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देश के 4 बड़े डॉक्टरों ने कोरोना पर जो बातें बताईं, उन्हें जानकर संक्रमण और मौत के डर से बच सकते हैं
भारत में कोरोना तेजी से पैर पसार रहा है। ऐसे में लोग डरे हुए हैं। सरकार और डॉक्टर्स के बताए सुझाव के जरिए खुद को स्वस्थ्य रखने की कोशिश कर रहे हैं। देश के चार प्रमुख डॉक्टर्स ने कोरोना को लेकर जनता से शांत रहने की अपील की। इन डॉक्टर्स में एम्स (नई दिल्ली) के निदेशक डॉक्टर रणदीप गुलेरिया और मेदांता ग्रुप के अध्यक्ष डॉक्टर नरेश त्रेहान शामिल थे। इनके अलावा हेल्थ सर्विस के डीजी डॉक्टर सुनील कुमार और एम्स में डिपार्टमेंट ऑफ मेडिसिन के एचओडी डॉक्टर नवीन विग भी शामिल थे।

भारत में पिछले 24 घंटे में COVID19 के 3,52,991 नए मामले आने के बाद कुल पॉजिटिव मामलों की संख्या 1,73,13,163 हुई। 2812 नई मौतों के बाद कुल मौतों की संख्या 1,95,123 हो गई है। देश में सक्रिय मामलों की कुल संख्या 28,13,658 है और डिस्चार्ज हुए मामलों की कुल संख्या 1,43,04,382 है। देश में कोरोना वायरस की कुल 14,19,11,223 वैक्सीन लगाई जा चुकी है।
घर पर ठीक हो रहे हैं ज्यादातर मरीज: डॉक्टर गुलेरिया
एम्स के डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया ने जनता से ऑक्सीजन सिलेंडर या रेमडीसिविर इंजेक्शन न लगाने की अपील की। उन्होंने कहा कि 85-90 प्रतिशत लोगों को हल्का बुखार और संक्रमण है, जो घर पर ही ठीक हो रहे हैं। सिर्फ 10-15 प्रतिशत लोग गंभीर बीमार पड़ रहे हैं और उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती कराया जा रहा है। डॉक्टर गुलेरिया ने कहा कि अधिकांश मरीज बिना हॉस्पिटल में भर्ती हुए, स्टेरॉयड, रेमडीसिविर या ऑक्सीजन सिलेंडर के बिना ठीक हो सकते हैं।
रेमडीसिविर इंजेक्शन कब लेना चाहिए?
डॉक्टर गुलेरिया ने बताया कि अगर कोरोना संक्रमित मरीज का ऑक्सीजन लेवल 94 से नीचे आ गया है तो उसे रेमडीसिविर इंजेक्शन की जरूरत पड़ती है।
ऑक्सीजन सिलेंडर की कब जरूरत होगी?
डॉक्टर गुलेरिया ने कहा कि ये मत सोचिए कि जैसे ही आपकी रिपोर्ट कोविड -19 पॉजिटिव आएगी वैसी ही आपको ऑक्सीजन सिलेंडर की जरूरत पड़ेगी। अगर खून में ऑक्सीजन 94 या 95 है तो ऑक्सीजन की कोई जरूरत नहीं है।
कोरोना में सबसे बड़ी चिंता क्या है?
डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने कहा, अगर हम मौजूदा स्थिति के बारे में बात करते हैं तो घबराहट होती है। लोग रेमडीसिविर, ऑक्सीजन सिलेंडर जमा कर रहे हैं, जिसकी वजह से कमी हो रही है।
योग करने से सांस की समस्या सही होगी: डॉक्टर त्रेहान
डॉक्टर नरेश त्रेहान ने कहा कि हर किसी को डबल-मास्किंग, सोशल डिस्टेंसिंग और लगातार हाथ धोने और सफाई का ख्याल रखते हुए अपनी रक्षा करनी होगी। उन्होंने लोगों को योग करने की सलाह दी। कहा कि अनुलोम विलोम प्राणायाम से फेफड़ों को स्वस्थ रखा जा सकता है।
कोरोना का लक्षण होने पर सबसे पहले क्या करें?
डॉक्टर त्रेहान ने कहा कि कोरोना लक्षणों का अनुभव हो तो सबसे पहले हॉस्पिटल नहीं जाना चाहिए। किसी स्थानीय डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। घर पर सही से ट्रीटमेंट करने पर 90 प्रतिशत लोग ठीक हो चुके हैं। डॉक्टर नरेश त्रेहान ने कहा कि हॉस्पिटल उन मरीजों के लिए है जिनके पास आइसोलेशन की सुविधा नहीं है।
कोरोना में कितनी बढ़ी ऑक्सीजन की खपत?
ऑक्सीजन की कमी पर मेदांता ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स के एमडी ने कहा कि भारत में अस्पतालों की मेडिकल ऑक्सीजन की खपत 1500-2000 मीट्रिक टन प्रतिदिन थी। यह अब 7000-8000 मीट्रिक टन प्रति दिन हो गई है। यह उत्पादन की क्षमता से अधिक है।
व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी से बचे: डॉक्टर सुनील कुमार
डॉक्टर सुनील कुमार ने कहा कि लोगों को फैक्ट्स पर विश्वास करना चाहिए और घबराना नहीं चाहिए। व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी पर ध्यान देने से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि ट्रांसमिशन को रोकने के लिए केवल दो तरीके हैं, वैक्सीनेशन और कोविड गाइडलाइन का पालन
कोविड चेन को तोड़ना एकमात्र लक्ष्य: डॉक्टर विग
एम्स में मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर और एचओडी डॉक्टर विग ने कहा कि अगर हम लोगों को बचाना चाहते हैं तो हमें स्वास्थ्य कर्मचारियों को बचाने की जरूरत है। उन्होंने कहा, अगर स्वास्थ्य कर्मियों को बचाया जाता है तो देश बच जाएगा। कोविड चेन को तोड़ना एकमात्र लक्ष्य होना चाहिए।
कोविड टेस्ट नहीं होने पर क्या करना चाहिए?
डॉक्टर विग ने कहा कि अगर कोरोना का लक्षण दिख रहा है, लेकिन टेस्ट नहीं हो पा रहा है तो घबराने की जरूरत नहीं है। घर पर खुद को आइसोलेट कर लें।
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