बेबसी: पिता के अंतिम संस्कार में मां की चूड़ियां लेकर पहुंचा बेटा, दूर से पापा को देख बिलखती रही बेटी

First Published 26, May 2020, 7:58 AM

अजमेर. कोरोना का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। रोज इससे मरने वालों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। राजस्थान के अजमेर शहर में पिछले 24 घंटे दो बुजुर्गों की इस महामारी के चलते मौत हो गई। दोनों शवों का शहर के ऋषि घाटी मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार कर दिया गया। जब यह शव श्मशान घाट ले जाए गए तो उस दौरान एहतियातन के तौर पर रास्ते पर चलने वाले वाहनों को रोक दिया गया।
 

<p>बता दें की मरने वालों में एक बुर्जुग अजमेर का रहने वाला है तो दूसरा गुजरात का निवासी है। दोनों को डायबिटीज, बीपी सहित किडनी की भी बीमारी थी। जहां एक वृद्ध पैर में दर्द के चलते 15 मई को जेएलएन अस्पताल पहुंचा था। तो दूसरा 21 मई को बेसुध अवस्था में हॉसपिटल में भर्ती हुआ था। दोनों की जब कोरोना जांच की गई तो उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। गुजरात निवासी का बुजुर्ग का बेटा जब &nbsp;मुक्तिधाम में &nbsp;मां की चूड़ियां लेकर पहुंचा तो वहां हर किसी की आंखें नम हो गईं। वहीं मृतक की बेटी दूर से अपने पिता &nbsp;के शव को देखकर रोती रही।<br />
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बता दें की मरने वालों में एक बुर्जुग अजमेर का रहने वाला है तो दूसरा गुजरात का निवासी है। दोनों को डायबिटीज, बीपी सहित किडनी की भी बीमारी थी। जहां एक वृद्ध पैर में दर्द के चलते 15 मई को जेएलएन अस्पताल पहुंचा था। तो दूसरा 21 मई को बेसुध अवस्था में हॉसपिटल में भर्ती हुआ था। दोनों की जब कोरोना जांच की गई तो उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। गुजरात निवासी का बुजुर्ग का बेटा जब  मुक्तिधाम में  मां की चूड़ियां लेकर पहुंचा तो वहां हर किसी की आंखें नम हो गईं। वहीं मृतक की बेटी दूर से अपने पिता  के शव को देखकर रोती रही।
 

<p>दोनों मृतकों के परिजन चाहकर भी उनके पास नहीं जा सके और ना ही उनका अंतिम बार चेहरा देख सके। &nbsp;मुक्तिधाम के बाहर से ही शवों के अंतिम दर्शन कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।</p>

दोनों मृतकों के परिजन चाहकर भी उनके पास नहीं जा सके और ना ही उनका अंतिम बार चेहरा देख सके।  मुक्तिधाम के बाहर से ही शवों के अंतिम दर्शन कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

<p>कोरोना ने ऐसे दिन ला दिए हैं कि मृतकों के बेटे उनका अंतिम संस्कार तक नहीं कर सके। बस दूर से ही अपने पिता के दर्शन करते रहे, स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पीपीई किट पहनकर उनका अंतिम संस्कार किया।<br />
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कोरोना ने ऐसे दिन ला दिए हैं कि मृतकों के बेटे उनका अंतिम संस्कार तक नहीं कर सके। बस दूर से ही अपने पिता के दर्शन करते रहे, स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पीपीई किट पहनकर उनका अंतिम संस्कार किया।
 

<p>&nbsp;मृतक की मौत के बाद शव को अजमेर के ऋषि घाटी मुक्तिधाम पर ले जाते हुए नगर निगम के कर्मचारी।</p>

 मृतक की मौत के बाद शव को अजमेर के ऋषि घाटी मुक्तिधाम पर ले जाते हुए नगर निगम के कर्मचारी।

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