भावुक मंजर: अंतिम सफर पर निकले पिता को देखकर मचल उठा 3 साल का मासूम
झुंझुनूं, राजस्थान. इस मासूम को नहीं मालूम कि उसके पिता क्यों नहीं उठ रहे। वो अंतिम सफर पर जाने के लिए अर्थी पर लेटे पिता के पास जाने को मचलता रहा। भावुक करने वाला यह मंजर चिड़ावा शहर के पास सुलताना कस्बे में शनिवार को दिखाई दिया। यहां रहने वाले सीआरपीएफ के जवान विकास डारा का 21 नवंबर को एक्सीडेंट हो गया था। शुक्रवार को इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। शनिवार सुबह उनका शव रायपुर से दिल्ली और फिर सुलताना के गांव किशोरपुरा लाया गया। यहां मासूम बेटे ने अंतिम संस्कार किया। अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ हुआ। पढ़िए पूरी खबर...

विकास डारा 2014 में सीआरपीएफ में भर्ती हुए थे। वे बालाघाट में 208 कोबरा बटालियन में तैनात थे। 21 नवंबर की रात करीब 8 बजे वे बालाघाट से जगदलपुर जा रहे थे। तभी एक बाइक सवार को बचाने के चक्कर में उनकी टुकड़ी की गाड़ी पलट गई थी। हादसे में विकास के अलावा 2 अन्य जवान गंभीर रूप से घायल हुए थे। सबको इलाज के लिए रायपुर ले जाया गया था। यहां विकास का निधन हो गया।
विकास 11 अगस्त को छुट्टी पर गांव आए थे। उनके चाचा की शादी थी। वे करीब 15 दिन गांव में रहे। इसके बाद ड्यूटी पर लौट गए।
विकास के परिवार बेटे के अलावा मां, पत्नी अंजू हैं। जवान के बड़े भाई राजेश डारा किसानी करते हैं। इनके पिता का 15 महीने पहले ही निधन हुआ था।
जवान का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया गया।
जवान विकास डारा को अंतिम सलामी देते पुलिस के जवान।
शहीद का अंतिम संस्कार उसके तीन साल के बेटे ने किया।
अंतिम संस्कार के वक्त गांव में उमड़ी भीड़।
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