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60 साल से गुफा में रहे फक्कड़ बाबा निकले 'करोड़पति', राम मंदिर को दिए 1 करोड़ दान..बैंक वाले भी हैरान

First Published Jan 31, 2021, 3:23 PM IST
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ऋषिकेश (उत्तराखंड). अयोध्या में बनने वाले भव्य राम मंदिर के निर्माण के लिए धन संचय अभियान जारी है। जिसको लेकर भक्तों का उत्साह भी देखने को मिल रहा है। जहां वह अपनी श्रद्धा से ज्यादा भगवान के इस काज में चंदा दे रहे हैं। इसी बीच ऋषिकेश के एक 83 साल के संत ने अपने आराध्य के धाम के बनने के लिए एक करोड़ रुपए का दान दिया है। जिसने भी सुना कि एक बाबा ने इतनी राशि दान की है तो वह हैरान रह गया। उनसे मिलने वालों का तांता लगा हुआ है। आज इन बाबा के बारे में आज हर कोई चर्चा कर रहा है। आइए जानते हैं इन संत के बारे में...


दरअसल, एक करोड़ रुपए की राशि देने वाली इन संत का नाम संत स्‍वामी शंकर दास है। जो पिछले 60 वर्षों से ऋषिकेश में नीलकंठ महादेव मंदिर को जाने वाले रास्ते पर पड़ने वाली एक गुफा में गुफा में रहकर भगवान राम की भक्ति कर रहे हैं। बता दें कि एक संत के जरिए इतनी राशि अब तक सबसे ज्यादा राशि है, जिसने राम मंदिर के निमार्ण के लिए दान की है। स्‍वामी शंकर दास ने बताया कि उनके गुरु टाट वाले बाबा की गुफा में मिलने वाले श्रद्धालुओं के अनुदान से उन्‍होंने यह रकम जुटाई है।
 


दरअसल, एक करोड़ रुपए की राशि देने वाली इन संत का नाम संत स्‍वामी शंकर दास है। जो पिछले 60 वर्षों से ऋषिकेश में नीलकंठ महादेव मंदिर को जाने वाले रास्ते पर पड़ने वाली एक गुफा में गुफा में रहकर भगवान राम की भक्ति कर रहे हैं। बता दें कि एक संत के जरिए इतनी राशि अब तक सबसे ज्यादा राशि है, जिसने राम मंदिर के निमार्ण के लिए दान की है। स्‍वामी शंकर दास ने बताया कि उनके गुरु टाट वाले बाबा की गुफा में मिलने वाले श्रद्धालुओं के अनुदान से उन्‍होंने यह रकम जुटाई है।
 


संत स्‍वामी शंकर दास से मिलने वालों का इस समय लाइन लगी रहती है। वहीं यमकेश्वर से बीजेपी विधायक ऋतु खंडूरी अपने कार्यकर्ताओं के साथ स्वामी जी से मिलने के लिए पहुंची। जहां उन्होंने संत के लिए एक करोड़ का दान देने के लिए धन्यवाद किया।


संत स्‍वामी शंकर दास से मिलने वालों का इस समय लाइन लगी रहती है। वहीं यमकेश्वर से बीजेपी विधायक ऋतु खंडूरी अपने कार्यकर्ताओं के साथ स्वामी जी से मिलने के लिए पहुंची। जहां उन्होंने संत के लिए एक करोड़ का दान देने के लिए धन्यवाद किया।


आसपास के इलाके के लोग स्वामी शंकर दास को फक्कड़ बाबा के नाम से बुलाते हैं। बाबा ने कहा कि वह यह दान गुप्त तौर पर करना चाहते थे। लेकिन दान की राशि जाहिर इसलिए करना पड़ी ताकि देश के लोगों में भगवान के मंदिर में चंदा देने के लिए प्रेरणा मिले।
 


आसपास के इलाके के लोग स्वामी शंकर दास को फक्कड़ बाबा के नाम से बुलाते हैं। बाबा ने कहा कि वह यह दान गुप्त तौर पर करना चाहते थे। लेकिन दान की राशि जाहिर इसलिए करना पड़ी ताकि देश के लोगों में भगवान के मंदिर में चंदा देने के लिए प्रेरणा मिले।
 


स्वामी शंकर दास ने मीडिया से बात करते हुए  कहा कि 90 के दशक के में उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव को पत्र लिखा था कि वे राम मंदिर पर तीन दिन में समझौता करवा सकते हैं। जिसके बाद पीएम की तरफ से एक सीबीआई की टीम भी आई थी।
 


स्वामी शंकर दास ने मीडिया से बात करते हुए  कहा कि 90 के दशक के में उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव को पत्र लिखा था कि वे राम मंदिर पर तीन दिन में समझौता करवा सकते हैं। जिसके बाद पीएम की तरफ से एक सीबीआई की टीम भी आई थी।
 

जब स्‍वामी शंकर दास जी ने मंदिर के लिए 1 करोड़ की सहायता राशि देने के लिए ऋषिकेश के स्‍टेट बैंक ऑफ इंडिया पहुंचे हुए थे। जहां उन्होंने बैंक के कर्मचारी को 1 करोड़ का चेक थमाया तो सब दंग रह गए। उन्हें यकीन नहीं हुआ कि एक बाबा जी इतना दान कर सकते हैं। इसके लिए बैंक कर्मचारी ने उनका फिर से अकाउंट चेक किया। इसके बाद बैंक ने स्थानीय  RSS के पदाधिकारी को इस बारे में सूचना दी। जिसके बाद नगर कार्यवाह कृष्ण कुमार सिंघल बैंक पहुंचे और स्‍वामी शंकर दास का चेक राम मंदिर के खाते में जमा करवाया। साथ में उनको दान की रसीद भी दी।

जब स्‍वामी शंकर दास जी ने मंदिर के लिए 1 करोड़ की सहायता राशि देने के लिए ऋषिकेश के स्‍टेट बैंक ऑफ इंडिया पहुंचे हुए थे। जहां उन्होंने बैंक के कर्मचारी को 1 करोड़ का चेक थमाया तो सब दंग रह गए। उन्हें यकीन नहीं हुआ कि एक बाबा जी इतना दान कर सकते हैं। इसके लिए बैंक कर्मचारी ने उनका फिर से अकाउंट चेक किया। इसके बाद बैंक ने स्थानीय  RSS के पदाधिकारी को इस बारे में सूचना दी। जिसके बाद नगर कार्यवाह कृष्ण कुमार सिंघल बैंक पहुंचे और स्‍वामी शंकर दास का चेक राम मंदिर के खाते में जमा करवाया। साथ में उनको दान की रसीद भी दी।

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