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उत्तराखंड के नए CM की शादी की तस्वीर, जानिए क्या करती हैं पत्नी-बेटी, जिन्होंने बताए तीरथ सिंह के सीक्रेट

First Published Mar 10, 2021, 3:00 PM IST
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देहरादून (उत्तराखंड). त्रिवेंद्र सिंह रावत के इस्तीफा देने के बाद दिल्ली में बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व ने उत्तराखंड की कमान पौड़ी गढ़वाल से सांसद तीरथ सिंह रावत को सौंपने का फैसला किया। बुधवार को तमाम राजनीतिक चर्चाओं के बीच  RSS के प्रांत प्रचारक रहे तीरथ सिंह रावत ने राज्य के मुख्यमंत्री रूप में शपथ ग्रहण की। आज सुबह ही राज्य में भाजपा के विधायक दल की बैठक में  तीरथ सिंह को उत्तराखंड का मुख्यमंत्री चुन लिया गया था। जिसके बाद पार्टी पर्यवेक्षकों रमन सिंह, दुष्यंत गौतम और रेखा वर्मा की मौजूदगी में तीरथ सिंह रावत के नाम पर अंतिम मुहर लगाई। रावत के राजनीतिक सफर को यहां तक पहुंचने में उनकी पत्नी का भी बड़ा योगदान है। सीएम का नाम ऐलान होने के बाद उनकी पुरानी तस्वीरें भी वायरल होने लगी हैं। सोशल साइट के जरिए उनकी शादी की फोटो भी निकलकर सामने आई है। आइए जानते हैं आखिर क्या करती हैं नए सीएम की पत्नी....
 


सीएम तीरथ सिंह रावत की पत्नी डॉ रश्मि त्यागी हैं। जो कि देहरादून के डीएवी पीजी कॉलेज में मनोविज्ञान की प्रोफेसर हैं। पति को राज्य का मुखिया बनने पर उन्होंने और बेटी लोकांक्षा ने एक दूसरे को मिठाई खिलाकर अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि मुझे मुझे पहले से ही अंदाजा था कि उनकी क्षमताओं और योग्यता को देखते हुए उन्हें कोई बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। 


सीएम तीरथ सिंह रावत की पत्नी डॉ रश्मि त्यागी हैं। जो कि देहरादून के डीएवी पीजी कॉलेज में मनोविज्ञान की प्रोफेसर हैं। पति को राज्य का मुखिया बनने पर उन्होंने और बेटी लोकांक्षा ने एक दूसरे को मिठाई खिलाकर अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि मुझे मुझे पहले से ही अंदाजा था कि उनकी क्षमताओं और योग्यता को देखते हुए उन्हें कोई बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। 


 डॉ रश्मि त्यागी रावत ने अपने पति को सबसे अलग बताते हुए कहा वह हमेशा कहते हैं कि ''जो मैं हूं दुनिया को पता है जरूरी नहीं कि शो किया जाए'। इतना ही नहीं उन्होंने उनकी गाड़ी पर कोई पद के नाम की नेमप्लेट तक नहीं लगी है। एक पॉलिटिशियन होकर भी वो सबसे अलग सोचते हैं और जमीन पर रहने वाले व्यक्ति हैं यही उनकी सबसे बड़ी क्वालिटी है।’  'तीरथ जी नरम स्वभाव के होने का मतलब यह नहीं कि वह सख्त नहीं हैं। उनके अंदर नेतृत्व के गुण हैं। वह प्रशासनिक रूप से बेहद सक्षम और योग्य हैं'।


 डॉ रश्मि त्यागी रावत ने अपने पति को सबसे अलग बताते हुए कहा वह हमेशा कहते हैं कि ''जो मैं हूं दुनिया को पता है जरूरी नहीं कि शो किया जाए'। इतना ही नहीं उन्होंने उनकी गाड़ी पर कोई पद के नाम की नेमप्लेट तक नहीं लगी है। एक पॉलिटिशियन होकर भी वो सबसे अलग सोचते हैं और जमीन पर रहने वाले व्यक्ति हैं यही उनकी सबसे बड़ी क्वालिटी है।’  'तीरथ जी नरम स्वभाव के होने का मतलब यह नहीं कि वह सख्त नहीं हैं। उनके अंदर नेतृत्व के गुण हैं। वह प्रशासनिक रूप से बेहद सक्षम और योग्य हैं'।


पिता को सीएम बनाए जाने को लेकर उनकी बेटी  लोकांक्षा रावत ने कहा कि अगर मुझे पापा को कोई काम बताना होगा तो वह सबसे पहले पापा से कहेंगी कि प्रदेश में   बेरोजगारी को खत्म करने और रोजगार बढ़ाने के लिए काम करें। ताकि युवाओं को नौकरी के नए अवसर मिल सकें। लोकांक्षा सेंट जोजेफ्स एकेडमी में 10वीं की छात्रा हैं। सुबह अपनी मां के साथ परीक्षा देकर लौटी हैं।


पिता को सीएम बनाए जाने को लेकर उनकी बेटी  लोकांक्षा रावत ने कहा कि अगर मुझे पापा को कोई काम बताना होगा तो वह सबसे पहले पापा से कहेंगी कि प्रदेश में   बेरोजगारी को खत्म करने और रोजगार बढ़ाने के लिए काम करें। ताकि युवाओं को नौकरी के नए अवसर मिल सकें। लोकांक्षा सेंट जोजेफ्स एकेडमी में 10वीं की छात्रा हैं। सुबह अपनी मां के साथ परीक्षा देकर लौटी हैं।


बता दें कि डॉ रश्मि त्यागी की राजनीति में कोई दिलचस्पी नहीं है फिर भी वह अपनी पति की जीत के लिए हर चुनाव में प्रचार करने के लिए जाती हैं। सोशल मीडिया पर वह एक्टिव रहती हैं और देश में चल रहे मुद्दों पर अपनी राय रखती हैं। वह एक शिक्षक के अलावा सामाज सेवी भी हैं, जो कि सामाजिक जनसमस्याओं के निराकरण हेतू निर्देशन एवं परामर्शी के रूप मे कार्य करती हैं।


बता दें कि डॉ रश्मि त्यागी की राजनीति में कोई दिलचस्पी नहीं है फिर भी वह अपनी पति की जीत के लिए हर चुनाव में प्रचार करने के लिए जाती हैं। सोशल मीडिया पर वह एक्टिव रहती हैं और देश में चल रहे मुद्दों पर अपनी राय रखती हैं। वह एक शिक्षक के अलावा सामाज सेवी भी हैं, जो कि सामाजिक जनसमस्याओं के निराकरण हेतू निर्देशन एवं परामर्शी के रूप मे कार्य करती हैं।


तीरथ सिंह रावत तीन भाई हैं। सबसे बड़े भाई जसवंत सिंह रावत पूर्व सैनिक हैं। वह पौड़ी के सीरों गांव में ही रहते हैं। दूसरे भाई कुलदीप सिंह रावत प्राइवेट सेक्टर में जॉब करते हैं। वह देहरादून के क्लेमेंटटाउन क्षेत्र में निवास करते हैं। वह 1985 से देहरादून में रह रहे हैं। तीनों में तीरथ सिंह रावत सबसे छोटे भाई हैं।


तीरथ सिंह रावत तीन भाई हैं। सबसे बड़े भाई जसवंत सिंह रावत पूर्व सैनिक हैं। वह पौड़ी के सीरों गांव में ही रहते हैं। दूसरे भाई कुलदीप सिंह रावत प्राइवेट सेक्टर में जॉब करते हैं। वह देहरादून के क्लेमेंटटाउन क्षेत्र में निवास करते हैं। वह 1985 से देहरादून में रह रहे हैं। तीनों में तीरथ सिंह रावत सबसे छोटे भाई हैं।


तीरथ सिंह रावत का जन्म 9 अप्रैल 1964 पौड़ी गढ़वाल में हुआ था, रावत तीन भाई हैं, सबसे बड़े भाई जसवंत सिंह रावत पूर्व सैनिक हैं। वह पौड़ी के सीरों गांव में ही रहते हैं। दूसरे भाई कुलदीप सिंह रावत प्राइवेट सेक्टर में जॉब करते हैं। वह देहरादून के क्लेमेंटटाउन क्षेत्र में निवास करते हैं। तीनों के पिता का नाम कलाम सिंह रावत है। 


तीरथ सिंह रावत का जन्म 9 अप्रैल 1964 पौड़ी गढ़वाल में हुआ था, रावत तीन भाई हैं, सबसे बड़े भाई जसवंत सिंह रावत पूर्व सैनिक हैं। वह पौड़ी के सीरों गांव में ही रहते हैं। दूसरे भाई कुलदीप सिंह रावत प्राइवेट सेक्टर में जॉब करते हैं। वह देहरादून के क्लेमेंटटाउन क्षेत्र में निवास करते हैं। तीनों के पिता का नाम कलाम सिंह रावत है। 


तीरथ सिंह रावतसाल 1983 से 1988 तक राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रचारक रहे और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् (उत्तराखंड) के संगठन मंत्री और राष्ट्रीय मंत्री रहे। छात्र संघ मोर्चा (उत्तर प्रदेश) में प्रदेश उपाध्यक्ष रहे। भारतीय जनता युवा मोर्चा (उत्तर प्रदेश) के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य रहे। साल 1997-2002 तक उत्तर प्रदेश विधानसभा के सदस्य रहे है। साल 2000 में नए राज्य उत्तराखंड के पहले शिक्षा मंत्री चुने गए थे। साल 2012 में चौबटाखाल विधान सभा से विधायक बने। 2012 में रावत चौबटाखाल विधानसभा से विधायक चुने गए और साल 2013 में वो बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बनाए गए थे।


तीरथ सिंह रावतसाल 1983 से 1988 तक राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रचारक रहे और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् (उत्तराखंड) के संगठन मंत्री और राष्ट्रीय मंत्री रहे। छात्र संघ मोर्चा (उत्तर प्रदेश) में प्रदेश उपाध्यक्ष रहे। भारतीय जनता युवा मोर्चा (उत्तर प्रदेश) के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य रहे। साल 1997-2002 तक उत्तर प्रदेश विधानसभा के सदस्य रहे है। साल 2000 में नए राज्य उत्तराखंड के पहले शिक्षा मंत्री चुने गए थे। साल 2012 में चौबटाखाल विधान सभा से विधायक बने। 2012 में रावत चौबटाखाल विधानसभा से विधायक चुने गए और साल 2013 में वो बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बनाए गए थे।


सांसद तीरथ सिंह रावत ने आज से 23 साल पहले दिसंबर 1998 में डॉ रश्मि त्यागी के साथ अरेंज मैरिज की थी।  कुछ महीने पहले ही उन्होंने अपने विवाह के 22वीं वर्षगांठ मनाई है।


सांसद तीरथ सिंह रावत ने आज से 23 साल पहले दिसंबर 1998 में डॉ रश्मि त्यागी के साथ अरेंज मैरिज की थी।  कुछ महीने पहले ही उन्होंने अपने विवाह के 22वीं वर्षगांठ मनाई है।


सांसद तीरथ सिंह रावत की बेटी लोकांक्षा रावत अपनी मां डॉ रश्मि त्यागी रावत को मिठाई खिलाती हुई।


सांसद तीरथ सिंह रावत की बेटी लोकांक्षा रावत अपनी मां डॉ रश्मि त्यागी रावत को मिठाई खिलाती हुई।

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