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पत्नी से इतने दुखी हुए BJP सांसद कि रोने लगे, कहा-पॉलिटिक्स ने मेरा 10 साल का प्यार छीन लिया..सब खत्म

First Published Dec 22, 2020, 11:32 AM IST
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कोलकाता. इस समय किसान आंदोलन के बाद मीडिया की नजरें पश्चिम बंगाल की सियासत पर टिकी हुईं हैं। विधानसभा चुनाव पास आते ही यहां की राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। जहां टीएमसी के विधायक एक-एक करके रोज बीजेपी ज्वाइन कर रहे हैं। इसी बाची एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है, जहां बीजेपी सांसद सौमित्र खान की पत्नी सुजाता मंडल ममता दीदी की पार्टी में शामिल हो गई।  पत्नी के टीएमसी में जाने पर सांसद बेहद दुखी हैं, सोमवार को वह  पत्रकारों से बात करते हुए रोने लगे और अपना दुखड़ा सुनाया। कहा कि इस पॉलिटिक्स के चलते मेरा परिवार टूट गया, पत्नी से 10 सालों का रिश्ता खत्म हो गया। पढ़िए पती-पत्नी और पॉलिटिक्स की दर्दभरी कहानी...
 


पत्नी सुजाता मंडल खान के तृणमूल कांग्रेस में शामिल होने पर इतने दुखी हुए बीजेपी सांसद सौमित्र खान कि उनको तलाक देने लगे। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में रोते हुए कहा कि अब उनका परिवार खत्म हो गया है, जल्द ही अदालत में तलाक के लिए पेपर्स फाइल करेंगे। टीएमसी ने मेरा घर बर्बाद कर दिया, मुझसे मेरी पत्नी छीन ली है। मैं अब और मेहनत से बीजेपी का साथ दूंगा।


पत्नी सुजाता मंडल खान के तृणमूल कांग्रेस में शामिल होने पर इतने दुखी हुए बीजेपी सांसद सौमित्र खान कि उनको तलाक देने लगे। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में रोते हुए कहा कि अब उनका परिवार खत्म हो गया है, जल्द ही अदालत में तलाक के लिए पेपर्स फाइल करेंगे। टीएमसी ने मेरा घर बर्बाद कर दिया, मुझसे मेरी पत्नी छीन ली है। मैं अब और मेहनत से बीजेपी का साथ दूंगा।


वहीं पति के तलाक देने पर मीडिया ने जब पत्नी सुजाता मंडल खान से बात की। उन्होंने कहा कि सौमित्र पता नहीं किसी बातों में आकर ऐसी बातें कर रहे हैं। कभी ऐसा हुआ कि पति-पत्नी के अलग-अलग राजनीतिक पार्टियों में जाने से उनका सात जन्मों का रिश्ता खराब हुआ है। देश में कई ऐसे उदाहरण हैं जहां पति-पत्नी तो क्या मां-बेटे विचार धारा को लेकर अलग  रहते हैं। लेकिन उनके प्यार में कभी कोई कमी नहीं आई।


वहीं पति के तलाक देने पर मीडिया ने जब पत्नी सुजाता मंडल खान से बात की। उन्होंने कहा कि सौमित्र पता नहीं किसी बातों में आकर ऐसी बातें कर रहे हैं। कभी ऐसा हुआ कि पति-पत्नी के अलग-अलग राजनीतिक पार्टियों में जाने से उनका सात जन्मों का रिश्ता खराब हुआ है। देश में कई ऐसे उदाहरण हैं जहां पति-पत्नी तो क्या मां-बेटे विचार धारा को लेकर अलग  रहते हैं। लेकिन उनके प्यार में कभी कोई कमी नहीं आई।


सुजाता ने कहा कि वह सौमित्र को आखिर सांस तक अपना पति मानती रहेंगी। क्योंकि पति-पत्नी का रिश्ता किसी कागज पर नहीं टिका होता है। मैंने कभी भी सौमित्र का बुरा नहीं चाहा है और ना ही चाहूंगी। मुझे अपनी पत्नी मानें या ना मानें मैं तो उनकी जिंदगी भर अपना सुहाग मानती रहूंगी। उनके नाम का मंगलसूत्र और सिंदूर माथे पर लगाती रहूंगी। मेरी हर सांस में उनका नाम लिखा है।
 


सुजाता ने कहा कि वह सौमित्र को आखिर सांस तक अपना पति मानती रहेंगी। क्योंकि पति-पत्नी का रिश्ता किसी कागज पर नहीं टिका होता है। मैंने कभी भी सौमित्र का बुरा नहीं चाहा है और ना ही चाहूंगी। मुझे अपनी पत्नी मानें या ना मानें मैं तो उनकी जिंदगी भर अपना सुहाग मानती रहूंगी। उनके नाम का मंगलसूत्र और सिंदूर माथे पर लगाती रहूंगी। मेरी हर सांस में उनका नाम लिखा है।
 


इतना ही नहीं सुजाता अपने परिवार में आई दरार के पीछे भारतीय जनता पार्टी का हाथ बताया। उन्होंने कहा-बीजेपी एक लालची पार्टी है, वह बंगाल में सत्ता के लिए कुछ भी कर सकती है। एक परिवार तो कई हजारों लाखों परिवार की बलि दे देगी। 
 


इतना ही नहीं सुजाता अपने परिवार में आई दरार के पीछे भारतीय जनता पार्टी का हाथ बताया। उन्होंने कहा-बीजेपी एक लालची पार्टी है, वह बंगाल में सत्ता के लिए कुछ भी कर सकती है। एक परिवार तो कई हजारों लाखों परिवार की बलि दे देगी। 
 


सोमवार को टीएमसी में शामिल होने के बाद सुजाता मंडल ने कई परिवार का उदाहरण देते हुए कहा कि हम बंगाल की बात करें तो बीजेपी के जो राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं मुकुल रॉय थे तो उनका बेटा टीएमसी में था। जब बाप-बेटे के रिश्ते में दरार नहीं आई तो पति-पत्नी में क्या आएगी। इसके अलावा हाल ही में शुभेंदु अधिकारी भाजपा में शामिल हुए हैं, जबकि उनके पिता और अन्य परिवार टीएमसी के लिए काम कर रहे हैं। वहीं देश के अन्य ऐसे कई राजनेता हैं जिनके एक घर से कई पार्टियां संचालित होती हैं।


सोमवार को टीएमसी में शामिल होने के बाद सुजाता मंडल ने कई परिवार का उदाहरण देते हुए कहा कि हम बंगाल की बात करें तो बीजेपी के जो राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं मुकुल रॉय थे तो उनका बेटा टीएमसी में था। जब बाप-बेटे के रिश्ते में दरार नहीं आई तो पति-पत्नी में क्या आएगी। इसके अलावा हाल ही में शुभेंदु अधिकारी भाजपा में शामिल हुए हैं, जबकि उनके पिता और अन्य परिवार टीएमसी के लिए काम कर रहे हैं। वहीं देश के अन्य ऐसे कई राजनेता हैं जिनके एक घर से कई पार्टियां संचालित होती हैं।

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