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TLP क्या है, इनकी कौन सी 3 बड़ी मांग है, जिसे लेकर पूरे पाकिस्तान में मचा बवाल, 7 दिन में 18 की मौत
इस्लामाबाद. पाकिस्तान (Pakistan) में एक ऐसा ग्रुप सक्रिय हो चुका है, जिसने पाकिस्तान सरकार को घुटनों पर ला दिया है। इमरान खान (Imran Khan) को लाचार कर दिया है। नाम है TLP यानी तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (Tehreek-e-Labbaik Pakistan)। ये ग्रुप कितना ज्यादा खतरनाक है, इसका अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि कुछ ही दिनों में इससे जुड़े लोगों ने पूरे पाकिस्तान में उत्पात मचा दिया है। सरकार बातचीत का प्रस्ताव दे रही है, लेकिन ये अपनी मांगों पर अड़े हैं। इनके लोग किसी की हत्या करने में कोई नरमी नहीं बरतते हैं। टीएलपी के हमलों में अबतक 7 पुलिसवालों की मौत हो चुकी है। टीएलपी की तीन बड़ी मांग क्या है, जिसे लेकर पूरे पाकिस्तान में हंगामा...?

टीएलपी क्या है, कब बनाई गई?
तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान एक इस्लामी चरमपंथी राजनीतिक दल है। पार्टी की स्थापना खादिम हुसैन रिजवी ने अगस्त 2015 में की थी। यह 2018 के पाकिस्तानी आम चुनाव में पांचवीं सबसे बड़ी पार्टी बन गई, लेकिन नेशनल असेंबली और पंजाब विधानसभा में कोई भी सीट नहीं जीत सकी। तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान ईशनिंदा कानून में किसी भी बदलाव का विरोध करती है। इमरान सरकार के मंत्री असद उमर ने कहा कि टीएलपी आतंकी संगठन की तरह व्यवहार कर रहा है। उसे दूसरे देशों का समर्थन है।
टीएलपी की तीन बड़ी मांग है
पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मोईद यूसुफ ने कहा कि प्रतिबंधित इस्लामी ग्रुप तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (टीएलपी) ने लाल रेखा को पार कर लिया है और सरकारों का धैर्य खत्म होने लगा है। टीएलपी के हजारों सदस्य कई मांगों के साथ पाकिस्तान की सड़कों पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, जिसमें एक मांग उनके कैद नेता साद रिजवी की रिहाई, फ्रांसीसी सामानों पर रोक और पाकिस्तान में फ्रांसीसी राजदूत को बाहर निकालना शामिल है।
4 साल में तीसरा बड़ा विरोध
यह 2017 के बाद से टीएलपी का तीसरा बड़ा विरोध प्रदर्शन है। पाक के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मोईद यूसुफ ने कहा, टीएलपी पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी। सरकारी संपत्ति को नष्ट किया। आतंकवादियों के साथ बिना किसी नरमी के व्यवहार किया जाएगा। टीएलपी के संस्थापक खादिम रिजवी के बेटे साद रिजवी को पिछले अप्रैल में पंजाब सरकार ने हिरासत में लिया था।
एक हफ्ते में 18 लोगों की मौत
विरोध प्रदर्शनों में मरने वालों की संख्या अब बढ़कर 18 हो गई है। एक हफ्ते के अंदर पुलिस से झड़प के बाद से 11 टीएलपी कार्यकर्ताओं और 7 पुलिसकर्मियों की मौत हो गई। कुछ दिनों पहले सरकार ने इस ग्रुप को शांत करने के लिए 350 टीएलपी कार्यकर्ताओं को रिहा किया था।
टीएलपी और पुलिस के बीच संघर्ष लाहौर से लगभग 50 किलोमीटर दूर साधोक में शुरू हुआ। हजारों टीएलपी प्रदर्शनकारियों ने जीटी रोड के साथ मुरीदके और गुजरांवाला के बीच तीन दिनों से डेरा डाला है। इसके बाद इस्लामाबाद की ओर मार्च शुरू किया।
नोट- इस न्यूज में इस्तेमाल की गईं तस्वीरें अप्रैल 2021 की है, तब भी टीएलसी ने विरोध प्रदर्शन किया था।
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