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20 साल से कमरे में बंद थी महिला, तीन मंजिला घर से 60 तोला मिला सोना, फिर भी परिवार ने नहीं अपनाया

First Published Jan 7, 2021, 9:30 AM IST
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गुजरात (Gujarat) ।  तीन मंजिला मकान से एक 65 साल की महिला को आखिरकार बाहर निकाला गया। उसकी हालत देख लोग हैरान हो गए। इतना ही नहीं, उसके कमरे से 60 तोला सोना मिला है,जबकि उसकी मानसिक हालत ठीक नहीं है। वहीं, भतीजे ने उसे अपनाने से मना कर दिया। यह घटना राजकोट शहर की है। जहां आसपास के लोग बताते हैं कि 20 साल से महिला कमरे में बंद थी। 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राजकोट शहर कंचनबेन नाम की महिला रहती थी। वो शादी नहीं की थी और वह अपने तीन मंजिला मकान के एक छोटे से कमरे में रह रही थीं। 
 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राजकोट शहर कंचनबेन नाम की महिला रहती थी। वो शादी नहीं की थी और वह अपने तीन मंजिला मकान के एक छोटे से कमरे में रह रही थीं। 
 

पड़ोसी उनके कमरे के बाहर खाना रख देते थे। खाना लेकर कंचनबेन कमरे में चली जाती थीं और बहुत कम ही बाहर निकलती थीं।
 

पड़ोसी उनके कमरे के बाहर खाना रख देते थे। खाना लेकर कंचनबेन कमरे में चली जाती थीं और बहुत कम ही बाहर निकलती थीं।
 

पड़ोसियों ने इसकी जानकारी राजकोट की सामाजिक कार्यकर्ता जल्पाबेन पटेल को दिया। जिन्होंने अपनी टीम के साथ कंचनबेन के घर पहुंची और उसे कमरे से बाहर निकाला।
 

पड़ोसियों ने इसकी जानकारी राजकोट की सामाजिक कार्यकर्ता जल्पाबेन पटेल को दिया। जिन्होंने अपनी टीम के साथ कंचनबेन के घर पहुंची और उसे कमरे से बाहर निकाला।
 

 टीम के मुताबिक कंचनेन बिना कपड़ों की थीं। उनके बाल भी करीब 8 फीट तक बढ़ गए थे। कमरा पूरी तरह से गंदा था और बदबू आने लगी थी। उनके घर के एक कमरे से 60 तोला सोना भी मिला है।

 टीम के मुताबिक कंचनेन बिना कपड़ों की थीं। उनके बाल भी करीब 8 फीट तक बढ़ गए थे। कमरा पूरी तरह से गंदा था और बदबू आने लगी थी। उनके घर के एक कमरे से 60 तोला सोना भी मिला है।

जल्पाबेन ने बताया कि काफी कोशिशों के बाद कंचनबेन के सगे भतीजे का नंबर मिला। उनसे फोन पर बात भी की गई, लेकिन उन्होंने कंचनबेन को अपनाने से मना कर दिया। इसलिए अब उन्हें सूरत के मानव मंदिर वृद्धाश्रम भेज दिया गया।

जल्पाबेन ने बताया कि काफी कोशिशों के बाद कंचनबेन के सगे भतीजे का नंबर मिला। उनसे फोन पर बात भी की गई, लेकिन उन्होंने कंचनबेन को अपनाने से मना कर दिया। इसलिए अब उन्हें सूरत के मानव मंदिर वृद्धाश्रम भेज दिया गया।

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