Asianet News Hindi

कोरोना के दहशत की सबसे दर्दनाक तस्वीर,जब 4 माह के मासूम को दफनाते वक्त डॉक्टर भी फूट फूटकर रोने लगे

First Published Apr 25, 2020, 7:11 PM IST
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp

केरल, कोरोना अब तक देशभर में  700 से ज्यादा लोगों को मौत की नींद सुला चुका है। रोज इससे मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। लेकिन इसी बीच केरल एक ऐसी खबर सामने आई जिसने सबको रुला दिया। जहां 4 महीने के बच्चे की संक्रमण के चलते मौत हो गई। इस दर्दनाक तस्वीर को अस्पताल में जिस डॉक्टर ने देखी उसकी आंखों से आंसू छलक पड़े। वहीं जब मासूम के शव को स्वास्थ्यकर्मियों ने दफनाया तो वह भी फूट-फूटकर रो पड़े। 

दरअसल, बच्चे मौत शुक्रवार के दिन कोझिकोड के मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान हुई। बताया जाता है कि बच्चे की एक दिन पहले ही कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आई थी और 24 घंटे बाद मासूम ने दम तोड़ दिया। 

दरअसल, बच्चे मौत शुक्रवार के दिन कोझिकोड के मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान हुई। बताया जाता है कि बच्चे की एक दिन पहले ही कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आई थी और 24 घंटे बाद मासूम ने दम तोड़ दिया। 

डॉक्टरों के मुताबिक, बच्चे को ओपर हार्ट सर्जरी के लिए अस्पताल में एडमिट कराया गया था। तबीयत बिगड़ने के बाद जब उसका  कोरोना टेस्ट किया गय तो उसमें कोरोना होने की पुष्टि हुई थी।

डॉक्टरों के मुताबिक, बच्चे को ओपर हार्ट सर्जरी के लिए अस्पताल में एडमिट कराया गया था। तबीयत बिगड़ने के बाद जब उसका  कोरोना टेस्ट किया गय तो उसमें कोरोना होने की पुष्टि हुई थी।


मासूम के शव को अस्पताल के स्वास्थ्यकर्मियों ने कोझिकोड के कन्नामबरम मस्जिद में दफना दिया है। यह इतना दुखद पल था कि बच्चे का आखिरी बार चेहरा उसके माता-पिता भी नहीं देख पाए।


मासूम के शव को अस्पताल के स्वास्थ्यकर्मियों ने कोझिकोड के कन्नामबरम मस्जिद में दफना दिया है। यह इतना दुखद पल था कि बच्चे का आखिरी बार चेहरा उसके माता-पिता भी नहीं देख पाए।

जानकारी के अनुसार बच्चे को दिल की बीमारी थी और निमोनिया भी था। उसके माता-पिता मलप्पुरम के रहने वाले हैं। बच्चे की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद डॉक्टरों ने माता-पिता और अन्य रिश्तेदारों के सैम्पल भी ले लिए हैं। हालांकि पीड़ित परिवार का कहना है कि हम तो सिर्फ अपने बेटे का इलाज कराने के लिए ही अस्पताल आते थे, हो सकता है कि यहीं से वह संक्रमित हुआ हो।

जानकारी के अनुसार बच्चे को दिल की बीमारी थी और निमोनिया भी था। उसके माता-पिता मलप्पुरम के रहने वाले हैं। बच्चे की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद डॉक्टरों ने माता-पिता और अन्य रिश्तेदारों के सैम्पल भी ले लिए हैं। हालांकि पीड़ित परिवार का कहना है कि हम तो सिर्फ अपने बेटे का इलाज कराने के लिए ही अस्पताल आते थे, हो सकता है कि यहीं से वह संक्रमित हुआ हो।


मृतक बच्चे के रिश्तेदार महिलाएं हॉस्पिटल के बाहर कोराना सैंपल के लिए स्वैब कलेक्शन का इंतजार कर रही हैं।


मृतक बच्चे के रिश्तेदार महिलाएं हॉस्पिटल के बाहर कोराना सैंपल के लिए स्वैब कलेक्शन का इंतजार कर रही हैं।


बच्चे को दफनाने के बाद स्वास्थ्यकर्मी खुद को इस तरह सैनिटाइज करते हुए। 


बच्चे को दफनाने के बाद स्वास्थ्यकर्मी खुद को इस तरह सैनिटाइज करते हुए। 

Follow Us:
Download App:
  • android
  • ios