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जब एक पानवाला हुआ 'अंतरिक्ष यात्री' का बड़ा फैन, जानिए राकेश शर्मा से जुड़ीं 10 दिलचस्प बातें
13 जनवरी को भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री विंग कमांडर(रिटायर्ड) राकेश शर्मा का जन्मदिन है। दुनिया के 138वें अंतरिक्ष यात्री रहे राकेश शर्मा का जन्म 1949 को पंजाब के पटियाला में हुआ था। ये 2 अप्रैल, 1984 को दो अन्य सोवियत अंतरिक्षयात्री के साथ 8 दिन अंतरिक्ष में रहे थे। यह भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन और सोवियत संघ के इंटरकॉसमॉस कार्यक्रम का संयुक्त अंतरिक्ष अभियान था। राकेश शर्मा मैसूर स्थित डिफेंस फूड रिसर्च लैब (Defense Food Research Lab) की मदद से हलवा, आलू छोले और सब्जी पुलाव अंतरिक्ष में लेकर गए थे। जब इंदिरा गांधी ने उनसे पूछा था कि अंतरिक्ष से भारत कैसा दिखता है, तो उन्होंने जवाब दिया था-सारे जहां से अच्छा। उन्होंने बताया था कि अंतरिक्ष से सूर्योदय और सूर्यास्त बेहतरीन नजर आता है। आगे पढ़िए कुछ अन्य बातें...

यह तस्वीर है राकेश शर्मा की, जिन्होंने अंतरिक्ष की सैर की थी। 80 के दशक में जब सोवियत संघ ने तत्कालीन इंदिरा गांधी को प्रस्ताव दिया कि अंतरिक्ष मिशन पर दो भारतीयों को भेजा जा सकता है। तब राकेश शर्मा के साथ रवीश मल्होत्रा का भी चयन हुआ था, लेकिन वे बैकअप में थे। आगे पढ़िए राकेश शर्मा के फैन के बारे में...
(मिशन पर जाने से पहलेअपने परिजनों के साथ राकेश शर्मा)
अहमदाबाद में पानी की दुकान चलाने वाले किशन सिंह को अंतरिक्ष विज्ञान में गहरी रुचि थी। वे राकेश शर्मा के फैन हो गए। उन्होंने राकेश शर्मा को एक पत्र भेजा। राकेश शर्मा ने उन्हें जवाब दिया। इसके बाद किशन सिंह उन्हें लगातार खत लिखते रहे। 2010 में राकेश शर्मा विशेषतौर पर किशन सिंह से मिलने अहमदाबाद आए थे। आगे पढ़िए राकेश शर्मा से जुड़ीं कुछ बातें...
कहते हैं कि पूत के पांव पालने में नजर आते हैं। राकेश शर्मा के बारे में भी यही कह सकते हैं। उन्हें बचपन से ही साइंस में रुचि थी। वे खेल-खेल में इलेक्ट्रोनिक चीजों का पोस्टमार्टम करके उनकी मैकेनिज्म समझने की कोशिश करते थे।
(अपने साथ रूसी अंतरिक्ष यात्रियों के साथ राकेश शर्मा)
राकेश शर्मा पहले ऐसे व्यक्ति कहे जा सकते हैं, जिन्होंने योग को अंतरिक्ष तक पहुंचाया। उन्होंने अंतरिक्ष में मानसिक तनाव (space sickness) से छुटकारा पाने शून्य गुरुत्वाकर्षण योग (zero gravity yoga) की मदद ली थी।
(राकेश शर्मा का एक पुराना फोटो)
राकेश शर्मा पहले ऐसे भारतीय हैं, जिन्हें अपने रूसी सह अंतरिक्ष यात्री यूरी मालिशेव और जिनाडी स्ट्रेकालोव के साथ सोवियत संघ के पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
राकेश शर्मा जब बचपन में हवाई जहाज उड़ते देखते थे, तो उनके मन में आसमान छूने की तमन्ना होती थी। उन्होंने हैदराबाद की उस्मानिया यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया।
(राकेश शर्मा का एक पुराना फोटो)
1966 में एनडीए पास कर राकेश शर्मा इंडियन एयर फोर्स में कैडेट बने। राकेश शर्मा ने 1970 में भारतीय वायु सेना को ज्वाइन किया था। उस समय उनकी उम्र 21 साल थी।
(तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के साथ राकेश शर्मा)
राकेश शर्मा 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान चर्चा में आए थे। उस समय उन्होंने मिग एअर क्रॉफ्ट के जरिये दुश्मनों पर हमला करके छक्के छुड़ा दिए थे।
(यह तस्वीर 15 अप्रैल, 1984 की है, जब राकेश शर्मा अंतरिक्ष से लौटे थे, क्रेडिट-स्पूतनिक)
राकेश शर्मा को उनकी उपलब्धियों के लिए अशोक चक्र से सम्मानित किया गया था। विंग कमांडर के पद से रिटायर होने के बाद हिन्दुस्तान एयरोनाटिक्स लिमिटेड में परीक्षण विमानचालक के रूप में काम किया।
दुनिया में भारत का सिर फक्र से ऊंचा करने वाले राकेश शर्मा अभी तमिलनाडु के नीलगिरी जिले के हिल स्टेशन कूनूर में रहते हैं।
फोटो क्रेडिट-Rajesh Karkera/Rediff.com
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