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कार में बैठे 5 बच्चों का दम घुटा, अब तक 4 की मौत, गेट ऑटोलॉक होने से नहीं मिल पाया ऑक्सीजन

First Published May 7, 2021, 7:54 PM IST
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बागपत ( Uttar Pradesh) । कार में बैठे 5 बच्चों में 4 की दम घुटने से मौत हो गई, जबकि 1 की हालत नाजुक बताई जा रही है। पुलिस के मुताबिक घर के बाहर खड़ी कार में बच्चे बैठ गए थे। कार में ऑटोलॉक होने के चलते गेट बंद हो गया था। जिससे बच्चों को ऑक्सीजन नहीं मिल पाई। वहीं, परिजनों ने कार के मालिक पर लापरवाही का आरोप लगाया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। यह घटना चांदीनगर इलाके के सिगौली तगा गांव में शुक्रवार को हुई। 

सिगौली तगा गांव गांव निवासी हैप्पी पुत्र राजकुमार के घर के पास बाहर उनकी गाड़ी टाटा टिगोर खड़ी थी। दोपहर में पड़ोस के पांच बच्चे खेलते हुए गाड़ी में बैठ गए। कुछ देर बाद सेंट्रल लाक लग गया और बच्‍चे अंदर फंस गए। बच्चों ने बाहर निकलने का प्रयास किया होगा, लेकिन निकल नहीं सके। घर में किसी के नहीं होने पर बच्चों के बारे में किसी को जानकारी नहीं मिल सकी।

सिगौली तगा गांव गांव निवासी हैप्पी पुत्र राजकुमार के घर के पास बाहर उनकी गाड़ी टाटा टिगोर खड़ी थी। दोपहर में पड़ोस के पांच बच्चे खेलते हुए गाड़ी में बैठ गए। कुछ देर बाद सेंट्रल लाक लग गया और बच्‍चे अंदर फंस गए। बच्चों ने बाहर निकलने का प्रयास किया होगा, लेकिन निकल नहीं सके। घर में किसी के नहीं होने पर बच्चों के बारे में किसी को जानकारी नहीं मिल सकी।

करीब दो घंटे बाद बच्चों को तलाशते हुए परिजन घर पहुंचे तो बच्चों को देखकर उनके रोंगटे खड़े हो गए। लोगों ने कार मालिक हैप्पी को बुलाकर गाड़ी खुलवाई तो संदीप की आठ वर्ष की बेटी दीपा व छह वर्ष की बेटी वंदना के साथ विकास के आठ वर्ष के बेटे अक्षय और चार वर्षीय कृष्णा की मौत हो चुकी थी। प्रशांत के आठ साल के बेटे शिवांग को गंभीर हालत में अस्पताल भर्ती कराया। 
 

करीब दो घंटे बाद बच्चों को तलाशते हुए परिजन घर पहुंचे तो बच्चों को देखकर उनके रोंगटे खड़े हो गए। लोगों ने कार मालिक हैप्पी को बुलाकर गाड़ी खुलवाई तो संदीप की आठ वर्ष की बेटी दीपा व छह वर्ष की बेटी वंदना के साथ विकास के आठ वर्ष के बेटे अक्षय और चार वर्षीय कृष्णा की मौत हो चुकी थी। प्रशांत के आठ साल के बेटे शिवांग को गंभीर हालत में अस्पताल भर्ती कराया। 
 

पुलिस के मुताबिक बच्चे खेल-खेल में घर के बाहर खड़ी कार में बैठ गए थे। ऑटोलॉक होने के चलते गेट बंद हो गया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। गाड़ी गांव के ही हैप्पी पुत्र राजकुमार की है। बच्चों के परिजनों ने आरोप लगाया है कि ये घटना कार के मालिक की लापरवाही से हुई है। मामले में कार के मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा रही है।

पुलिस के मुताबिक बच्चे खेल-खेल में घर के बाहर खड़ी कार में बैठ गए थे। ऑटोलॉक होने के चलते गेट बंद हो गया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। गाड़ी गांव के ही हैप्पी पुत्र राजकुमार की है। बच्चों के परिजनों ने आरोप लगाया है कि ये घटना कार के मालिक की लापरवाही से हुई है। मामले में कार के मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सिविल अस्पताल लखनऊ के डॉ एनबी सिंह का कहना है कि गर्मी के दिनों में देर तक गाड़ी धूप में खड़ी हो तो उसका तापमान बाहर के तापमान से और ज्यादा होता है। ऐसे में यदि कॉर के गेट ऑटोलॉक हो जाएं तो वहां दम घुंटने लगता है। गेट बंद होने से बच्चों को ऑक्सीजन नहीं मिली होगी, उनके दम घुंटने की यही बड़ी वजह रही होगी। हालांकि पोस्टमार्टम के बाद ही मौत की असली वजह सामने आ पाएगी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सिविल अस्पताल लखनऊ के डॉ एनबी सिंह का कहना है कि गर्मी के दिनों में देर तक गाड़ी धूप में खड़ी हो तो उसका तापमान बाहर के तापमान से और ज्यादा होता है। ऐसे में यदि कॉर के गेट ऑटोलॉक हो जाएं तो वहां दम घुंटने लगता है। गेट बंद होने से बच्चों को ऑक्सीजन नहीं मिली होगी, उनके दम घुंटने की यही बड़ी वजह रही होगी। हालांकि पोस्टमार्टम के बाद ही मौत की असली वजह सामने आ पाएगी।

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