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90 फीट बोरवेल में गिरे 4 साल के बच्चे को 18 घंटे बाद निकाला गया बाहर,ऐसे चलाया गया रेस्क्यू ऑपरेशन

First Published May 7, 2021, 11:32 AM IST
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जालोर ( Rajasthan)  । नए खोदे गए 90 फीट के बोरवेल में गुरुवार को गिरे 4 वर्ष का बच्चे को करीब 18 घंटे में किसी तरह सुरक्षित निकाल लिया गया। बता दें कि खोदे गए बोरवेल के ऊपर से लोहे की तगारी से ढका हुआ था। जिसे बच्चा खेल-खेल में इसे हटाकर अंदर देख रहा था। तभी, पैर फिसलने से वह अंदर जा गिरा था। जिसे बचाने के लिए एनडीआरएफ की टीम जुटी हुई थी। यह घटना लाछड़ी गांव में नगाराम देवासी के खेत की है।
 

बताते चले कि गुरुवार की सुबह करीब सवा दस बजे नगाराम के चार वर्ष का बेटा अनिल खेलते हुए बोरवेल को अंदर से देखने का प्रयास करने लगा। इस दौरान पैर फिसलने से वह अंदर जा गिरा। निकट ही खड़ा एक परिजन उसे अंदर गिरते देख जोर से चिल्लाया। लेकिन, तब तक काफी देर हो चुकी थी।

बताते चले कि गुरुवार की सुबह करीब सवा दस बजे नगाराम के चार वर्ष का बेटा अनिल खेलते हुए बोरवेल को अंदर से देखने का प्रयास करने लगा। इस दौरान पैर फिसलने से वह अंदर जा गिरा। निकट ही खड़ा एक परिजन उसे अंदर गिरते देख जोर से चिल्लाया। लेकिन, तब तक काफी देर हो चुकी थी।

सूचना मिलने पर प्रशासन हरकत में आ गया। बच्चा बोरवेल में नजर आ रहा था,जो कुछ बोल भी रहा है। ऐसे में आनन-फानन में ऑक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था की और एक नली के माध्यम से बोरवेल में ऑक्सीजन छोड़ना शुरू कराया। 

सूचना मिलने पर प्रशासन हरकत में आ गया। बच्चा बोरवेल में नजर आ रहा था,जो कुछ बोल भी रहा है। ऐसे में आनन-फानन में ऑक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था की और एक नली के माध्यम से बोरवेल में ऑक्सीजन छोड़ना शुरू कराया। 

प्रशासन ने बच्चे की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए बोरवेल में कैमरा डाला। फिर, रस्सी से पानी की बोतल पहुंचाया, जिसके बाद बच्चे ने पानी पिया।
 

प्रशासन ने बच्चे की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए बोरवेल में कैमरा डाला। फिर, रस्सी से पानी की बोतल पहुंचाया, जिसके बाद बच्चे ने पानी पिया।
 


गांव के लोगों ने पहले देसी जुगाड़ से बच्चे को निकालने की कोशिश की। उन्होंने 10 फीट ऊपर तक बच्चे को खींचा भी, लेकिन वह छूट गया और वापस वह वहीं पहुंच गया। जिसके बाद अजमेर और गांधीनगर से आई एनडीआरएफ की टीम को रेस्क्यू ऑपरेशन जुटी। लेकिन, नाकाम रही।


गांव के लोगों ने पहले देसी जुगाड़ से बच्चे को निकालने की कोशिश की। उन्होंने 10 फीट ऊपर तक बच्चे को खींचा भी, लेकिन वह छूट गया और वापस वह वहीं पहुंच गया। जिसके बाद अजमेर और गांधीनगर से आई एनडीआरएफ की टीम को रेस्क्यू ऑपरेशन जुटी। लेकिन, नाकाम रही।

एनडीआरएफ टीम को कामयाबी नहीं मिली तो बच्चे के परिजनों और लोगों ने जिला कलेक्टर से निवेदन किया कि स्थानीय व्यक्ति माधाराम की मदद ली जाए। जिसने सुथार, कुका मेड़ा आदि की मदद से करीब 25 मिनट में किसी तरह से बच्चे को बाहर निकाल लिया।

एनडीआरएफ टीम को कामयाबी नहीं मिली तो बच्चे के परिजनों और लोगों ने जिला कलेक्टर से निवेदन किया कि स्थानीय व्यक्ति माधाराम की मदद ली जाए। जिसने सुथार, कुका मेड़ा आदि की मदद से करीब 25 मिनट में किसी तरह से बच्चे को बाहर निकाल लिया।

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