं।
 


दरअसल, यह चमत्कारी दवा नेल्लोर जिले के कृष्णापटनम गांव में बनाई गई है, जिसे Krishnapatnam Medicine (कृष्णापटनम दवा) नाम दिया गया गया है। इस दवा को गांव के ही आयुर्वेदाचार्य बी. आनंदैया ने बनाया है। वह इसे बांट रहे हैं। शुक्रवार के दिन इसे लेने के लिए करीब 10 हजार से ज्यादा लोग लेने के लिए पहुंचे हुए थे। इस दौरान यहां कोविड नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाईं गईं।
 


बता दें कि राज्य सरकार ने इस दवा का असर जानने के लिए भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) को भेजने की तैयारी कर रही है। ताकी विशेषज्ञ इसके बारे में सही जानकारी निकाल सकें। क्योंकि राज्य ही नहीं बाहर के कई राज्यों से भी लोग इसे लेने के लिए कृष्णापटनम गांव पहुंच रहे हैं।


बता दें कि राज्य सरकार ने इस दवा का असर जानने के लिए भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) को भेजने की तैयारी कर रही है। ताकी विशेषज्ञ इसके बारे में सही जानकारी निकाल सकें। क्योंकि राज्य ही नहीं बाहर के कई राज्यों से भी लोग इसे लेने के लिए कृष्णापटनम गांव पहुंच रहे हैं।


वहीं जब इस बारे में  उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू को पता चला तो उन्होंने फौरन केंद्रीय आयुष मंत्री किरण रिजिजू और भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के निदेशक बलराम भार्गव को दवा पर अध्ययन कर जल्द से जल्द रिपोर्ट देने को कहा है। बता दें कि कैया नायडू भी नेल्लोर जिले के रहने वाले हैं।


वहीं जब इस बारे में  उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू को पता चला तो उन्होंने फौरन केंद्रीय आयुष मंत्री किरण रिजिजू और भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के निदेशक बलराम भार्गव को दवा पर अध्ययन कर जल्द से जल्द रिपोर्ट देने को कहा है। बता दें कि कैया नायडू भी नेल्लोर जिले के रहने वाले हैं।


इतना ही नहीं राज्य के मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी ने भी राज्य की कोरोना कोर ग्रुप के साथ मीटिंग कर कृष्णापटनम दवा के बारे में जानकारी ली।  साथ ही इस पर विशेषज्ञों के जरिए अध्ययन करने को कहा गया। 


इतना ही नहीं राज्य के मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी ने भी राज्य की कोरोना कोर ग्रुप के साथ मीटिंग कर कृष्णापटनम दवा के बारे में जानकारी ली।  साथ ही इस पर विशेषज्ञों के जरिए अध्ययन करने को कहा गया। 


राज्य के डीप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री ए के के श्रीनिवास ने समीक्षा बैठक के बाद कहा का कि अभी तक हमने जो जानकारी ली है उससे पता चला कि इस दवा संकमण कम हो रहा है। लेकिन हमने आईसीएमआर और अन्य विशेषज्ञों से इसका अध्ययन कराने का फैसला किया है, ताकि इसके प्रभावी होने का पता लगाया जा सके। साथ इसके साइड इफेक्ट्स के बार में भी जानकी मिल सके।


राज्य के डीप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री ए के के श्रीनिवास ने समीक्षा बैठक के बाद कहा का कि अभी तक हमने जो जानकारी ली है उससे पता चला कि इस दवा संकमण कम हो रहा है। लेकिन हमने आईसीएमआर और अन्य विशेषज्ञों से इसका अध्ययन कराने का फैसला किया है, ताकि इसके प्रभावी होने का पता लगाया जा सके। साथ इसके साइड इफेक्ट्स के बार में भी जानकी मिल सके।


वहीं राज्य की विशेषज्ञों की टीम ने गांव जाकर दवा के बारे में जानकारी जुटाई। उन्होंने कहा कि हमने एक कोरोना मरीज की आंखों में कृष्णापटनम दवा की दो बूंदे डाली और एक घंटे बाद जांच की तो मरीज का ऑक्सीजन लेवल 84 से 95 पर पहुंच गया था। अभी हम इसकी बनाने की विधि और इलाज में उपयोग के लाने की विधि के बारे में जानकारी जुटा रहे हैं।


वहीं राज्य की विशेषज्ञों की टीम ने गांव जाकर दवा के बारे में जानकारी जुटाई। उन्होंने कहा कि हमने एक कोरोना मरीज की आंखों में कृष्णापटनम दवा की दो बूंदे डाली और एक घंटे बाद जांच की तो मरीज का ऑक्सीजन लेवल 84 से 95 पर पहुंच गया था। अभी हम इसकी बनाने की विधि और इलाज में उपयोग के लाने की विधि के बारे में जानकारी जुटा रहे हैं।


सबसे दुखद बात यह है कि लॉकडाउन के दौरान और महामारी का जब पीक चल रहा उस वक्त लोग 'चमत्कारी दवा' लेने के लिए यहां कोरोना गाइडलाइन की धज्जिया उड़ा रहे हैं। लेकिन प्रदेश की पुलिस कुछ नहीं कर पा रही है। इस दवा को बनाने वाले  आयुर्वेदिक चिकित्सक बी. आनंदैया वितरित कर रहे हैं। वह इस गांव के सरपंच और बाद में मंडल परिषद के सदस्य रह चुके हैं। उन्होंने यहां सबसे पहले 21 अप्रैल से इस दवा का वितरण शुरू किया था।
 


सबसे दुखद बात यह है कि लॉकडाउन के दौरान और महामारी का जब पीक चल रहा उस वक्त लोग 'चमत्कारी दवा' लेने के लिए यहां कोरोना गाइडलाइन की धज्जिया उड़ा रहे हैं। लेकिन प्रदेश की पुलिस कुछ नहीं कर पा रही है। इस दवा को बनाने वाले  आयुर्वेदिक चिकित्सक बी. आनंदैया वितरित कर रहे हैं। वह इस गांव के सरपंच और बाद में मंडल परिषद के सदस्य रह चुके हैं। उन्होंने यहां सबसे पहले 21 अप्रैल से इस दवा का वितरण शुरू किया था।
 

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