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74 साल की उम्र में महिला ने दिया जुड़वा बच्चों को जन्म, 57 साल पहले हुई थी शादी

First Published Sep 5, 2019, 8:19 PM IST
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गुंटूर.(आंध्र प्रदेश) कहते हैं जीवन में एक आशा की किरण हो तो सब कुछ मिल जाता है। ऐसा ही एक अजब-गजब मामला सामने आया है जिसे जानकर आपको हैरानी होगी। गुंटूर शहर के एक अस्पताल में गुरुवार को 74 साल की एक महिला ने जुड़वां बच्चों को जन्म दिया है। जो सबके लिए चौंकाने वाला है।

जिस महिला ने इन बच्चों को जन्म दिया है उनका नाम है मंगायम्मा है। उन्होंने आईवीएफ प्रक्रिया के जरिए गर्भ धारण गरुवार को जुड़वां बच्चों को जन्म दिया। चार डॉक्टरों की टीम ने मिलकर उनका सिजेरियन ऑपरेशन किया है। डॉक्टरों अनुसार मां और बच्चे दोनों का स्वास्थ है।

जिस महिला ने इन बच्चों को जन्म दिया है उनका नाम है मंगायम्मा है। उन्होंने आईवीएफ प्रक्रिया के जरिए गर्भ धारण गरुवार को जुड़वां बच्चों को जन्म दिया। चार डॉक्टरों की टीम ने मिलकर उनका सिजेरियन ऑपरेशन किया है। डॉक्टरों अनुसार मां और बच्चे दोनों का स्वास्थ है।

उनकी शादी 57 साल पहले एक किसान यरमसेत्ती राजाराव के साथ हुई थी। करीब एक दशक से बच्चे के लिए उनका इलाज चल रहा था। लेकिन वह मां नहीं बन पा रहीं थी। इसके बाद उन्होंने एक नर्सिग होम में आईवीएफ विशेषज्ञों से संपर्क किया।

उनकी शादी 57 साल पहले एक किसान यरमसेत्ती राजाराव के साथ हुई थी। करीब एक दशक से बच्चे के लिए उनका इलाज चल रहा था। लेकिन वह मां नहीं बन पा रहीं थी। इसके बाद उन्होंने एक नर्सिग होम में आईवीएफ विशेषज्ञों से संपर्क किया।

पति-पत्नी दोनों आईवीएफ एक्सपर्ट डॉ.सनक्कायला उमाशंकर से मिलीं। डॉक्टरों ने उनकी माइनर सर्जरी की और अन्य महिला का यूट्रस उनके शरीर में ट्रांसप्लांट किया। जनवरी में सफलता मिली। मंगायम्मा के गर्भवती होने की पुष्टि हुई।

पति-पत्नी दोनों आईवीएफ एक्सपर्ट डॉ.सनक्कायला उमाशंकर से मिलीं। डॉक्टरों ने उनकी माइनर सर्जरी की और अन्य महिला का यूट्रस उनके शरीर में ट्रांसप्लांट किया। जनवरी में सफलता मिली। मंगायम्मा के गर्भवती होने की पुष्टि हुई।

मंगायम्मा ने कहा, मीडिया से बात करते हुए कहा- कि “मुझे लगता था कि मैं बिना अपने बच्चों को देखे अंतिम सांस लूंगी, लेकिन पड़ोस में 55 साल की एक महिला ने एक बच्चे को जन्म दिया तो इसके बाद मेरी सोची बदली। उसने मुझे आईवीएफ तकनीक से मां बनने की सलाह दी। मैंने पति को इसके लिए मनाया और आज मैं बेहद खुश हूं।

मंगायम्मा ने कहा, मीडिया से बात करते हुए कहा- कि “मुझे लगता था कि मैं बिना अपने बच्चों को देखे अंतिम सांस लूंगी, लेकिन पड़ोस में 55 साल की एक महिला ने एक बच्चे को जन्म दिया तो इसके बाद मेरी सोची बदली। उसने मुझे आईवीएफ तकनीक से मां बनने की सलाह दी। मैंने पति को इसके लिए मनाया और आज मैं बेहद खुश हूं।

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