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सावधान: क्या आपके मरीज को भी तो नहीं लग रहा गलत Remdisivir इंजेक्शन, ऐसे करें असली-नकली की पहचान

First Published Apr 27, 2021, 11:39 AM IST
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ट्रेंडिंग डेस्क : कोरोना वायरस तेजी से पूरी दुनिया में फैल रहा है। इसके गंभीर मरीजों के इलाज में एंटी-वायरल ड्रग रेमडेसिविर दिया जा रहा है। लेकिन इंजेक्शन की शॉर्टेज के चलते इसकी कालाबाजारी चरम पर है। इंजेक्शन के लिए लंबी-लंबी कतारें अस्पतालों और मेडिकल स्टोर के बाहर लगी हुई है। लेकिन इंजक्शन कहीं भी नहीं मिल रहा है। ऐसे में बाजार में नकली Remdisivir इंजेक्शन की सप्लाई भी की जा रही है।  कई शहरों से नकली रेमडिसिविर के साथ लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है। मरीज के लिए ये एक नकली रेमडिसिविर जानलेवा साबित हो सकता है। ऐसे में आप कैसे पता लगाए, कि आपके मरीज को लगने वाला इंजेक्शन असली है या नकली ? आइए आपको बताते हैं।

ध्यान से देखें इंजेक्शन का पैकेट
1.मेडिकल या कहीं से भी Remdisivir इंजेक्शन लेने से पहले उसकी शीशी को अच्छे से देखें। असली रेमडेसिविर के पैकेट पर इंजेक्शन के नाम से ठीक पहले ‘Rx‘ लिखा हुआ होता है, जबकि नकली दवाई के पैकेट पर ये नहीं लिखा है।

ध्यान से देखें इंजेक्शन का पैकेट
1.मेडिकल या कहीं से भी Remdisivir इंजेक्शन लेने से पहले उसकी शीशी को अच्छे से देखें। असली रेमडेसिविर के पैकेट पर इंजेक्शन के नाम से ठीक पहले ‘Rx‘ लिखा हुआ होता है, जबकि नकली दवाई के पैकेट पर ये नहीं लिखा है।

2. ध्यान से देखने पर पता चलता है, कि पैकेट पर लिखावट में भी अंतर है। असली पैकेट पर ‘100 mg/Vial’ लिखा हुआ है, जबकि नकली पैकेट पर ‘100 mg/vial’ लिखा हुआ है। यानी केवल Capital V का अंतर है।

2. ध्यान से देखने पर पता चलता है, कि पैकेट पर लिखावट में भी अंतर है। असली पैकेट पर ‘100 mg/Vial’ लिखा हुआ है, जबकि नकली पैकेट पर ‘100 mg/vial’ लिखा हुआ है। यानी केवल Capital V का अंतर है।

3. इतना ही नहीं पैकेट पर जो  ‘For use in’ लिखा हुआ है, उसमें भी Capital और Small का अंतर है। असली पैकेट पर F कैपिटल में, जबकि नकली पैकेट पर f Small में लिखा है। 
 

3. इतना ही नहीं पैकेट पर जो  ‘For use in’ लिखा हुआ है, उसमें भी Capital और Small का अंतर है। असली पैकेट पर F कैपिटल में, जबकि नकली पैकेट पर f Small में लिखा है। 
 

4. अक्सर हमने दवाई या इंजेक्शन की पीछे एक चेतावनी लिखी देखी होगी। इस इंजेक्शन में भी इस तरह की चेतावनी लिखी है। लेकिन अगर चेतावनी लेबल (‘Warning’ Label) लाल रंग का है, तो ये असली है। जबकि नकली इंजेक्शन में काले रंग से चेतावनी की लेबल लगा है।

4. अक्सर हमने दवाई या इंजेक्शन की पीछे एक चेतावनी लिखी देखी होगी। इस इंजेक्शन में भी इस तरह की चेतावनी लिखी है। लेकिन अगर चेतावनी लेबल (‘Warning’ Label) लाल रंग का है, तो ये असली है। जबकि नकली इंजेक्शन में काले रंग से चेतावनी की लेबल लगा है।

5. नकली रेमडेसिविर के पैकेट पर ‘Warning’ लेबल के ठीक नीचे मुख्य सूचना में (ब्रांड नाम) ‘Covifir’ is manufactured under the licence from Gilead Sciences, Inc’ नहीं लिखा है। जबकि असली इंजेक्शन में ये लिखा हुआ है।

5. नकली रेमडेसिविर के पैकेट पर ‘Warning’ लेबल के ठीक नीचे मुख्य सूचना में (ब्रांड नाम) ‘Covifir’ is manufactured under the licence from Gilead Sciences, Inc’ नहीं लिखा है। जबकि असली इंजेक्शन में ये लिखा हुआ है।

6. आखिर में आप इस शीशी के पैकेट में देखेंगे की इसमें पूरे पते की स्पेलिंग भी गलत लिखी है। नकली पैकेट पर ‘Telangana‘ की जगह ‘Telagana‘ लिखा हुआ है।

6. आखिर में आप इस शीशी के पैकेट में देखेंगे की इसमें पूरे पते की स्पेलिंग भी गलत लिखी है। नकली पैकेट पर ‘Telangana‘ की जगह ‘Telagana‘ लिखा हुआ है।

मैसेज से करें असली और नकली की पहचान
आप असली या नकली Remdisivir इंजेक्शन का पता SMS के जरिए भी लगा सकते हैं। इसके लिए आपको अपने फोने से दवा के पैकेट में लिखे मेडिसिन कोड को टाइप करके 9901099010 पर सेंड करना है। थोड़ी देर में एक मैसेज आएगा, जिसमें दवाई की सभी जानकारी आप मिल जाएगी।

मैसेज से करें असली और नकली की पहचान
आप असली या नकली Remdisivir इंजेक्शन का पता SMS के जरिए भी लगा सकते हैं। इसके लिए आपको अपने फोने से दवा के पैकेट में लिखे मेडिसिन कोड को टाइप करके 9901099010 पर सेंड करना है। थोड़ी देर में एक मैसेज आएगा, जिसमें दवाई की सभी जानकारी आप मिल जाएगी।

वेबसाइट के जरिए करें पहचान
इसके अलावा आप  verify.pharmasecure.com पर जाकर भी असली या नकली दवाई का पता लगा सकते हैं। इसके लिए इस साइट पर जाकर आपको अपने देश और मोबाइल नंबर के साथ ही दवाई का कोड लिखना है। इसके बाद वर्ड का वेरिफिरेशन करना है। अगर दवाई रजिस्टर है तो उसकी सारी जानकारी सामने आ जाएगी।

वेबसाइट के जरिए करें पहचान
इसके अलावा आप  verify.pharmasecure.com पर जाकर भी असली या नकली दवाई का पता लगा सकते हैं। इसके लिए इस साइट पर जाकर आपको अपने देश और मोबाइल नंबर के साथ ही दवाई का कोड लिखना है। इसके बाद वर्ड का वेरिफिरेशन करना है। अगर दवाई रजिस्टर है तो उसकी सारी जानकारी सामने आ जाएगी।